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Daulat Aai Maut Lai Hindi Novel | Grehlakshmi
daulat aai maut lai by james hadley chase दौलत आई मौत लाई (The World is in My Pocket)

अपने बिस्तर पर लेटा हुआ जौनी खिड़की द्वारा चन्द्रमा की निर्मल चांदनी को देखता हुआ सोचे जा रहा था। यदि फ्रैडा पर विश्वास कर लिया जाए तो ग्रेहाउंड बस स्टेशन से नोटों के थैले उसी के द्वारा निकालने अधिक उचित रहेंगे। मगर प्रश्न तो यह था कि वह उस पर विश्वास करे या नहीं।

फिर उसका दिमाग स्काट की ओर घूम गया क्या वह उसे विश्वास दिलाने में सफल हो गया कि उसका विज्ञापन से कोई संबंध नहीं था।

उसने जबरन आंखें बंद करके सोने का प्रयास किया। सहसा वह सतर्क हो गया। उसने फ्रैडा की अपने बैडरूम में आने की आहट सुनी थी। लाजवाब औरत है। उसके जी में आया कि तुरन्त उसके कमरे में जाकर उसे पुनः बांहों में भर ले।

तभी एक अन्य आहट ने उसे चौंका दिया। उसके कमरे का द्वार

धीरे-धीरे खुल रहा था। वह शांत पड़ा रहा, मगर तकिए के नीचे रखी पिस्तौल पर हाथ अवश्य पहुंच गया।

खुली खिड़की से आती चांदनी ठीक दरवाजे पर पड़ रही थी, अपनी आंखों से उसने देखा – आधे खुले दरवाजे में खड़ा स्काट उसी की ओर देख रहा था।

स्काट पर नजरें जमाये वह धीरे-धीरे खर्राटे लेने लगा। कुछ देर तक उसे घूरने के बाद वह पीछे हटा और उसने बैगर कोई आवाज किये धीरे-से दरवाजा बंद कर दिया।

‘क्या मतलब हुआ इसका?’ उसने स्वयं से प्रश्न किया, परन्तु इससे पहले कि वह कुछ सोच पाता, फ्रैडा के कमरे का दरवाजा खुला।

‘चुपचाप डैक पर आ जाओ – चिन्ता मत करो – वह सोया पड़ा है।’ स्काट की फुसफुसाती आवाज उसे सुनाई दी। फिर दबे पांव किसी के चलने का आभास-सा उसे हुआ। वह अपने पलंग से उतरा। दरवाजा खोलकर बाहर झांका। डैक पर मौजूद स्काट और फ्रैडा उसको खिड़की के द्वारा दिखाई दे गए।

धीरे-धीरे, ठीक किसी भूत की तरह दबे पांव रेंगता-सा वह लिविंग रूम में आ गया।

स्काट कह रहा था – ‘यह देखो। हाथ में दबी…।’

टार्च की रोशनी उसने एक कागज पर फेंकी। जौनी को समझते देर नहीं लगी। वह कागज विज्ञापन वाला ही था। वह और आगे खिसक आया।

‘देखो।’ धीमे मगर उत्तेजनापूर्ण स्वर में स्काट बोला, ‘मैंने उसके चेहरे पर पैंसिल से दाढ़ी बना दी है, यह एकदम जौनी लगता है।’

‘क्या कह रहे हो तुम।’ फ्रैडा उसी तरह फुसफुसाहट भरे स्वर में बोली – ‘यह आदमी जौनी से करीब बीस साल छोटा लगता है।’

‘फोटो पुराना भी तो हो सकता है।’ डैक की रेलिंग के सहारे खड़ी फ्रैडा धीरे-से बोली।

‘बैठो। मुझे तुमसे कुछ बातें करनी हैं।’ स्काट ने कहा।

वे दोनों बांस की बनी कुर्सियों पर बैठ गए।

जौनी को खिड़की के द्वारा दोनों के वार्तालाप का एक-एक शब्द साफ-साफ सुनाई पड़ रहा था।

‘मैं इसी के बारे में सोचता रहा हूं।’ स्काट कह रहा था – ‘गुमशुदा आदमी का नाम जौनी वियान्डा है और जो आदमी हमारे यहां ठहरा हुआ है स्वयं को जौनी बियान्को बताता है। हम जानते हैं कि वह अपनी याददाश्त खो चुका है – अतः वह वियान्डा है, वियान्को नहीं। जितना मैं इस फोटो को गौर से देखता हूं, उतना मेरा विश्वास पक्का हो जाता है। जरा समझने की चेष्टा करो, दस हजार डॉलर की भारी रकम खुद ही चलकर हमारे पास आ पहुंची है।’

जौनी दम साधे खड़ा रहा – फ्रैडा का जवाब स्वयं ही फैसला कर देगा कि वह उस पर विश्वास करे या नहीं।

‘जिसकी स्मृति खो जाती है वह सामान्य व्यक्ति जैसा व्यवहार नहीं किया करता।’ फ्रैडा शांत स्वर में कह रही थी, ‘मैंने आज दोपहर बाद उससे बातें की थी। उसने अपने रैंट कलैक्शन के अनुभव सुनाए थे – तुम बेकार ही ख्याली पुलाव पका रहे हो।’

‘यदि मैं डाइसन को फोन कर दूं तो क्या हर्ज है। वे अपने किसी आदमी को यहां भेजकर इसकी शिनाख्त करवा लेंगे। हो सकता है यही उनका इच्छित व्यक्ति हो।’

‘लेकिन ऐसा करके हमें क्या मिलेगा?’

‘दस हजार डॉलर!’

‘हां। लेकिन पहले हम इसका पक्की तौर पर पता लगा लें-’ फ्रैडा बोली – ‘कल मैं इसे फिशिंग पर भेजकर इसके सामान की तलाशी लूंगी, क्योंकि सैंट क्रिस्टोफर वाला मैडल भी उसके पास होना चाहिए। यदि वह मिल गया तो फिर संदेह की कोई गुंजाइश ही बाकी नहीं रह जाएगी।’

‘परन्तु कल टेलीफोन करने में क्या हर्ज है। वे खुद ही आकर देख लेंगे।’

कुछ देर मौन रहकर वह बोली – ‘अक्ल से काम लो। अगर यह सही आदमी हुआ तो हम इस पर इससे भी ज्यादा रकम लेने के लिए जोर डाल सकते हैं। फिर हम इससे पन्द्रह हजार डॉलर मांगेंगे। दस तुम्हारे और पांच मेरे।’

‘चलो ठीक है ऐसा ही सही।’

फिर स्काट खड़ा हो गया और बोला – ‘तुम इसके सामान की तलाशी लो। हमने इससे पन्द्रह हजार डॉलर अवश्य लेने ही हैं।’

जौनी सतर्कतापूर्वक दबे पांव अपने कमरे में लौट आया। दरवाजा बंद करके वह पलंग पर लेट गया।

इसका मतलब यह कि वह विश्वसनीय थी, चतुर थी – उसने सोचा कम से कम एक दिन का समय तो मिल ही गया था मगर… मगर इसके बाद क्या होगा?’

वह यही प्रश्न बार-बार स्वयं से करता रहा। उस सारी रात वह बिल्कुल सो नहीं सका।

दौलत आई मौत लाई भाग-21 दिनांक 08 Mar.2022 समय 08:00 बजे रात प्रकाशित होगा

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