Yogasana for Housewives: गृहणियों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि घर में काम करते हुए ज्यादातर खड़ा रहना पड़ता है। रसोई का काम या फिर दूसरे काम उन्हें लाइट मूवमेंट में ही करने होते हैं। इसकी वजह से उन्हें सबसे ज्यादा समस्या वैरिकोज वेन्स की होती है, जिसकी वजह से उन्हें पिंडलियों, एड़ी में दर्द, टांग के निचले हिस्से में सूजन, घुटनों में दर्द, पीठ दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनसे बचने के लिए महिलाएं घर पर ही नियमित रूप से कुछ योगाभ्यास कर सकती हैं। प्रत्येक आसन उन्हें कम से कम 3-5 बार करना चाहिए, जो उनके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं।
पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन करने से पहले थोड़ा वार्म-अप करें। जमीन पर योगामैट या कोई भी दरी बिछाकर सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों को धीरे-धीरे 90 डिग्री के एंगल पर ऊपर उठाएं। दोनों पैरों को साइकिल चलाने की तरह हवा में 5-10 बार घुमाएं। इसके बाद पैर ऊपर ही रखें। दोनों पैरों के घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें। दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ें। सांस बाहर निकालते हुए पेट को अंदर की तरफ खींचें। सिर धीरे से उठाकर माथा, नाक या ठुड्डी से घुटनों को टच करें। इस पोजिशन में सामान्य रूप से सांस लेते हुए कुछ सेकंड रुकें। सांस छोडते हुए पहली पोजीशन में आने के लिए धीरे-धीरे पहले सिर को नीचे लाएं। घुटने को छोड़ें और पैरों को सीधा ऊपर लाएं। फिर पैरों को धीरे-धीरे हाथों की सपोर्ट देते हुए वापस नीचे ले आएं। इस योगासन को भी कम से कम 5 बार करें।
वक्रासन

कमर सीधी करके नीचे बैठें। पैर सामने की ओर सीधे फैलाएं। ध्यान रखें कि दोनों पैर एक-दूसरे के पास हों। पहले बाएं घुटने को मोड़ कर दाएं घुटने के पास ले आएं। सामान्य रूप से सांस लेते रहें। सपोर्ट देने के लिए बाएं हाथ को कमर के पीछे की ओर ले जाएं और हथेलियां जमीन पर टिकाएं। गहरी सांस लें। दाएं हाथ को ऊपर किए हुए पैर के घुटने से गोलाई में ले जाते हुए एड़ी या पिंडलियों को पकड़े। बाईं तरफ गर्दन को पीछे मोड़ कर देखें। इस पोजिशन में 8-10 सेकंड के लिए रुकें। फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस पहली पोजिशन में आ जाएं यानी दोनों पैरों को सीधा फैलाएं। इसके बाद यह आसन दाईं तरफ से करें।
भुजंगासन

पेट के बल सीधे लेट जाएं। दोनों हाथों की हथेलियां कंधे के नीचे जमीन पर टिकाएं। पैरों के बीच थोड़ी-सी दूरी रखकर तान कर रखें। हथेलियों पर दवाब डालें और कोहनियां शरीर से चिपका कर रखें। गहरी सांस अंदर लेते हुए सिर, गर्दन, कंधे, पीठ को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। यानी कंधे से हिप्स तक के अंगों को स्ट्रेच करते हुए सांप की तरह ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कि हाथ पूरा सीधा न हो। इस पोजिशन में आसमान की तरफ देखें, थोड़ी देर 8-10 सेकंड रुकें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपनी पहली वाली पोजिशन में वापस नीचे आ जाएं। यह आसन पीठ दर्द से बचने में उपयोगी है।
शशांकासन

सबसे पहले वज्रासन की पोजिशन में बैठ जाएं। यानी घुटनों को आगे की तरफ मोडकर एड़ियों और पिंडलियों पर बैठें। गर्दन और पीठ सीधी रखें। दोनों हाथों को सीधा घुटनों पर रखें। गहरी सांस लेकर दोनों हाथ सामने की ओर कंधे की सीध में उठाएं। अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे नीचे की तरफ झुकते जाएं और हाथों को भी नीचे लाएं। अपने माथे से जमीन को छुएं। हथेलियां जमीन पर टिकाएं। इस पोजिशन में सामान्य रूप से सांस लेते हुए 8-10 सेकंड या अपनी क्षमतानुसार रुकें। फिर गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे वापस बैठने की पोजिशन में आ जाएं।
सुप्त उदराकर्षणासन

पेट के बल लेट जाएं। दोनों हाथों की हथेलियों को या तो सिर के नीचे रखें या फिर दोनों तरफ फैलाकर रखें। एड़ियां जमीन से सटा कर रखें। फिर गहरी सांस लेते हुए दोनों घुटनों को एक साथ दाईं तरफ मोड़ें और जमीन तक लेकर जाएं। गर्दन को उसके विपरीत बाईं दिशा में मोड़ें। ताकि हमारी रीढ़ की हड्डी में एक ट्विस्ट आए। 8-10 सेकंड के लिए इस पोजिशन में रुकें। दोबारा पहली पोजिशन में आ जाएं। गहरी सांस लेकर घुटने बीच में ले आएं और सांस छोड़ें। गहरी सांस लेते हुए यह प्रक्रिया दूसरी दिशा में करें यानी घुटने बाईं तरफ मोड़ें और गर्दन दाई तरफ। यह योगासन कम से कम 5 बार करें।
कैट/टाइगर ब्रीदिंग

जानवरों की तरह खड़े होने वाली 4-लैग पोजिशन में आएं। सांस अंदर लेते हुए गर्दन को ऊपर की तरफ और कमर को नीचे की तरफ स्ट्रेच करें। सांस बाहर निकालते हुए सिर को झुकाएं और पेट को अंदर की तरफ खींचे। ताकि कमर के नीचे की तरफ ‘सी‘ शेप बने। इसमें सिर्फ कमर ऊपर-नीचे हिलाएं। हाथ और पैर न हिलाएं। इस आसन को कम से कम 10 बार करें।
बटरफ्लाई आसन

कमर को सीधा रखते हुए पैर सीधे फैलाकर बैठें। घुटने मोड़कर दोनों पैरों को थाईज के ज्यादा से ज्यादा पास लाएं। दोनों हाथों से पैरों को पकड़ें। घुटनों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और नीचे जमीन पर टच करें। इस आसन को 10-15 बार दोहराएं।
बरतें सावधानियां-
- योगाभ्यास करने से पहले किसी योगा प्रशिक्षित व्यक्ति से योगासन सीखने जरूरी हैं। वे आपकी उम्र और स्वास्थ्य के हिसाब से समुचित तरीके से आसन की विधि और पोजिशन सिखाएंगे। उसके बाद ही आप घर पर योगासन का अभ्यास करें।
- ध्यान रखें कि आसन खाना खाने से 3-4 घंटे पहले या बाद में करें यानी आपका पेट खाली हो।
- अगर आपको पीठ दर्द, कमर, कंधे या घुटनों में दर्द है या किसी तरह की सर्जरी हुई हो- आसन करने से पहले योगाचार्य से सलाह अवश्य लें।
(डॉ अंजलि शर्मा, योगा एक्सपर्ट, शुद्धि नेचुरोपैथी क्लीनिक, दिल्ली )
