स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग करते हुए इन 4 टिप्स को जरूर करें फॉलो: Strength Training
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Strength Training: हेल्दी रहने के लिए हम सभी वर्कआउट करते हैं। लेकिन सिर्फ कार्डियो करना ही वर्कआउट करना नहीं माना जाता है, बल्कि आपको स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग भी करनी चाहिए। अमूमन लोग यह मानते हैं कि सिर्फ बॉडी बिल्डर ही स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग करते है, जबकि ऐसा नहीं है। वेट ट्रेनिंग से मिलने वाले फायदों को उठाने के लिए आपको बॉडीबिल्डर या पेशेवर एथलीट होने की जरूरत नहीं है। अगर स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग को सही तरह से किया जाता है तो यह आपके अतिरिक्त फैट को बर्न करने के साथ-साथ स्ट्रेन्थ को बिल्डअप करता है। साथ ही साथ, इससे मसल्स टोन होती है और बोन डेंसिटी भी सुधरती है। लेकिन स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग के फायदे केवल तभी मिलते हैं, जब इसे सही तरह से किया जाए। अक्सर लोग स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग करते हुए कुछ छोटे-छोटे टिप्स को इग्नोर करते हैं, जिससे उन्हें फायदा कम और नुकसान अधिक होता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग करते हुए फॉलो करना चाहिए-

1) वार्मअप और कूलडाउन है जरूरी

Strength Training
Warm-up and Cool down in Strength Training

जब आप स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग कर रहे हैं तो आपकी तकनीक का सही होना बेहद जरूरी है। हमेशा ध्यान रखें कि आप स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग करने से पहले वार्मअप और बाद में कूल डाउन जरूर करें। करीबन 5 से 10 मिनट के लिए ऐसा करना आपके शरीर के लिए बेहद जरूरी है। वार्म अप के रूप में आप वॉक कर सकते हैं। वहीं, स्ट्रेचिंग कूल डाउन करने का एक शानदार तरीका है।

2) वजन पर नहीं, पोश्चर पर दें ध्यान

Focus on Posture
Focus on Posture

अमूमन यह देखने में आता है कि जब भी लोग स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग करते हैं तो ज्यादा से ज्यादा वजन उठाने की कोशिश करते हैं। लेकिन वास्तव में आपको वजन से ज्यादा पोश्चर पर ध्यान रखना चाहिए। अगर आपसे फॉर्म में गड़बड़ होती है तो इससे आपको गंभीर चोट लग सकती है। यही कारण है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते समय विशेषज्ञ बिना वजन या बहुत हल्के वजन के साथ शुरुआत करने का सुझाव देते हैं। 

3) ब्रीदिंग टेक्निक पर भी दें ध्यान

Breathing Technique
Breathing Technique

जब आप स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग कर रहे हैं तो ऐसे में आपको ब्रीदिंग टेक्निक पर भी ध्यान देना चाहिए। जब आप वजन उठाते हैं तो ऐसे में आप सांस छोड़ें। जब आप वजन वापिस रखते हैं तब आप इनहेल करें। जब आप सही ब्रीदिंग टेक्निक अपनाते हैं तो इससे आपके लिए स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग करना आसान हो जाता है।

4) मसल्स को दें रेस्ट

Muscles
Muscles

जब आप लगातार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं तो ऐसे में जरूरी होता है कि आप समय-समय पर अपनी मसल्स को रेस्ट दें। इससे आपकी मसल्स को रिकवर होने में मदद मिलती है। इसलिए, सप्ताह में कम से कम एक या दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से ब्रेक लेना जरूरी होता है। जो लोग ऐसा नहीं करते हैं, उन्हें मसल्स पेन से लेकर अन्य कई समस्या हो सकती है।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...