Bhagwan Vishnu Katha: ध्रुव की विष्णु भक्ति की कथा आपने पीछे पड़ी । उत्तराधिकार में उसे पिता का राज्य मिला तो वह धर्मपूर्वक पृथ्वी का पालन करने लगा । उसके राज्य में प्रजाजन धर्म-कर्म में लीन रहते थे । चारों ओर सुख-शांति का राज्य था । उसका विवाह प्रजापति शिशुमार की पुत्री भ्रमि के साथ […]
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कलियुग का आगमन – पुराणों की कथाएं
Bhagwan Vishnu Katha: पाण्डवों के स्वर्ग जाने के पश्चात् राजा परीक्षित ऋषि-मुनियों के आदेशानुसार धर्मपूर्वक शासन करने लगे । उनके जन्म के समय ज्योतिषियों ने जिन गुणों का वर्णन किया था, वे समस्त गुण उनमें विद्यमान थे । उनका विवाह राजा उत्तर की कन्या इरावती से हुआ । उससे उन्हें जनमेजय आदि चार पुत्र प्राप्त […]
श्रीराम-कथा का सारांश – पुराणों की कथाएं
Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है-अयोध्या में इक्ष्याकु वंश के वीर और पराक्रमी राजा दशरथ राज्य करते थे । सूर्यवंशी राजाओं में उनकी बड़ी प्रतिष्ठा थी । उनकी सभा में देवता और ऋषि, मुनि सदा आदर पाते थे । कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी नाम की उनकी तीन रानियाँ थीं । अग्निदेव की कृपा […]
सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र – पुराणों की कथाएं
Bhagwan Vishnu Katha: त्रेतायुग की बात है, पृथ्वी पर हरिश्चन्द्र नाम के एक प्रसिद्ध राजा राज्य करते थे । वे बड़े धर्मात्मा सत्यप्रिय और दानवीर थे । वे अपनी प्रजा को संतान की तरह प्यार करते थे । उनके राज्य में चारों ओर सुख और समृद्धि का शासन था । सभी लोग प्रेमपूर्वक रहते थे […]
समाधान-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: नितांत सूनी सीढ़ियाँ,बंद दरवाज़े और उनमे से केबल पर प्रसारित फ़िल्मों की आवाज़ों का शोर. दोपहर के बारह बजे भी सीढ़ियों पर उतरते चढ़ते ,दहशत सी होती है.समाचार पत्रों में लगभग रोज़ ही दिन दहाड़े होने वाली वारदातों की संख्या क्रमश: बढ़ती जा रही है. शुचि सोचा करती आज के माहौल में लोगों […]
भक्ति, ज्ञान और वैराग्य – पुराणों की कथाएं
Bhagwan Vishnu Katha: एक बार देवर्षि नारद भ्रमण करते हुए पृथ्वी लोक पर आ निकले । उस समय कलियुग ने पृथ्वी को पीड़ित कर रखा था । पृथ्वी पर सत्य धर्म और तप का पूर्णतः नाश हो गया था । जीव विकारों में डूबे हुए पापी, दुराचारी, मंदबुद्धि और भाग्यहीन हो गए थे । साधु-संत […]
मेरा सब कुछ ले लो-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: रेवती को सामान बाँधते हुए देख,पाँच वर्षीय पोता श्रेष्ठ बोला ,ग्रेनी(दादी) क्या आप इंडिया वापिस जा रहे हो?हाँ बेटा जाना तो होगा!लेकिन क्यों?क्या आपको यू एस ए में अच्छा नही लगा?नहीं बेटा, ऐसा नहीं है,हमें तो तुम्हारा साथ बहुत अच्छा लगता है,हम तो तुम्हारे साथ खेलते-खेलते अपना बचपन जी रहे हैं,जिस समय […]
मत्स्य अवतार – पुराणों की कथाएं
Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है, द्रविड़ नामक देश में सत्यव्रत नामक एक परम वीर, पराक्रमी और तेजस्वी राजा राज्य करते थे । वे भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे । उनका मन सदा विष्णु भक्ति में लीन रहता था । एक दिन वे कृतमाला नामक नदी में जल तर्पण कर रहे थे […]
त्रिपुर दहन – पुराणों की कथाएं
Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है-दैत्य वंश में मयासुर नाम का एक बड़ा भयंकर और दुष्ट दैत्य हुआ । उसे दैत्यों का विश्वकर्मा अर्थात् वास्तुकार भी कहा जाता है । अन्य दैत्यों के समान उसके मन में भी तीनों लोकों का अधिपति बनने की इच्छा थी । किंतु देवता अधिक बलशाली थे । […]
भौत्य मनु – पुराणों की कथाएं
Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है, अंगिरा ऋषि के भूति नाम के एक शिष्य थे । वे बड़े क्रोधी स्वभाव के थे और छोटी-सी गलती पर भी कठोर शाप दे देते थे । उनकी वाणी बड़ी कठोर थी । उनके क्रोध से ऋषि, मुनियों, मनुष्यों, गंधर्वों, यक्षों के साथ-साथ देवता भी भयभीत रहते […]
