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भक्त प्रल्हाद – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: भगवान् विष्णु ने पृथ्वी का उद्धार करने के लिए वराह अवतार धारण कर दैत्य हिरण्याक्ष को मारा था । उसका एक भाई था हिरण्यकशिपु । भाई की मृत्यु से दु:खी हिरण्यकशिपु प्रतिशोध की अग्नि में जल रहा था । एक दिन सैनिकों को आज्ञा देते हुए बोला -“वीरो ! जो ऋषि-मुनि तप, […]

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वृत्रासुर – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: देवराज इन्द्र ने पहले विश्वरूप मुनि को अपना गुरु बनाया फिर उनका वध कर दिया । यह कहानी आपने पीछे के पृष्ठों पर पड़ी । पुत्र की मृत्यु के समाचार से त्वष्टा मुनि के क्रोध की कोई सीमा न रही । उन्होंने अथर्ववेद के मंत्रों का उच्चारण कर हवन करना आरम्भ कर […]

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वराह अवतार – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: सृष्टि रचना में सहायक बनने के लिए ब्रह्माजी ने स्वयंभू मनु और उनकी पत्नी शतरूपा को उत्पन्न किया । तब स्वयंभू मनु ब्रह्माजी की स्तुति करते हुए बोले -“ भगवन् ! हे जन्मदाता ! आपके चरणों में हमारा बारम्बार प्रणाम । पितामह ! हम क्या करें, जिससे कि हमें भगवान् विष्णु की […]

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सरस्वती, लक्ष्मी गंगा को शाप – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: सृष्टि के आरम्भ में लक्ष्मी सरस्वती और गंगा तीनों ही भगवान् विष्णु की पत्नियाँ थीं । एक बार सरस्वती को लगा कि भगवान् विष्णु गंगा को उनसे अधिक चाहते हैं । तब वे क्रुद्ध होकर गंगा को बुरा-भला कहने लगीं । लक्ष्मी ने बीच-बचाव किया । इस पर उन्हें गंगा की पक्षधर […]

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राजा अम्बरीष – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात हैं-राजा नाभाग के अम्बरीष नामक एक प्रतापी पुत्र थे । अम्बरीष बड़े वीर बुद्धिमान और तपस्वी राजा थे । उन्हें पृथ्वी के समस्त ऐश्वर्य और सुख प्राप्त थे । लेकिन विष्णु भक्त अम्बरीष जानते थे कि जिस धन-वैभव के लोभ में पड़कर प्राणी घोर नरक में जाते हैं, […]

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नए रिश्ते-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivational Story in Hindi: “तेरे प्यार में हद पार कर जाएंगेचाहे यह दुनिया कत्ल कर देयह उम्र तेरे साथ ही बिताएंगे।” ऊपर लिखी पंक्तियाँ प्रेम की रुमानित से भरी हुई हैं। यह बात सही है कि हर प्रेम करने वाला व्यक्ति शायर नहीं होता और इतना क्रांतिकारी भी नहीं होता जो अपने प्रेम के लिए […]

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विश्वरूप – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है-जब देवराज इन्द्र को स्वर्ग का ऐश्वर्य प्राप्त हुआ तो वे अहंकार में चूर हो गए । धर्म-मर्यादा और सदाचार का उल्लंघन करने लगे । एक दिन देवराज इन्द्र पत्नी शची के साथ स्वर्ग की सभा में अपने सिंहासन पर विराजमान थे । सूर्य, अग्नि, वरुण, कुबेर आदि […]

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प्रचेताओं को वरदान – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: राजा पृथु के वंश में बर्हिषद् नामक एक तपस्वी राजा हुए । बर्हिषद् बड़े वीर, धर्मात्मा और कर्मकाण्डी थे । उन्होंने प्रजापति का पद प्राप्त कर इतने यज्ञ करवाए कि सारी पृथ्वी उनके फैलाए हुए कुशों से पट गई । इसी कारण वे ‘प्राचीनबर्हि’ नाम से भी विख्यात हुए । उन्होंने समुद्र […]

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पुरंजन – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय में पुरंजन नामक एक अत्यंत यशस्वी और पराक्रमी राजा हुआ । उसका अविज्ञात नामक एक मित्र था । उसके कर्म बड़े ही रहस्यपूर्ण थे । फिर भी उन दोनों मित्रों में बड़ा प्रेमभाव था । एक दिन पुरंजन ने हिमालय के दक्षिण क्षेत्र में नौ द्वारों वाला एक भव्य नगर […]

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राजा अवीक्षित – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन काल में बलाश्व नामक एक प्रसिद्ध राजा हुए । एक बार शत्रु राजाओं ने मिलकर उनके नगर को घेर लिया । शत्रुओं के आक्रमण से बलाश्व बड़े क्रोधित हुए । तब वे हाथों को मुख के आगे रखकर जोर-जोर से साँस लेने लगे । फिर तो उनके मुख की वायु से […]

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