टॉलस्टॉय के मित्र ने काफी पढ़े-लिखे एक व्यक्ति को नौकरी के लिए टॉलस्टॉय के पास भेजा। फिर भी टॉलस्टॉय ने उसे नौकरी पर नहीं रखा। बल्कि उन्होंने एक ऐसे युवक को रख लिया जिसके पास कोई डिग्री नहीं थी। कुछ समय के बाद वह मित्र टॉलस्टॉय के पास आया। उसने अपने मित्र से भेजे गए पढ़े-लिखे व्यक्ति की जगह कम काबिल व्यक्ति को रखने की वजह पूछी। टॉलस्टॉय ने कहा, जिस व्यक्ति को मैंने चुना है, उसके पास तो अमूल्य प्रमाणपत्र है उसने कमरे में आने से पहले अनुमति मांगी। दरवाजे पर रखे गए डोर मैट पर जूते साफ किए और फिर आगे आया। उससे जो पूछा, बिना घुमाए-फिराए उसने उसके उत्तर दिए और मुलाकात पूरी होने पर इजाजत लेकर वापस चला गया। उसने कोई खुशामद नहीं की, न ही सिफारिश। उसे अपने पर विश्वास था। और तुमने जिस व्यक्ति को भेजा था, उसके पास इनमें से कोई भी प्रमाणपत्र नहीं था। वह सीधा ही कमरे में चला आया, बिना आज्ञा कुर्सी पर बैठ गया और तुमसे जान-पहचान के बारे में बताने लगा। अब तुम्हीं बताओ, उसकी इन डिग्रियों की क्या कीमत है।
टॉलस्टॉय के मित्र को असली वजह पता चल गई।
सीख- इंसान की पहचान उसकी डिग्री से नहीं, उसके व्यवहार से होती है।
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