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दुपट्टे की गांठ – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: सुधा को उस पल अपनी मां की याद आ गई। वह बहुत छोटी थी जब मां चल बसी थीं। तब वह आठ साल की थी। कभी-कभी जिंदगी के सबसे बड़े सबक किसी स्कूल या किताब से नहीं, बल्कि एक साधारण से घर में, एक सादी-सी औरत के मुंह से मिलते हैं। सुधा […]

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शालिनी – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: तभी पवन ने करवट ली और शालिनी को बैठा देखा, साथ में उसके हाथों में अपना फोन देख कर वह उछल कर बैठ गया और उससे फोन लेना चाहा, किन्तु शालिनी ने फोन नहीं लेने दिया। मनोचिकित्सक डॉ. सत्या की कार अब उस सड़क पर आ चुकी थी जहां से ‘कच्चे मन […]

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शालोम ब्रू – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: वह अंग्रेजी की प्रोफेसर थीं और लखनऊ से यहां आई थीं। उनकी पूरी जिंदगी बीमार मां की सेवा में गुजर गई, बाद में मां भी चल बसी और अवंतिका जी अकेली रह गईं। धर्मकोट की उस शांत पहाड़ी पर, जहां बादल अक्सर चीड़ और देवदार के पेड़ों से लिपट जाते हैं, एक […]

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सॉरी – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: अपर्णा के प्रति सास-ससुर का यह प्रेम अकारण नहीं था। ब्याह कर आने के बाद अपर्णा ने इस घर के पोर-पोर में खुशियों के फूल जो खिला दिए थे। अपने व्यवहार से सभी का दिल जीत लिया था। अपर्णा पूरे पांच साल बाद ससुराल आई थी आज। मायके से आते वक्त रास्ते […]

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रेत का महल – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: विवेक कभी भी गड़े मुर्दे उखाड़कर उसका पोस्टमार्टम नहीं करता था। लेकिन उसका खामोश हो जाना या एक-दो जलते हुए शब्द उछाल देना ही निशा के मन में भंवर ला देता था। ‘डैडी-डैडी, देखो ना! उधर मैंने वंडरफुल घर बनाया है। शुभी अपने डैडी को झकझोर रही थी, परन्तु उसके डैडी तो […]

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ना, मयूरी ना – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: मयूरी अब अठारह वर्ष की अपनी वय:संधि को पार कर छरहरी, गोरी, आकर्षक, सुंदर नवयुवती के स्वरूप को साकार कर रही थी। वो अब आई.आई.एम. बेंगलुरू से मैनेजमेन्ट की पढ़ाई कर रही थी। ‘खटाक!’ संध्यावेला में मंथर-शीतल पवन के झोंकों से आनंदित, घर के लॉन में सुन्दर रंग-बिरंगे फूलो को निहारती बारह […]

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मन का मिलन – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: ” सुहागरात को लेकर उसके दिल में एक अजीब-सा डर समाया हुआ था। इस डर का पहला कारण शायद यह था कि मात्र एक महीने पहले ही, उसके मामा ने रवि के साथ उसके रिश्ते की बात की थी। ‘सुजाता बहन, बहू तो एकदम चांद का टुकड़ा है, कहां से ढूंढ कर […]

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उम्मीद का दीपक—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: ” अरे अभिनव जी मैं बाहर जा रही हूं , आप घर का ध्यान रखना मुझे वापिस आने में थोड़ा समय लग सकता है आप चिंता नहीं करना और कोई आता है तो उससे बोल देना कल आना मुझसे मिलने मैं आज थोड़ा व्यस्त हूं इसलिए बाहर गई हूं आप सुन रहे हैं […]

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अंतिम चिट्ठी – श्रेष्ठ कहानियां

Hindi Best Story: प्रतिमा खुश होते हुए बोली, ‘अंकिता भाभी हमारे परिवार की सदस्य हैं। उनकी देखभाल की जिमेदारी अब हमारी होगी। भीड़ में एकाकीपन को जीते हुए जिंदगी तो चल पड़ी थी मगर कहां? साथ में थी, अब तक के जीवन की पूंजी, खालीपन का एहसास।आज भी जीवन थमा नहीं था, वही गति, पर […]

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उम्र का खतरनाक पड़ाव – श्रेष्ठ कहानियां

Hindi Best Story: शकुन छोटी-छोटी बात पर बहस करती थी, बात-बात में रोना आरंभ कर देती थी और कई बार तो ऐसी गालियां कर देती थीं कि नकुल और अनुभा दोनों अपना सिर पीट लेते थे। आं टी, आप यहां बैठ जाइए। मेट्रो में इस स्वर को अपनी ओर आते देख अनुभा पलटी तो देखा […]

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