yogyata aur sifarish
yogyata aur sifarish

Hindi Motivational Story: बहुत समय पहले की बात है एक गाँव में एक अमीर आदमी रहता था। वह चाहता था कि उसका बेटा भी पढ़-लिखकर उसका सारा कारोबार संभाले। उसने अपने दोस्तों और आस-पास के सभी गाँवों में कह दिया कि अगर कोई अच्छा शिक्षक है, जो मेरे बेटे को अच्छे से पढ़ा सकता है तो कृप्या मुझे बताएँ। कुछ दिन बाद उनके एक मित्र ने उनके पास एक व्यक्ति को भेजा। उन्होंने उस व्यक्ति से कुछ देर ही बात की और उनकी डिग्रियाँ और सर्टिफिकेट देखे बिना ही उसे जाने के लिए बोल दिया।

अगले ही दिन उनके पास एक और लड़का आया। वह उम्र में छोटा था, ना ज्यादा डिग्रियाँ थीं और ना ही ज्यादा अनुभव। परन्तु उसने उसे अपने बेटे को पढ़ाने के लिए रख लिया। उसके दोस्त को जब यह बात पता चली तो गुस्से में अपने मित्र के घर गया और उसका कारण पूछा।

अमीर आदमी ने उससे कहा कि जिस व्यक्ति को तुमने मेरे पास भेजा था वह मेरे कमरे में सीधा आया, बिना पूछे कुर्सी पर बैठ गया और तुमसे जान-पहचान होने की बात बताने लगा। उसने एक बार भी अपनी योग्यता को बताना ज़रुरी नहीं समझा। लेकिन जिसे मैने अपने बेटे को पढ़ाने के लिए रखा, वह मुझसे पूछ कर कमरे में आया। उसने बिना बातों को घुमाए मेरे प्रश्नों का संक्षिप्त उत्तर दिया। उसने मेरे से किसी प्रकार की कोई ख़ुशामद या किसी की कोई सिफ़ारिश नहीं की। उसे ख़ुद पर विश्वास था कि उसे यह नौकरी मिल जाएगी और वह मेरे बेटे को अच्छे से पढ़ा पाएगा। यह बात सुनकर मित्र निरुत्तर हो गया।

ये कहानी ‘नए दौर की प्रेरक कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएंNaye Dore ki Prerak Kahaniyan(नए दौर की प्रेरक कहानियाँ)