googlenews
ईमानदारी—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Imaandari-Grehlakshmi Story

ईमानदारी सर्वश्रेष्ठ नीति है ऐसा तो हम सभी ने सुना है। ईश्वर भी उसका ही साथ देते हैं जो इमानदारी से अपनी राह पर चलकर अपना मुकाम बनाते हैं बेईमानी की राह में क्षणिक सुख तो संभव है, लेकिन ईमानदारी के साथ चला हुआ हर कदम सफलता के नए आयाम खोलता है।
आपने लकड़हारा और उसकी कुल्हाड़ी वाली ईमानदारी की कहानी तो अवश्य सुनी होगी,चलो आज मैं आपको चार मित्रों की कहानी सुनाती हूं।
चार मित्र  नितिन,पवन,अंकुर और निखिल जो आठवीं कक्षा में एक साथ पढ़ते हैं,चारों एक साथ खेलते उठते बैठते और परीक्षा की तैयारी भी साथ साथ करते है।
उन चारों में निखिल को छोड़कर सभी सिर्फ वक्त जाया करते हैं,कहते मौज मस्ती मारो थोड़ी बहुत नकल करके पास हो ही  जाएंगे ।वे तीनों निखिल का भी उसका हर समय पढ़ाई पर ध्यान देने को लेकर मजाक उड़ाते हैं।
लेकिन निखिल कहता है, नही मैं नकल नही करूंगा,मां कहती है ईमानदारी से ही आगे बढ़ना चाहिए, ईमानदारी से मिली सफलता ही कामयाबी के दरवाजे खोलती है, कामयाबी भी उसी के दरवाजे पर दस्तक देती है जो ईमानदारी से अपना काम करता है।
परीक्षा के दिन नजदीक आते हैं तीनों मित्र कोड बनाकर नकल करते हैं, और लगभग तीनों के आंसर एक से होते हुए अध्यापक को उन तीनों पर शक होता है ,वे तीनों को अलग-अलग बुलाकर मुंह जबानी कुछ प्रश्नों का उत्तर पूछते हैं ।सभी एकदम बौखला से जाते हैं कोई किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाता।
अध्यापक को विश्वास हो जाता है कि इन तीनों ने नकल से ही परीक्षा पास की है ,उधर निखिल ने तो वही प्रश्न हल किए जो उसे आते थे अब बारी आती है ईमानदारी से किए हुए कार्य के फल की।
निखिल परीक्षा में पास हो जाता है, और उन तीनों को अध्यापक उसी कक्षा में रोक लेते हैं ।
इसलिए हमें हमेशा अपने कार्यो में ईमानदारी रखनी चाहिए। ईमानदारी से किया हुआ कार्य मन को शांत व स्थिर रखता है।
एक दिन छोटी-छोटी सफलता  हमे बुलंदियों तक पहुंचाती है। इसलिए  हमें अपने बच्चों को हमेशा ईमानदारी का पाठ जरूर सीखाना चाहिए।
 क्योंकि बेईमानी से क्षणिक सुख और  क्षणिक सफलता तो मिल सकती है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता सिर्फ ईमानदारी करने से ही मिलती है ।
इसलिए कहा भी गया है
 ईमानदारी सिर्फ पैसों की मोहताज नहीं होती
 ईमानदारी हर उस चीज में होनी चाहिए जिसे आप सच्चे दिल से करते हैं …
 ईमानदार बनो दुनिया से नहीं खुद से ….और अपने सपनों से…
आओ चलो सब को समझावे
ईमानदारी का पाठ पढ़ावे
जो करे ईमानदारी से काम
सफलता लिखती नये आयाम

Leave a comment