दुखद हिंदी कहानियां : शीर्ष 20 दुखद कहानियों का संग्रह: इस पृष्ठ पर हम लाए हैं उन 20 दर्दनाक कहानियों ( Sad Stories )को जो आपके दिल को छूने वाली हैं। हर कहानी में एक अद्वितीय रूप से रूपांतरित होने वाला दर्द है, जो आपको विचार करने पर मजबूर करता है और जीवन के अस्तित्व की गहराईयों में आपको डालता है। ये कहानियां विभिन्न जीवन स्थितियों और भावनाओं को मुआयना कराती हैं, और हमें सिखाती हैं कि जीवन की कठिनाइयों में भी हमें साहस और सच्चाई की खोज में आगे बढ़ना चाहिए। इस संग्रह के माध्यम से हम दुःख और संवेदनशीलता की अनूठी भावनाओं का अनुभव करेंगे, जो हमारे जीवन को समृद्धि और सहानुभूति की दिशा में परिवर्तित कर सकते हैं।
List of Top 20 Sad Stories in Hindi
1. दुखद हिंदी कहानियां : वो आधा घंटा
2. दुखद हिंदी कहानियां : जीवन में खालीपन
3. दुखद हिंदी कहानियां : अपनेपन की महक
4. दुखद हिंदी कहानियां : दहलीज के उस पार……दूजा मायका
5. दुखद हिंदी कहानियां : रिश्तों को पैसे से ना तोलो
6. दुखद हिंदी कहानियां: रक्षक
7. दुखद हिंदी कहानियां : गठबंधन
8. दुखद हिंदी कहानियां : किन्नर की मां
9. दुखद हिंदी कहानियां : तमाचा
10. दुखद हिंदी कहानियां : छोटी-छोटी बातें
11. दुखद हिंदी कहानियां : मकान को घर बनाने वाली का कोना कौन सा
12. दुखद हिंदी कहानियां : ये मेरे ससुर जी हैं
13. दुखद हिंदी कहानियां : रिश्तों की डायबिटीज
14. दुखद हिंदी कहानियां : मिस ब्यूटी
15. दुखद हिंदी कहानियां : नई माँ
16. दुखद हिंदी कहानियां : पतंग सी बेटी
17. दुखद हिंदी कहानियां : बसन्त ठहर गया
18. दुखद हिंदी कहानियां: पतंग और गफूर चचा
19. दुखद हिंदी कहानियां : काहे को ब्याहे बिदेस
20. दुखद हिंदी कहानियां : जीते जी
1. वो आधा घंटा-दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

वो आधा घंटा-आज सुबह जब पवित्रा टहलने के लिए निकली तब उसे फूल बानो रास्ते में मिल
गई। फूल बानो उसका नाम नहीं था किंतु सोसाइटी में फूल बांटती थी इसलिए सब
उसे फूल बानो कहकर बुलाते थे। एकदम हंसमुख चेहरे वाली फूल बानो को देखकर
सभी को लगता था कितनी ख़ुश रहती है यह, लगता है कभी भी जीवन में इसकी
दुःखों से मुलाकात हुई ही नहीं।
पवित्रा ने कुछ देर रुक कर उससे बातचीत करना शुरू किया और पूछा, “कितने
घरों में फूल देती हो?” read more…
2. जीवन में खालीपन-दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Hindi Life Story: “वीना, अकेली बैठी बरामदे में चावल बीन रही थी अपने जीवन के खालीपन के बारे में सोच कर अपने आँखों के आंसू को पोछ रही थी.
जब से शादी करके इस घर को आयी थी सुकून का एक दिन नही जीया था मायके की याद लगातार आँखों पर छाप जाती है,, तभी दरवाजे पर दस्तक हुई
वीना की मुह बोली बहन,, अरे वीना कैसे हो… read more…
3. अपनेपन की महक-दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

अपनेपन की महक-सोमेश ने घर में घुसते ही सभी को आवाज लगाई ,चलो सभी सुगंधा (सोमेश की पत्नी ) नितिन ( बेटा ) नीति (बेटी) जल्दी इधर आ जाओ ।नए घर का नक्शा बनकर आ गया है, जिसको जो भी चेंज कराने हो अभी बता देना, एक बार नक्शा फाइनल हो गया तो फिर कुछ नहीं हो सकता। read more…
4. दहलीज के उस पार……दूजा मायका -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Sasural Story: मधु हैरान-परेशान अपनी कानों पर उसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसकी अपनी जननी… मां,भाभी के साथ मिलकर उसके बारे में ऐसी बातें करेंगी। ऐसी कौन सी बात मधु ने सुन ली हैरान-परेशान वाली??? इस कहानी की शुरुआत होती है
मायके की लाडली मधु से ही। तीन भाई बहनों में सबसे छोटी मधु इसलिए सबकी लाडली दिन भर चहकती रहती थी, चिड़ियों की तरह । read more…
5. रिश्तों को पैसे से ना तोलो -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

रिश्तों को पैसे से ना तोलो-“हैलो गिरीश बाबू …मैं रानी बोल रही हूँ। रमा बहुत बीमार है। यहाँ के डाॅक्टर को दिखाया तो उन्होंने कहा है की शहर में किसी बड़े डाॅक्टर को दिखाओ। इस सरकारी अस्पताल में उतनी सुविधाएं नहीं हैं। आप क्या कहते हैं बाबू?”
दूसरी तरफ से गिरीश ने कहा “भाभी ये भी कोई पूछने की बात हैं! कल रमा को लेकर यहां आ जाइए। बच्ची का सही समय पर इलाज जरूरी है। मैं बरखा को भी इस बारे में बता दूंगा अभी वो बच्चों के साथ मार्केट गई है।” read more…
6. रक्षक -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

रक्षक-भक्षक-हम मंदिर के प्रांगण में प्रवेश कर चुके थे । चढ़ावे का सामान बेचने वालों की नजर हम पर पड़ चुकी थी । वे बाकड़ों से लगभग लटक-लटककर पूजा की सामग्री अपनी-अपनी दुकान से खरीदने को हमें आमंत्रित कर रहे थे । मैंने पाया कि उनकी हांकों और आमंत्रणों से बेखबर मम्मी की दृष्टि प्रांगण में कुछ और ही खोज रही है । read more…
7. गठबंधन -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Hindi Story: “सुनो! तुम सजती रहना! आँखों के काजल में,होठों की लाली में,झुकती निगाहों में,कपोलों के हया में,वह जरूर मुस्कुरायेेंगे। तुम उनकी यादों में लिपटी खुश तो रह पाओगी।”
“पता नहीं दी! मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा कि वह चले गये हैं।”
“मत करो यकीन उस बात का जिस बात की गवाही आत्मा ना दे!”नेहा जो कि निधि की बड़ी बहन थी उसे समझाये जा रही थी। अभी दस दिन ही बीते थे। ऐसे कैसे पति का अनायास चले जाने को स्वीकार कर लेती। read more…
8. किन्नर की मां -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Kinnar Story: जिस घर में नेहा और आकाश के होने वाले बच्चे की तैयारी में घर भर में खुशियां मनाई जा रही थी, तैयारियां हो रही थी, हर एक सदस्य इस नए मेहमान के आने का इंतजार बेसब्री से कर रहा था, तो आज बच्चा होने पर ऐसा क्या हुआ कि घर भर में उदासी छा गई, हर एक सदस्य आपस में मुंह छिपा रहा था, read more…
9. तमाचा -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Mother’s Love story: “दीदी, मैं नानी बन गयी अभी -अभी रिया के ससुराल से फोन आया है कि उसको बेटा हुआ है” खुशी से सराबोर स्वर में संगीता ने अपनी बड़ी ननद कृष्णा को बताया। खुशखबरी सुनकर कृष्णा फूली नहीं समायी।
रिया उसके छोटे भाई संजीव की बेटी है उसकी शादी 5 वर्ष पूर्व राहुल के साथ हुई थी शादी के 2 वर्ष बाद संतान ना होने पर दोनों ने अपना चेकअप कराया रिया तो माँ बनने के काबिल थी लेकिन राहुल पिता बनने के योग्य नहीं था। read more…
10.छोटी-छोटी बातें -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Family Story in Hindi: फोन की घंटी बजी और शिवानी ने फोन उठाया ,उधर से कोई बोला, भाभी और रोने की आवाज आने लगी। शिवानी ने प्यार से पूछा क्यों रो रहे हो , छोटे बच्चे की तरह ? अमित रोते हुए बोला ,भाभी और फिर सुबकने की आवाज़ आने लगी। शिवानी बोली पहले चुप हो जाओ । अमित थोड़ा शान्त होकर बोला- भाभी, प्लीज भैया को छुड़ा दो । read more…
11.मकान को घर बनाने वाली का कोना कौन सा-दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Hindi Kahaniya: “क्या बताऊँ मम्मी, आजकल तो बासी कढ़ी में भी उबाल आया हुआ है| जबसे पापा जी रिटायर हुए हैं दोनों लोग फिल्मी हीरो हीरोइन की तरह दिन भर अपने बगीचे में ही झूले पर विराजमान रहते हैं| न अपने बालों की सफेदी का लिहाज है न बहू बेटे का, इस उम्र में दोनों मेरी और नवीन की बराबरी कर रहे हैं|” read more…
12.ये मेरे ससुर जी हैं -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Father in Law Story: राज्य सेवा आयोग ने मुझे तहसीलदार के पद के लिए चुन लिया था। नियुक्ति से पहले सभी सेलेक्टेड कैंडिडेट्स का मेडिकल होता है;तो मेरे भी मेडिकल की डेट आ ही गयी थी।
अच्छा ही है सरकार के पैसे पर एक बार पूरी बॉडी का चेक अप हो जाता है ;हींग लगे न फ़िटकरी और चोखा ही चोखा रंग । मैं और ससुर जी दोनों बच्चों सहित मेडिकल के लिए सरकार द्वारा चिन्हित अस्पताल में पहुँच गए थे।यह शहर का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल था । read more…
13.रिश्तों की डायबिटीज -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Family Story: रीता एक सरकारी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थीं तो उनका मायके आना जाना कम ही हो पाता था|
पति विशाल जी भी अच्छी पोस्ट पर थे। तो साल में मात्र एक हफ़्ते के लिए ही वो मायके जा पाती थीं।
बच्चों के कैरियर व पढ़ाई के चलते उनका रक्षाबंधन या भाई दूज पर भी आना जाना नगण्य होता क्योंकि नौकरी और ज़िम्मेदारी उन्हें इसकी अनुमति कम प्रदान करती थी। read more…
14.मिस ब्यूटी -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Beauty Story: शिल्पा दीदी की न्यू फैशन मार्केट में फ़ैन्सी उत्पादों की दुकान थी। साथ ही वो पीकों, रफू, फॉल आदि का कार्य भी करती थी। उनके अगल-बगल पवन फोटो स्टूडियों व नेहा की डिजाइनर सूट्स की दुकान थी। तीनों में मित्रतापूर्ण व्यवहार था।
उस रोज दीदी को नया चश्मा बनवाने जाना था सो उन्हें आने में कुछ देर हो गई। दीदी ने दुकान में प्रवेश किया ही था कि पवन एक झोकें की तरह आ पहुंचा। read more…
15.नई माँ -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Mother Story: राजू पांच वर्ष का बालक था, इसी वर्ष उसका दाखिला विद्यालय में हुआ था।
स्कूल में जैसे ही टिफिन की घंटी बजी सभी बच्चे एक साथ लंच का बॉक्स लिए एक साथ निकले।
रवि भी निकला, वह भी टिफिन खोल के लंच करने लगा।
उसके बगल से शिक्षक गुजरे अरे राजू तुम टिफिन में क्या लाए हो? read more…
16.पतंग सी बेटी -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Makar Sankranti Story: संक्रांति की सुबह का अखबार खोलते ही सरला की खुशी का ठिकाना न था। सोनिया की तस्वीर मुख्यपृष्ठ पर छपी थी। उसे काशी विश्वविद्यालय की ओर से रिसर्च हेतु जर्मनी भेजा जा रहा। साथ ही वहीं नौकरी भी मिली है। उसकी सफलता की खबर पढ़कर सरला की आंखें छलक पड़ीं। इसी बेटी के लिए उसने क्या-कुछ नहीं सुना था। read more…
17.बसन्त ठहर गया -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Basant Story: सरबतिया
ओ ..बिटिया सरबतिया…….अपनी झोपड़ी के दरवाज़े के बाहर ,बड़ी हवेली हवेली वाले राजा ठाकुर के यहाँ काम करने वाले रामधन चच्चा की रौबदार आवाज सुनकर हुमक उठी थी नौ साल की नन्ही सी सरबतिया …….अभी आई चाचा,उसने ख़ुशनुमा आवाज़ में कहा,और दुआ में हाथ ऊपर उठाकर बोली ,”अल्लाह आप बहुत अच्छे हैं।” read more…
18.पतंग और गफूर चचा -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Childhood Story: जैसे ही मुझे ऑफिस से छः दिनों तक ठंड वाली छुट्टी मिली,मैं उसी दिन शाम को ट्रेन पकड़ कर लखनऊ से फूलपुर अपने घर चला आया.दूसरे दिन नहा–धोकर नाश्ता करके मैं गफूर चचा के बरगद के पेड़ की दाहिनी तरफ उनके पतंग वाली लकड़ी की गुमटी के पास पहुंचा तो उसे बंद देख मैने सोचा, कि पता नही आज गफूर चचा के पतंग वाली ये गुमटी बंद क्यूं हैं?
जबकि ये मौसम तो पतंग खरीदने और उड़ाने का सबसे मुफीद मौसम हैं read more…
19.काहे को ब्याहे बिदेस -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Hindi Marriage Story: ‘‘मैं तो भूल चली बाबुल का देश पिया का घर प्यारा लगे।‘‘ इस मशहूर गीत से एक विवाहिता यही संदेश देना चाहती है कि उसे अपने ससुराल मे इतना प्यार दुलार मिल रहा है कि उसे मायके की याद कम ही आती है।
पर क्या यही सच है? “शायद“ नहीं। एक लड़की का मायका उसका स्वाभिमान होता है और जब तक जीवित रहती है वह सब बर्दाशत कर लेती है मगर अपने मायके का भूले से भी अपमान बर्दाशत नहीं करती। चाहे पति ही क्यों न हो। read more…
20. जीते जी -दुखद हिंदी कहानियां: Sad Stories In Hindi

Life Lesson Story: आज रामसहाय की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। उसकी पत्नी की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। वह अपनी पत्नी कान्ति के गुणों का बखान कर बहुत तेज रो रहा था।
वह ऐसी थी उसके रहते हुए मुझे कभी किसी बात की चिंता नहीं थी ।
उसने अपने जीवन में मुझसे कई गुना अधिक जिम्मेदारियां उठाई, सबकी सेवा की, बच्चों का खयाल रखा, घर परिवार सबको संभाला। मैं उसके बिना आज कुछ भी नहीं हूं। वो मुझे भी अपने साथ ले जाती तो अच्छा होता।
अब हम सबका क्या होगा ? read more…
