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पौष्टिक एवं संतुलित आहार से पाएं दीर्घाय: Healthy Diet Tips
Healthy Diet for Longevity

Healthy Diet Tips: तन स्वस्थ तो मन भी स्वस्थ। और यह तभी संभव है जब व्यक्ति को पौष्टिक तथा संतुलित भोजन मिले।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अधिकतर रोग लोगों द्वारा स्वयं मोल लिए जाते हैं। अगर व्यक्ति अपने भोजन पर ध्यान रखे, तो कितनी ही बीमारियों से अपनी सुरक्षा स्वयं ही कर सकता है। वास्तव में अधिकतर बीमारियां असंतुलित भोजन की ही देन हैं।

दिल की बीमारियां

Healthy Diet Tips for Heart Disease
Heart Disease

चिकित्सकों के अनुसार प्रति वर्ष पचपन हजार से अधिक लोगों की मृत्यु दिल की बीमारियों के कारण होती है। विशेषकर ठंड के मौसम में हार्ट अटैक के मामले ज्यादा सुनने को मिलते हैं। हार्ट अटैक के प्रमुख कारण हैं- हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, मधुमेह, मोटापा, आनुवंशिकता। हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार इन कारणों के अभाव में हृदय रोग होने की संभावना बहुत ही कम रहती है। यह भी प्रमाणित है कि ब्लड कोलेस्ट्रॉल के कम होने से हृदय रोग होने की संभावना नहीं रहती है। इसके साथ ही उच्च कोलेस्ट्रॉल का एकमात्र कारण और उपचार आहार ही है।
भोजन में वसा और कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक होगी तो रक्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाएगा। वसा, मांस, डेयरी उत्पादक सामग्रियों बिस्कुट, पेस्ट्री, केक, आइसक्रीम और चॉकलेट में होता है।
यदि भोजन में सोयाबीन के तेल का प्रयोग किया जाए, तो रक्त में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोका जा सकता है।

कैंसर

Healthy Diet Tips for Cancer
There is also a possibility of cancer from drinking alcohol.

चिकित्सकों के अनुसार मोटे व्यक्तियों में गॉल ब्लेडर, किडनी, पेट, बड़ी आंत तथा वक्ष कैंसर की संभावना बहुत अधिक रहती है। इसके साथ ही वसायुक्त पदार्थोर्ं से भले ही हृदय रोग से बचा जा सकता है, पर कैंसर से नहीं। मदिरापान से भी कैंसर होने की संभावना होती है।
बहुत से खाद्य पदार्थों के सेवन से कैंसर से बचाव किया जा सकता है- जैसे साबुत अनाज से बने पदार्थ, रेशों वाले पदार्थ (फल तथा सब्जियां), गहरी हरी तथा पीले रंग की सब्जियां और ऐसे फल जिनमें विटामिन ‘ए’ तथा ‘सी’ भरपूर मात्रा में हों।

आस्टेओपोरोसिस

इस रोग में हड्डियां बहुत कमजोर तथा छिद्रयुक्त हो जाती हैं। अधिकतर वृद्ध महिलाओं में हड्डी से संबंधित रोग पाये जाते हैं। छोटे कद की, बहुत ज्यादा क्रियाशील और गौरवर्ण की महिलाओं में यह बीमारी होने की संभावना शत-प्रतिशत रहती है। आस्टेओपोरोसिस का एक प्रमुख कारण कैल्सियम की कमी है। अगर महिलाएं नियमित रूप से कैल्सियम का सेवन करें, तो इस बीमारी को रोका जा सकता है। दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ कैल्सियम का अच्छा स्रोत होते हैं।
कैल्सियम का एकीकरण हारमोन्स व विटामिन डी की एक मिश्रित प्रक्रिया है। विटामिन सी तथा मिल्क शुगर लेने से इसमें वृद्धि होती है तथा अधिक प्रोटीन अथवा वसा के सेवन से कैल्सियम के एक जगह एकत्र होने से रोका जा सकता है। कैल्सियम बहुत-सी सब्जियों में होता है। पालक में आक्सेलिक एसिड होता है, जो कि कैल्सियम को हड्डियों में जमने से रोकता है।
संतुलित भोजन में वसा की मात्रा कम, मिश्रित कार्बोहाइड्रेट की अधिक तथा प्रोटीन की मात्रा उचित अनुपात में होती है। प्रतिदिन आपको कितनी कैलोरी की आवश्यकता है, यह आपके वजन, पाचन शक्ति तथा कार्यक्षमता पर निर्भर करता है।

चिकित्सकों के अनुसार मोटे व्यक्तियों में गॉल ब्लेडर, किडनी, पेट, बड़ी आंत तथा वक्ष कैंसर की संभावना बहुत अधिक रहती है। इसके साथ ही वसायुक्त पदार्थोर्ं से भले ही हृदय रोग से बचा जा सकता है, पर कैंसर से नहीं।

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