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Irregular Periods
Irregular Periods Problems

Irregular Periods: एक उम्र के बाद हर महिला को पीरियड्स आते हैं। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन ऐसी कई महिलाएं हैं, जिन्हें अनियमित पीरियड्स की परेशानी का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर, मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का होता है, लेकिन यह 21-38 दिनों तक भी हो सकता है। लेकिन अगर 38 दिन बीत जाने के बाद भी महिला को पीरियड्स ना हो तो इसका अर्थ है कि महिला अनियमित पीरियड्स की समस्या से जूझ रही है। कभी ना कभी लगभग हर महिला को यह समस्या होती है। लेकिन अगर आपके साथ ऐसा बार-बार होता है, तो इसका अर्थ है कि अब आपको थोड़ा सतर्क हो जाना चाहिए।

यूं तो अनियमित पीरियड्स को रेग्युलेट करने के लिए दवाईयों से लेकर अन्य कई तरीके अपनाए जा सकते हैं। लेकिन मासिक धर्म की विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए योग एक बेहद ही प्रभावी उपचार के रूप में काम करता है। 2013 में किए गए एक अध्ययन में भी यह पाया गया था कि महज 35 से 40 मिनट योग करने से 6 महीने में ही अनियमित मासिक धर्म से संबंधित हार्मोन के स्तर को कम किया जा सकता है।

वहीं, कुछ योगासन ऐसे भी हैं, जो विशेष रूप से पीरियड्स को रेग्युलेट करने में मदद करते हैं। तो चलिए आज इस लेख में वुमन हेल्थ रिसर्च फाउंडेशन की प्रेसिडेंट व योगा विशेषज्ञ डॉ नेहा वशिष्ट कार्की आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बता रही हैं, जो महिलाओं की अनियमित पीरियड्स प्रॉब्लम को दूर करने में कारगर साबित हो सकती हैं-

पीरियड्स प्रॉब्लम के लिए करें शीर्षासन

Irregular Periods
Headstand yoga

जब आप शीर्षासन का अभ्यास करते हैं तो इसका सारा प्रेशर पिट्यूटरी ग्लैंड पर पड़ता है। साथ ही इस आसन से महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिससे हार्मोन संतुलन के कारण अनियमित पीरियड्स की प्रॉब्लम्स से भी छुटकारा मिलता है-

  • सबसे पहले मैट बिछाकर वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं।
  • अब आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें।
  • इस दौरान अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें।
  • अब सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे-धीरे रखें।
  • एक बार सिर को जमीन पर टिकाने के बाद आप धीरे-धीरे अपने शरीर को ऊपर की उठाने की कोशिश करें।
  • इस दौरान अपने शरीर का भार सिर पर डालें और शरीर को सीधा कर लें।
  • आप इसे किसी दीवार के सहारे भी कर सकते हैं।

रखें इसका ध्यान-

जब आप शीर्षासन करते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। मसलन-

  • अगर आपने अभी-अभी योगाभ्यास करना शुरू किया है तो इस आसन को किसी एक्सपर्ट की देख-रेख में ही करें।
  • वहीं, अगर आपको ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो आपको इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • आंखों व गर्दन से जुड़ी समस्या होने पर भी यह आसन करना सही नहीं माना जाता है।

पीरियड्स प्रॉब्लम के लिए करें अर्धमत्स्येन्द्रासन

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Yoga for periods problem

यह ओवरीज पर इफेक्ट करता है और इसलिए महिलाओं के लिए इस आसन का अभ्यास करना काफी अच्छा माना जाता है। यह महिलाओं की प्रजनन संबंधी समस्याओं को दूर करता है।

  • इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं।
  • अब आप बाएं पैर को मोड़ें और बाएं पैर की एड़ी को दाहिने कूल्हे के पास रखें।
  • वहीं, दाहिने पैर को बाएं घुटने के ऊपर से सामने रखें।
  • इसके बाद, आप बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिना हाथ पीछे रखें।
  • ध्यान रखें कि इस दौरान आपकी कमर एकदम सीधी हो।
  • अब कमर व गर्दन को दाहिनी तरफ से मोड़ते हुए दाहिने कंधे के ऊपर से देखने का प्रयास करें।
  • यथासंभव इसी अवस्था में रूके रहें।
  • अब वापिस प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।
  • आप दूसरी साइड से भी इसी आसन का अभ्यास करें।

पीरियड्स प्रॉब्लम के लिए करें भुजंगासन

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Cobra Pose

यह योगासन यूटरस संबंधी परेशानियों को दूर के लिए बेहद लाभदायक है। वैसे तो इस आसन से बच्चों से लेकर बड़ों तक को लाभ मिलते हैं, लेकिन महिलाओं को इसे विशेष रूप से करने की सलाह दी जाती है। यह महिलाओं को कमर दर्द से लेकर मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करता है।

  • सबसे पहले मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं।
  • सर्वप्रथम कुछ क्षण के लिए विश्राम करें।
  • अब अपने दोनों हाथों की हथेलियों को चेस्ट के बगल में रखें।
  • अब हाथों पर जोर डालते हुए शरीर के अगले हिस्से को उठाएं।
  • इस दौरान आप गर्दन को भी हल्का स्ट्रेच करने की कोशिश करें।
  • कुछ देर आप अपनी क्षमतानुसार रूके रहें।
  • इसके बाद, आप सामान्य स्थिति में लौट आएं।

रखें इसका ध्यान

  • जब आप भुजंगासन का अभ्यास कर रही हैं तो आपको कुछ सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए-
  • जब आप इस आसन का अभ्यास कर रही हैं तो अपनी कमर को झटका ना दें।
  • वहीं सिर दर्द होने पर भी इस आसन का अभ्यास ना करने की सलाह दी जाती है।
  • वहीं, अगर आपके पेट के निचले हिस्से में सर्जरी हुई हो तो इस आसन का अभ्यास ना करें।
  • हर्निया के मरीजों को भी यह आसन नहीं करना चाहिए।

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