Daulat Aai Maut Lai Hindi Novel | Grehlakshmi
daulat aai maut lai by james hadley chase दौलत आई मौत लाई (The World is in My Pocket)

लगभग ग्यारह बजे टोनी तथा अर्नी प्लेन द्वारा जैक्शन विले के हवाई अड्डे पर जा उतरे। उन्होंने जैक्शन की ओर जाने वाले रास्ते की जानकारी प्राप्त कर ली तथा एक शैवरलेट किराये पर ले ली।

टोनी ने कार चलाना आरंभ कर दिया जबकि अर्नी उसके साथ वाली सीट पर बैठ गया। रास्ते में अर्नी ने टोनी से कहा‒ ‘टोनी, हम लोग पहले से ही तय किये लेते हैं। अगर जोनी हमें मिल जाता है तो उसे संभालने की जिम्मेदारी तुम्हारी रहेगी। फुजैली से मैं निबट लूंगा।’

दौलत आई मौत लाई नॉवेल भाग एक से बढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- भाग-1

टोनी सहम गया। वह बोला‒ ‘तुम ही जौनी से निपटने की जिम्मेदारी क्यों नहीं ले लेते?’

अर्नी धूर्ततापूर्वक मुस्कराया। वह टोनी से पांच वर्ष सीनियर था अतः इस मुहिम में वह स्वयं को टोनी से ऊंचा समझ रहा था।

‘क्योंकि तुम जौनी से दो-दो हाथ करने के इच्छुक हो।’

उसने स्पष्टीकरण दिया, ‘तुम मुझसे भी कई बार कह चुके हो कि तुम्हारे मुकाबले में जौनी कुछ भी नहीं है। मुझे लगता है मुकाबला तो होकर रहेगा, फिर तुम क्यों अपनी चिर-प्रतीक्षित इच्छा-पूर्ति से पीछे हटना चाहते हो?’

टोनी ने बेचैनी से पहलू बदला। जौनी की पिछली शोहरत के कारण वह मन ही मन उससे आतंकित था।

‘हम दोनों ही मिलकर क्यों न उस पर काबू करने की चेष्टा करें।’ टोनी ने घबराहट छुपाकर दलील दी‒ ‘वह इतना हिंसक है कि फौरन शूट कर देने मैं बिल्कुल नहीं हिचकेगा।’

‘निशाना तो तुम्हारा भी बुरा नहीं है टोनी।’ अर्नी चटखारे लेता हुआ बोला‒‘क्या तुम भूल गये‒तुमने पिछले ही हफ्ते तो मुझसे कहा था कि जौनी अब बूढ़ा हो रहा है, उसमें तुम्हारे बराबर दम-खम नहीं है और न ही तुम्हारे जैसी फुर्ती है, अतः इस अशक्त आदमी से अब तुम ही निपटना। वैसे उसका ये साथी फ्यूजैली भी कुछ कम नहीं होगा मेरी राय में।’

अचानक टोनी ने अपने माथे पर पसीने की बूंदें उभरती महसूस कीं।

‘तो फिर तय रहा।’ अर्नी मन ही मन मुस्कराकर बोला, ‘पहले हम उसे सूट करेंगे, फिर बात करेंगे।’

उत्तर में टोनी खामोश रह गया। उसे अपने जिस्म में भय की एक तेज लहर उठती महसूस हुई। लगभग दस मील निकल चुकने के बाद जब उसे लगा कि साथ बैठे अर्नी ने ऊंघना आरंभ कर दिया है तो वह बोला‒

‘तुम्हारे विचार में क्या चोरी करने वाला जौनी ही है?’

‘बिल्कुल। देखा नहीं तुमने, वह किस कदर फिजूलखर्ची किया करता था। वह हम दोनों से कहीं ज्यादा चालाक है टोनी।’ अर्नी ने सचेत होते हुए उत्तर दिया। उसने एक सिगरेट सुलगाया और उसके कश भरने लगा।

‘मैं तो उसे बेवकूफ समझता हूं।’ टोनी बोला‒‘मान लो वह हमारे हाथों से बच भी निकला तो फिर संगठन के चीफ के हाथों से बचकर कहां जा पायेगा। तुम्हें तो यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि माफिया गिरोह एक बार जिसके पीछे पड़ जाए उसे पाताल से भी खोज निकालता है।’

‘मुमकिन है तुम्हारा विचार ठीक हो, पर तुम यह क्यों भूलते हो कि जो काम वह कर गुजरा है उसे करने की तो कल्पना भी हम और तुम सात जन्मों तक भी नहीं कर सकते थे। उसने कर दिखाया है तो मुमकिन है अब सारे धन को हजम भी कर जाये।’

टोनी ने अपने मोटे साथी पर नजरें डालीं, बोला‒‘तुम पागल हो। माफिया के पंजों से न तो आज तक कोई बचा है और न भविष्य में बचेगा। देर लग जाये तो बात और है।’

‘लेकिन सोचो तो-इतनी बड़ी रकम से वह अपने लिए कुछ नहीं कर सकता।’

‘मगर धन अपनी जान से ज्यादा तो प्यारी चीज नहीं है।’

साइन पोस्ट आ गया‒अर्नी ने उसका ध्यान आकर्षित किया‒ ‘जैक्शन यहां से पांच मील दूर है।’

‘हों, मैंने पढ़ लिया है साइन पोस्ट।’ टोनी बोला और साथ ही भय की एक झुरझुरी लेकर रह गया। जैक्शन में फलों की पैदावार ज्यादा होती थी। चारों ओर फलों के बगीचे तथा फ्रूट केनिंग फैक्ट्रियां फैली दिखाई दे रही थीं।

मेनरोड पर दौड़ती हुई उनकी कार होटल, पोस्ट ऑफिस, जनरल स्टोर तथा सिनेमा को पीछे छोड़ती हुई एक कैफे के सामने रुकी।

सड़क पर आने-जाने वालों में अधिकांश संख्या बूढ़े स्त्री-पुरुषों की थी। उनकी उत्सुक निगाहों का शिकार होते हुए दोनों कार से उतरकर कैफे में जा घुसे।

कैफे में मौजूद व्यक्ति हैरानी से उन्हें देखने लगे, मानो वे अभी चिड़ियाघर से भागे हुए प्रतीत हो रहे हों।

दोनों स्टूल पर जाकर बैठ गये।

एक मोटा और गंजा-सा बारमैन उनके निकट आकर बोला‒ ‘गुड मॉर्निंग दोस्तो‒क्या सेवा की जाये?’

‘बीयर।’ टोनी ने ऑर्डर दिया।

‘अजनबियों को यहां देखकर मुझे बहुत खुशी होती है।’

बारमैन ने मित्रतापूर्ण ढंग से कहा और बीयर उनके सामने रख दी‒ ‘मेरा नाम हैरी ड्यूक है। मैं इस छोटे-से कस्बे में आप लोगों का स्वागत करता हूं।’

उसके मित्रतापूर्ण व्यवहार के बावजूद भी अर्नी ने नोट किया कि ड्यूक की आंखों में उत्सुकता थी-जैसे जानने की कोशिश कर रहा था कि वे लोग कौन थे और उनके यहां आने का क्या प्रयोजन था।

बीयर का घूंट भरते हुए अर्नी बोला‒ ‘छोटी होने के बावजूद यह जगह सुन्दर है।’

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‘धन्यवाद- दिन में तो यहां बूढ़े व्यक्ति ही नजर आते हैं मगर शाम को जब लड़के, लड़कियां बगीचों और फैक्ट्रियों से काम करके लौट आते हैं तो सचमुच काफी चहल-पहल हो जाती है।’

‘हूं।’ अर्नी ने जेब से अपना पर्स निकाला और एक कार्ड बाहर खींच लिया। किसी की खोजबीन के दौरान जानकारी प्राप्त करने के लिए वह इस किस्म के जाली कार्ड ही प्रयोग करता था। वह कार्ड को काउंटर पर खिसकाकर बोला‒‘जरा इसे देखने का कष्ट करेंगे।’

ड्यूक ने अपनी आंखों पर चश्मा लगाकर उसे पढ़ा-लिखा था-

दी एलर्ट डिटेक्टिव ऐजेंसी।

सैनफ्रांसिसको।

प्रेजेन्टेड वार्ड-डिटेक्टिव फर्स्ट ग्रेड जैक लुसे।

ड्यूक ने चश्मा उतारा और चौंकते हुए पूछा‒ ‘यह आप हैं?’

‘हां!’ अर्नी ने उत्तर दिया‒‘यह मेरा सहायक है-डिटेक्टिव मोर्गन।’

ड्यूक प्रभावित नजर आने लगा। बोला‒‘मैं तो देखते ही समझ गया था कि आप लोगों के व्यक्तित्व में कुछ न कुछ खास बात जरूर है। तो आप डिटेक्टिव हैं?’

‘हां-मगर प्राइवेट और हमें उम्मीद है कि तुम हमारी मदद जरूर करोगे।

ड्यूक की आंखों में बेचैनी उभरी-वह पीछे हट गया।

‘इस छोटे-से कस्बे में आपकी दिलचस्पी बेकार है। यहां कोई जरायमपेशा व्यक्ति नहीं रहता।

‘क्या गुओबाना फ्यूजैली नाम के किसी आदमी को तुम जानते हो?’ अर्नी ने पूछा।

‘ड्यूक का चेहरा कठोर हो गया‒वह अपेक्षाकृत जोर से बोला‒लेकिन तुम्हारा उससे क्या मतलब हैं?’

अर्नी कुटिलतापूर्वक मुस्कराया‒‘नाराज मत हो दोस्त!’ वह बोला‒ ‘क्या वह यहीं रहता है।’

‘यदि तुम मिस्टर फ्यूजैली के बारे में कुछ जानकारी हासिल करना चाहते हो तो‒‘ड्यूक क्रोधित स्वर में बोला‒‘बेहतर है पुलिस से बात करो। वे बताएंगे कि फ्यूजैली बहुत ही सज्जन आदमी हैं।’

अर्नी ने बीयर सिप ली तथा हंस पड़ा।

‘तुम मुझे गलत समझ रहे हो मिस्टर ड्यूक-जबकि हमें भी ये पता है कि वह बहुत ही नेक इंसान हैं। दरअसल पिछले वर्ष उनकी एक चाची उनके नाम कुछ रकम छोड़कर मर गई थी और हम मिस्टर फ्यूजैली को तलाश करके उन्हें यह रकम सौंप देना चाहते हैं।’ अर्नी ने अपने स्वर को रहस्यपूर्ण बनाते हुए कहा‒‘तुम्हें तो मैंने बता दिया है, किन्तु तुम इस विषय में किसी अन्य को मत कहना।’

ड्यूक की आंखों में छाये चिन्तापूर्ण बादल छंटने लगे।

‘इसका मतलब है कि मिस्टर फ्यूजैली को धन प्राप्त होने वाला है।’

‘हां। कितनी रकम है ये तो मैं तुम्हें बता नहीं सकता।’ अर्नी ने गोपनीयता से कहा‒‘बस इतना समझ लो कि कम नहीं है। हमारे सामने कठिनाई यह है कि हमें सिर्फ इतनी जानकारी दी गई थी कि मिस्टर फ्यूजैली इसी कोच में रहते हैं मगर रहते कहां हैं यह नहीं बताया गया था।’

चुपचाप बैठा हुआ टोनी मन ही मन अर्नी की चतुराई की प्रशंसा कर रहा था।

‘मुझे यह जानकर वास्तव में खुशी हुई है, क्योंकि मिस्टर फ्यूजैली मेरे अच्छे मित्र हैं।’ ड्यूक खुश होकर बोला‒‘मगर अफसोस कि वह फिलहाल इस कस्बे में नहीं हैं। वह पिछले हफ्ते ही नॉर्थ की ओर जा चुके हैं।’

अर्नी के चेहरे पर बौखलाहट उभर आई-फिर उसने संभलकर पूछा‒

‘क्या तुम बता सकते हो कि वे कब तक वापिस लौट आएंगे?’

‘नहीं, मैं यह नहीं बता सकता। वे अक्सर उत्तर की ओर जाते रहते हैं। कभी एक हफ्ते में लौट आते हैं तो कभी उन्हें वापिस लौटने में महीना भी लग जाता है मगर वापिस जरूर लौट आते हैं।- ड्यूक ने हंसते हुए कहा‒ ‘अकेले आदमी हैं, जब जी चाहा घर का ताला बंद किया और निकल पड़े।’

‘उत्तर में किस जगह जाते हैं?’

‘यह तो मुझे मालूम नहीं है।’

अर्नी ने एक सिगरेट सुलगा लिया और पूछा‒‘उनकी गैरहाजिरी में उनके घर की देखभाल कौन करता है?’

ड्यूक की हंसी निकल गई। वह हंसते हुए बोला‒‘देखभाल की बात करते हो, बिल्कुल एकांत में बने उनके मकान के आसपास भी कोई नहीं जाना चाहता।’

‘उनका घर किस स्थान पर है?’

‘बाहर हैम्पटन हिल पर।’ फिर ड्यूक उन्हें मकान की सही दिशा समझाने लगा।

ड्यूक से विदा होकर जब वे दोनों बाहर निकले तो अर्नी बोला‒

‘डिब्बाबंद खाने और स्कॉच की बोतल का इंतजाम करो।’

‘उनका क्या होगा?’ टोनी ने जानना चाहा।

‘जाओ, कम से कम दो दिन का राशन खरीद लाना।’ अर्नी खीझकर बोला‒‘देख नहीं रहे हो‒सब बूढ़ों की नजरें हम ही पर टिकी हुई हैं।’

टोनी उठा और आवश्यक सामान खरीदने चला गया। अर्नी कार की पिछली सीट पर पसरकर आराम करने लगा। थोड़ी देर बाद टोनी एक बड़े से थैले में सब चीजें भरकर वापस लौटा। उसने बैग अर्नी को थमाया और ड्राइविंग सीट पर जम गया।

‘अब किधर चलना है?’ उसने पूछा।

‘हैम्पटन हिल।’

‘वहां जाकर क्या करना होगा?’

‘दिमाग पर जोर दो टोनी-हम यहां हवाई जहाज द्वारा पहुंचे हैं। जबकि जोनी और फ्यूजैली भी कार के द्वारा यहीं के लिए रवाना हुए हैं। नोटों के थैलों सहित जैसे ही वे यहां पहुंचेंगे, हम बिल्कुल अप्रत्याशित ढंग से उन्हें कब्जे में कर सकते हैं।’

‘ठीक सोचा है तुमने।’ टोनी ने अपनी सहमति जताई तथा कार आगे बढ़ा दी।

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