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Weight Loss: मोटापे के मानव शरीर के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी घातक परिणाम होते हैं। वजन कम करना एक चुनौती है। इसके लिए खानपान के साथ-साथ व्यायाम या दोनों का उपयोग करना जरूरी होता है। सेहतमंद खाने के साथ ही व्यायाम अगर सही तरीके से नहीं किया जाय तो इससे कई बार जान गंवाने तक का खतरा हो सकता है।

व्यायाम

ऐसे किसी भी प्रकार के कार्य या जिससे शारीरिक फिटनेस या सेहत बनी रहे, उसे व्यायाम कहा जाता है। व्यायाम से कैलरीज जलती हैं और पेशियां मजबूत होती हैं। इससे मेटाबोलिज्म में सुधार होकर अधिक कैलरीज़ जलती हैं, जिससे वजन अधिक कम होने लगता है। व्यायाम दो प्रकार के होते हैं –

1) एरोबिक व्यायाम-

इस प्रकार के व्यायाम से शरीर को ऑक्सीजन अधिक मात्रा में मिलती है इसलिए अगर एरोबिक व्यायाम किया जाए तो शरीर की चर्बी अधिक जलती है और वजन सही बना रहता है। इन व्यायाम में चलना, जॉगिंग, साइकलिंग, तैरना और नृत्य शामिल है। आप फिटनेस मशीन के साथ भी व्यायाम कर सकते हैं, जैसे ट्रेडमिल, एलिप्टिकल और स्टेयर स्टेपर। एरोबिक व्यायाम कम गति से और अधिक समय के लिए किया जाना चाहिए। लगातार और नियमित एरोबिक व्यायाम से पुरानी बीमारियों से बचना और निजात मिलना मुमकिन होता है।

हर हफ्ते 150 मिनट तक उचित एरोबिक व्यायाम किया जाए (गति से चलना और तैरना) या 75 मिनट तक गति से एरोबिक व्यायाम किया जाए (जॉगिंग और दौड़ लगाना) तो इससे कुल सेहत पर और फिजिकल फिटनेस पर सकारात्मक परिणाम दिखते हैं।

आपका प्रतिदिन का व्यायाम कम से कम 10 मिनट का होना चाहिए। अगर एकसाथ आप 30 मिनट तक का व्यायाम नहीं कर सकते हैं तो 10 मिनट के अंतराल के तीन सेशन्स होने चाहिए। वजन कम करने के लिए हल्का और गति भरा व्यायाम दोनों साथ-साथ होना चाहिए।

2) एनारोबिक व्यायाम

इस प्रकार के व्यायाम में पेशियों में ऊर्जा तथा ताकत बढती है। इसमें छोटी चाल या अधिक गति शामिल है। उदाहरण के तौर पर वेट ट्रेनिंग, स्प्रिंटिंग और जम्पिंग।

एनारोबिक व्यायाम के कारण पेशीयों को अधिक ताकत मिलती है और इससे बेसिक मेटाबोलिक रेट में बढ़ोतरी होती है। इनमें मसल्स को मजबूत बनाने पर ध्यान दें (पैर, हिप्स, पीठ, एब्डोमेन, छाती, कंधे और बाजू) और हफ्ते में 2 से अधिक दिन या हफ्ते में 15 से 20 मिनट प्रशिक्षकों की निगरानी में इसे करें। अधिकतर चरबी पेट, थाईज, हिप्स और बाजुओं में जमा होती है। इसलिए क्रंचेज़ जैसे व्यायाम करने से एब्डोमेन, फेफडों के fलए स्क्वैट्स तथा हिप्स, वेट लिफ्टिंग और चेयर डिप्स बाजुओं के लिए प्रयोग में लाएं। इससे वेट कम होकर शरीर सुडौल बनता है।

3) लचीले व्यायाम (योगा)

इस प्रकार के व्यायाम से पेशियां और मसल्स के साथ-साथ जोड़ भी मजबूत होते हैं। इससे आपका शरीर भी सुडौल बनता है। नियमित योग से अन्य व्यायाम के साथ वजन कम करने में कई कैलरीज जलने में सहयोग होता है। फिर भी योगा से मनोबल बढ़ता है जिसका परिणाम सीधे तौर पर शरीर पर पड़ता है। लोगों को क्या खाना चाहिए यह समझने लगता है तथा अच्छा खाने की सलाह दी जाती है। योग में कई आसन होते हैं, जिसमें वजन कम करना, सूर्य नमस्कार के साथ-साथ 12 अलग-अलग आसन किए जाते हैं।

डाइट

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Weight Loss: वेट लॉस के लिए सिर्फ व्यायाम ही नहीं है जरूरी 3

वजन कम करने के लिए केवल व्यायाम करना अनिवार्य नहीं है। इसके साथ में खाने की आदतें भी महत्वपूर्ण होती हैं। वजन कम करने में महत्वपूर्ण यह होता है कि आपने जितनी कैलरीज़ का सेवन किया है, उतनी कैलरीज़ को जलाना भी जरूरी है। यानी आपका भोजन लो कैलरी, लो फैट, कम कार्बोहाइड्रेट्स युक्त हो। इसके लिए यह जरूरी है कि काफी कम कैलरी से युक्त डाइट या फैट डाइट अधिक समय पर न लें, क्योंकि इससे आप वजन तो घटा लेंगे पर अगर यह वजन फिर बढ़ जाता है तो उसे कम करना और भारी हो जाएगा। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि अगर अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लाए जाएं और सही एरोबिक और एनारोबिक व्यायाम का संतुलन बनाया जाए तो वजन भी कम होगा और आप फिट भी रहेंगे। नियमित रूप से काम करने से सेहत से संबंधित बीमारियां भी कम होंगी तथा इससे कुल सेहत भी अच्छी रहेगी। कैलरीज़ के सेवन तथा प्रयोग में संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। वजन कम करने के लिए अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे बदलाव लाना जरूरी होता है, जो वजन कम करने में काफी उपयोगी होते हैं। उदाहरण के तौर पर गाड़ी से जाने के बजाय चलना, एस्केलेटर के बदले सीढियों से चढ़ना, इच्छित जगह से दूर गाड़ी पार्क करना और बाकी का अंतर चलकर पार करना इत्यादि।

सभी प्रकार के व्यायाम से सबका फायदा नहीं होता। हर व्यक्ति का अलग अलग व्यक्तित्व होता है जिससे शरीर पर हर व्यायाम का अलग अलग असर दिखता है। वजन कम करना आपका अपने लिए पुरस्कार होता है। अगर आपका वजन घटता है तो इससे अधिक वजन कम करने की इच्छा जागृत होने लगती है तथा शर्करायुक्त खाना या तेलयुक्त खाने की इच्छा मर जाती है, आपको समतोल आहार लेकर फिजिकल कार्य अधिक अच्छा लगने लगता है। आपकी डाइटीशियन आपको अच्छी तरह से वजन कम करने के लिए डाइट और व्यायाम किस तरह से किया जाए और उसे कैसे बरकरार रखा जाए, यह सिखाते हैं।

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