Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-15

फ्रीमैन के केबिन में जौनी का आठ दिन का समय बहुत बोरियत से गुजरा। अब तक उसका टखना ठीक हो गया था और दाढ़ी भी काफी बढ़ चुकी थी। बाथरूम के शीशे में अपना प्रतिबिम्ब देखकर वह निश्चिन्त हो गया कि दाढ़ी के कारण उसे दूर से पहचान पाना अब कठिन था। फ्रीमैन द्वारा वह […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-14

ज्योंही फ्रीमैन ने दरवाजा खोला – बैडरूम में बिस्तर पर पड़ा जौनी जाग उठा। ‘गुड मार्निंग। फ्रीमैन ने जौनी को चाय का प्याला देते हुए कहा। जौनी खामोशी से चाय सिप करने लगा। ‘मैं जंगल में जा रहा हूं।’ फ्रीमैन ने बताया – ‘किन्तु जाने से पहले तुम्हारे टखने को अवश्य देखूंगा।’ वह बाहर निकल […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-13

जौनी सैंट क्रिस्टोफर वाला मैडल हाथ में लिए – खुली खिड़की से बाहर का दृश्य देख रहा था। जंगल में चारों ओर चांदनी फैली हुई थी। दूसरे बैडरूम में सोए फ्रीमैन के खर्राटों की धीमी-धीमी आवाज उसे सुनाई पड़ रही थी। उसने मैडल को चूमा और सोचा – आखिर यह उसके पास लौट तो आया, […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-12

जौनी ने अपने चेहरे पर ठंडे पानी का स्पर्श महसूस किया। पानी की कुछ बूंदें रिसकर उसके मुंह में भी चली गई थीं। उसे उसने ऊपर झुकी किसी छाया का अहसास हुआ। उसने डरते-डरते आंखें खोलीं और अपनी दृष्टि छाया की ओर केन्द्रित करने का प्रयास किया। कुछ ही क्षण बाद उसे एक दुबला-पतला दाढ़ी […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-11

टोनी तथा अर्नी दोनों एक खड्डेनुमा जगह पर छुपे बैठे थे। वहां से फ्यूजैली के मकान को साफ-साफ देखा जा सकता था। अपनी कार उन्होंने सड़क से काफी फासले पर पेड़ों के एक झुरमुट में खड़ी कर दी थी। अर्नी ने पोर्क और बीन्स का डिब्बा खोला और चटखारे लेकर खाना आरंभ कर दिया। बाकी […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-9

एन्डी के कैफे में एक छोटी-सी मेज के सामने बैठा जौनी कॉफी पी रहा था। उसकी खोजपूर्ण निगाहें कैफे में उपस्थित भीड़ का अवलोकन कर रही थीं। कैफे में इतना शोरगुल उठ रहा था कि किसी को किसी की बात सुनाई नहीं पड़ रही थी। ट्रक ड्राइवर हैमबरगर और कॉफी की चुस्कियों के बीच हंसी-मजाक […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-8

लगभग ग्यारह बजे टोनी तथा अर्नी प्लेन द्वारा जैक्शन विले के हवाई अड्डे पर जा उतरे। उन्होंने जैक्शन की ओर जाने वाले रास्ते की जानकारी प्राप्त कर ली तथा एक शैवरलेट किराये पर ले ली। टोनी ने कार चलाना आरंभ कर दिया जबकि अर्नी उसके साथ वाली सीट पर बैठ गया। रास्ते में अर्नी ने […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-7

शाम के सात बज चुके थे किन्तु मसीनो अभी तक अपनी डेस्क पर उपस्थित था। उसके सामने मुलगिन द्वारा भेजी गई जौनी की विभिन्न वस्तुएं पड़ी हुई थीं और भी कई वस्तुएं थीं जिन्हें अर्नी और टोनी जौनी के घर से खोजकर लाये थे। उसके पीछे एन्डी खड़ा था। वह खामोशी से खड़ा होकर सिगरेट […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-6

अपने बॉडीगार्डों के साथ कार्लो तान्जा ठीक दस बजे मसीनो के दफ्तर में पहुंचा। उसके अंगरक्षकों ने दो भारी सूटकेस मसीनो की डेस्क पर रख दिये। मसीनो की नजरें तान्जा से मिलीं तो वह धूर्तता से मुस्कराया। तान्जा छोटे-से कद का लेकिन भारी जिस्म का एक इटैलियन था। उसका सिर गंजा था। भारी तोंद वाले […]

Posted inउपन्यास

दौलत आई मौत लाई भाग-5

टेलीफोन की घंटी के तीव्र स्वर से मसीनो जाग उठा। उसने नाइट लैम्प जलाया और दीवार घड़ी पर नजर डाली-सवा तीन बजे थे। उसे समझने में समय नहीं लगा कि कोई गड़बड़ हो चुकी थी। उसकी नींद में तब तक व्यवधान डालने की किसी में हिम्मत नहीं थी, बशर्ते कि कोई अति आवश्यक कार्य न […]

Gift this article