बच्‍चे को सजा देने के बाद पछताने लगती हैं? मॉम गिल्‍ट से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स: Overcome Mom Guilt
How to Overcome Mom Guilt

How to Overcome Mom Guilt: कई माताएं जब अपने बच्चों को सही राह पर लाने के लिए उन्हें डांटती या समझeती हैं तो वह बाद में पछतावा महसूस करती हैं। इस भावना को मॉम गिल्ट कहते हैं। कई माताएं इसे अनुभव करती हैं और उन्हें यह लगता है कि वह अपने या समाज की अपेक्षाओं के अनुसार मां के रूप में सफल नहीं हो रही हैं। यह भावना कामकाजी महिलाओं के अंदर ज्यादा उत्पन्न होती है। उन्हें लगता है कि वह अपने कामकाज के चक्कर में अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रही हैं और जब वह अपने बच्चों को अनुशासित करने के लिए सजा देती हैं तो बाद में पछतावा और गिल्ट महसूस करते हैं। समाज या परिवार की अपेक्षाओं के अनुसार अगर महिला नहीं चल पाती है तो भी मॉम गिल्ट हो सकता है। अगर बच्चे खुश नहीं होते हैं या फिर सफलता में कोई कमी रह जाती है तो माताएं इसे अपनी गलती मान लेती हैं। बच्चों को सजा देने के बाद मॉम गिल्ट एक आम अनुभव है। आईए जानते हैं इससे बचने के लिए कुछ सुझावों के बारे में।

Overcome Mom Guilt-Meditation for Mum Guilt
Meditation for Mum Guilt

खुद को शांत रखने के लिए आप मेडिटेशन या ध्यान का सहारा ले सकते हैं। मॉम गिल्ट से होने वाले मानसिक स्थिति को स्थिर करने के लिए मेडिटेशन या ध्यान आपके लिए बेहतर साबित होगा। मेडिटेशन से आपका दिमाग शांत होता है और आप चीजों को ज्यादा अच्छी तरह से सोच और समझ सकते हैं।

आपको यह बात समझनी होगी कि बच्चों को सजा देना आपके लिए भी कठिन है। लेकिन ऐसा आपने अपने बच्चों की भलाई के लिए ही किया है। अगर आप बच्चों को अनुशासित करने के लिए उन्हें डांटे हैं तो यह भी उनके शिक्षा का ही एक हिस्सा है।

मॉम गिल्ट आप पर हावी ना हो इसलिए आप खुद पर इतना कठोर मत बनें। आपको यह बात समझना होगा कि अपने बच्चों की भलाई के लिए सभी माता-पिता ऐसा करते हैं। बच्चा अगर कोई गलती करता है तो उसे समझाना और सही राह पर लाना भी माता-पिता का ही काम होता है।

 How to Deal and Overcome  mom guilt
How to Deal and Overcome mom guilt

आपको अपने बच्चों से अच्छे से बात करनी चाहिए और उन्हें समझना चाहिए कि किन कारणों से आपने उन्हें सजा दी है। इससे बच्चा आपका दृष्टिकोण को समझ पाएगा और आपका गिल्ट काम होगा।

आप अनुशासन के सकारात्मक तरीकों को सीख कर पॉजिटिव पेरेंटिंग अपना सकते हैं। ऐसा करने के लिए आप उन लोगों से भी सीख सकते हैं। जिन्हें लगता है कि उन्होंने बिना सजा दिए अपने बच्चों को सही परवरिश दी और उनके बच्चे आज बहुत सफल हैं।

आपको खुद के लिए भी एक ऐसा सपोर्ट सिस्टम बना कर रखना चाहिए जिसमें आपके अपने लोग शामिल हो आपके हस्बैंड आपका परिवार आपके दोस्त जो आपको समय-समय पर गाइड कर सके और आपका गिफ्ट को दूर कर सकें। सपोर्ट सिस्टम होने की वजह से हम अकेला महसूस नहीं करते और इस बात को समझ पाते हैं कि सही पैरेंटिंग के लिए आप एक गलत रास्ता तो नहीं अपना रहे।

मॉम गील्ट से बचने के लिए अपनी लिमिट्स को निर्धारित करें। इससे आपको यह पता चल पाएगा कि आप बच्चों को सजा देने के लिए अपने बने हुए लिमिट के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं। कई बार महिलाएं मॉम गील्ट में इसलिए भी चली जाती हैं कि उन्हें लगता है कि उन्होंने शायद कुछ ज्यादा ही सजा दी या फिर डांट दिया। अगर आप अपनी सीमाएं निर्धारित कर लेंगे तो आपको ज्यादा दबाव महसूस नहीं होगा और मॉम गिल्ट को आप कुछ हद तक काम कर पाएंगे।

प्रतिमा 'गृहलक्ष्मी’ टीम में लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिजिटल मीडिया में 10 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसने 2013 में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की। बीते वर्षों...