A close-up, high-angle shot of an adult's hand holding a newborn baby's hand against a soft, neutral background. In the upper center, there is a circular inset graphic showing a wooden gavel resting on a thick stack of currency notes, symbolizing legal or financial themes related to childcare.
A close-up, high-angle shot of an adult's hand holding a newborn baby's hand against a soft, neutral background. In the upper center, there is a circular inset graphic showing a wooden gavel resting on a thick stack of currency notes, symbolizing legal or financial themes related to childcare.

Summary: प्रेग्नेंसी लीव नहीं मिली और गई बच्चे की जान, जानिए कोर्ट ने कंपनी पर कितने करोड़ का ठोका जुर्माना

प्रेग्नेंसी लीव न मिलने से बच्चे की मौत के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। महिला की शिकायत पर कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर करोड़ों रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।

Work From Home Pregnancy Case: जब कोई बच्चा जन्म लेता है, तो मां का भी नया जीवन शुरू होता है। कई बार कामकाजी महिलाएं अपने बच्चे की देखभाल के लिए घर से काम करने या कुछ दिन छुट्टी लेने की मांग करती हैं। लेकिन अगर किसी कंपनी की “हां” या “ना” की वजह से बच्चे की जान को खतरा हो जाए, तो इससे बड़ा दुख और कुछ नहीं हो सकता। ऐसा ही कुछ एक मां के साथ हुआ। उसने जन्म के साथ ही अपने बच्चें को खो दिया क्योंकि कंपनी की पॉलिसी ने मदद नहीं की। इस दुख के बाद उसने कोर्ट में शिकायत की और अब कोर्ट के आदेश के बाद उसे बड़ा मुआवजा मिलने वाला है। लेकिन इस पूरे मामले में सवाल यह उठता है कि क्या कंपनी की नियमावली बच्चों की जान से ज्यादा जरूरी थी? आइए जानते हैं पूरा मामला।

A tender, close-up photograph of a pair of adult hands gently cradling a newborn baby's tiny feet. The lighting is soft and warm, focusing on the detail of the baby's toes and the protective gesture of the adult hands.
America’s Work From Home Pregnancy Case

अमेरिका के ओहियो से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जिसने कामकाजी महिलाओं और ऑफिस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चेल्सी वॉल्श नाम की महिला 2021 में प्रेग्नेंट थीं और उनकी प्रेगनेंसी हाई रिस्क वाली थी। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने और घर से काम करने की सलाह दी। लेकिन जब चेल्सी ने यह मांग अपनी कंपनी से की, तो कंपनी ने इसे रिजेक्ट कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने चेल्सी से साफ कह दिया कि या तो ऑफिस आओ या बिना सैलरी के छुट्टी लो। इससे उनकी सैलरी और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों खतरे में थे। मजबूरी में चेल्सी को डॉक्टर की सलाह के बावजूद ऑफिस जाना पड़ा। उन्होंने 22 फरवरी से काम शुरू किया और लगातार तीन दिन ऑफिस गईं।

A wide shot of a woman with curly hair sitting on a bed with blue pillows, smiling warmly while cradling a newborn baby in her arms
Work From Home Pregnancy Case

24 फरवरी को अचानक चेल्सी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। दुख की बात यह है कि बच्ची समय से पहले पैदा हुई और कुछ ही घंटों में दुनिया छोड़ गई। दर्दनाक स्थिति यह थी कि कंपनी ने उसी दिन उन्हें घर से काम करने की अनुमति दी, जब प्रसव की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी।

चेल्सी वॉल्श के परिवार ने इस दर्दनाक घटना के बाद कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया। कोर्ट ने कंपनी को दोषी ठहराते हुए 22.5 मिलियन डॉलर (लगभग 180 करोड़ रुपये) का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह मामला प्रेग्नेंसी राइट्स, कर्मचारी सुरक्षा और महिलाओं के हक पर बड़ी बहस को जन्म दे रहा है। यह घटना साफ दिखाती है कि ऑफिस की नीतियों और महिलाओं की सेहत के बीच संतुलन कितना जरूरी है। सही समय पर लिया गया फैसला कई ज़िंदगियों को बचा सकता है।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...