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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग – 17

Mulla Nasruddin ki kahaniya: उस घटना से अमीर के ख़ज़ाने को बहुत बड़ा घाटा हुआ था । बहाउद्दीन वली के मज़ार पर जितनी दौलत इकट्ठी होती थी, इस बार उसका दसवाँ हिस्सा भी इकट्ठा नहीं हो पाया था। इससे भी बुरी बात यह थी कि लोगों के दिमाग में आज़ाद ख़याली के बीज फिर बो […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग – 16

Mulla Nasruddin ki kahaniya: छत पर बूढ़ा नयाज खाँसता, खरखर साँस लेता कुनमुनाया। उसने नींद भरी आवाज़ में को पुकारकर पानी माँगा ।गुलजान ने धीरे से मुल्ला नसरुद्दीन को दरवाज़े की ओर हल्के से धकेल दिया। वह जीने से हल्के पाँव उतरा और मुँह-हाथ धोकर अपने लबादे के दामन से मुँह पोंछता हुआ फिर लौट […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग – 15

Mulla Nasruddin ki kahaniya: बहुत पुराने ज़माने से कुम्हार बुखारा शहर के पूरबी फाटकों के पास मिट्टी के एक बड़े टीले के आसपास बसे हुए थे। इससे अच्छी जगह वे अपने लिए कहीं तलाश नहीं कर सकते थे। मिट्टी पास ही मिल जाती थी। शहर के परकोटे के नीचे बहने वाली सिंचाई की नहर से […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग – 14

Mulla Nasruddin ki kahaniya: अमीर की अदालत अभी तक जारी थी। जल्लाद कई बार बदले जा चुके थे। बेंत खाने वालों की संख्या बढ़ती चली जा रही थी । दो आदमी सूली पर लटक रहे थे। तीसरे का सिर धड़ से अलग हो चुकासे तर हो चुकी थी। लेकिन कराहने और चीखने की आवाज़ें नींद […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग – 13

Mulla Nasruddin ki kahaniya: तभी उधर से सूदखोर जाफ़र गुज़रा। उसका थैला सोने-चाँदी के ज़ेवरों से फूल रहा था। ये ज़ेवर उसने गुलजान के लिए ख़रीदे थे।एक घंटे का दिया हुआ वक्त ख़त्म हो रहा था। सूदखोर बड़ी बेताबी से जल्दी-जल्दी जा रहा था। लेकिन नसरुद्दीन की नीलामी की आवाज़ सुनते ही वह लालच में […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग – 12

Mulla Nasruddin ki kahaniya: सुबह की अपेक्षा इस समय बाज़ार में भीड़ कम थी। दोपहर होने वाली थी। गर्मी से बचने और नफा-नुकसान का हिसाब लगाने लोग कहवाख़ानों की ओर जा रहे थे।कोड़ों और बदन के बेढंगेपन को दिखाते हुए भिखमंगों ने आवाज़ लगाई, ‘ ओ नेक आदमी, अल्लाह के नाम पर हमें भी कुछ […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग- 11

Mulla Nasruddin ki kahaniya: जब नयाज कुम्हार और उसकी बेटी गुलजान वहाँ से चल पड़े तो सूदखोर जाफ़र उनके पास जाकर कहने लगा, ‘ऐ मेरी हसीना फ़ैसला हो चुका है और अब तुम पूरी तरह मेरे कब्ज़े में हो। आज ठीक एक घंटे बाद तुम मेरे घर पहुँच जाओगी। अगर तुमने मेरे साथ नर्मी का […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग- 10

Mulla Nasruddin ki kahaniya: अमीर उतना सुंदर नहीं था, जितना प्रसिद्ध था । दरबारी शायद जिस चेहरे की तुलना चाँद की चमक से करते थे, वह ज़रूरत से ज़्यादा पके खरबूजे से मिलता था । वज़ीरों के सहारे वह सवारी से उतरे और सोने से मढ़े सिंहासन पर जा बैठे। मुल्ला नसरुद्दीन ने देखा, दरबारी […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग- 9

Mulla Nasruddin ki kahaniya: पौ फटते ही जब तारों का प्रकाश धीमा होने लगा तो अँधेरे में चीज़ों के आकार उभरने लगे। सैकड़ों मेहतर, बढ़ई, कुम्हार और सफ़ाई करनेवाले बाज़ार में पहुँच गए और बड़ी लगन से अपना काम करने लगे। उन्होंने गिरे हुए शामियानों को सीधा खड़ा किया। पुलों की मरम्मत की। बाड़ों के […]

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मुल्ला नसरुद्दीन – भाग-8

Mulla Nasruddin ki kahaniya: मुल्ला नसरुद्दीन बाज़ार में पहुँचा तो शहर पर शाम की लालिमा बिखरी हुई थी। थोड़ी ही देर में सारे बाज़ार में रोशनी होने लगी । अगले दिन बड़ा बाज़ार लगने वाला था। एक-एक कर ऊँटों के काफ़िले आ रहे थे। ऊँटों के गले में बँधी घंटियों की आवाज़ें गूँज रही थीं। […]

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