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अधूरी कोख- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Sad Story: रेखा की शादी बड़े धूमधाम से हुई थी। जब उसने अपने ससुराल में कदम रखा, तो उसे लगा जैसे सारी खुशियाँ उसकी झोली में आ गई हों। परिवार संपन्न था, पति प्यार करने वाला दिखता था, और उसे लगा कि उसकी ज़िंदगी अब किसी सपने की तरह होगी। शादी के दो महीने […]

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सौतन के साए में- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Sad Story: दिल्ली के इस बड़े शहर में, जहां ज़िन्दगी भाग रही थी, एक कहानी धीरे-धीरे बिखर रही थी। शादी को पंद्रह साल हो चुके थे। नंदिता और आकाश की ज़िन्दगी कभी सपनों से भरी थी। दोनों एक-दूसरे को कॉलेज के दिनों से जानते थे और शादी के बाद भी उनकी दोस्ती, उनका प्यार […]

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हलाला—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story: ” तलाक़… तलाक़… तलाक़ ” यह तीन शब्द  जो किसी  महिला का जीवन बदल दे वह अभी भी सिमरन के कानो में  गूँज रहे थे। क्या इतना आसान होता है शादी के इस अटूट बंधन को तोड़ देना? फिर क्यों कहते है लोग की जोड़िया रब बनाता है या शादी सात जन्मों का […]

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जीवनसाथी साथ निभाना-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: आज हमारी मां पूरे 2 महीने बाद व्हीलचेयर पर बैठकर एंबुलेंस से उतारा तो हम सभी के चेहरे पर थोड़ी मुस्कान थी। हमारा छोटा भाई और पापा सहारा देकर मां को घर के अंदर ला रहे थे तो हम दोनों बहने और हमारी प्यारी भाभी और सभी बच्चों ने चाहें  हमारे बच्चे हो […]

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ये जीवन है-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: सिन्हा साहब का प्रमोशन हुआ था, घर में एक बड़ी पार्टी रखी गई थी। खाने-पीने का शानदार इंतजाम किया गया था। शाकाहारी से लेकर मांसाहारी तक… हर तरह के पकवान मेज पर लगे हुए थे।ऐसी पार्टियों में शराब पीना आम बात है…शराब पानी की तरह बह रही थी। घड़ी ने एक बजा दिए […]

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सपनों का इस्तीफा- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Sad Story: देविका ने कभी सोचा था कि कितना प्रेम करने वाला ससुराल मिला है, लेकिन धीरे-धीरे उसका सपना ‘सपना’ ही रह गया। पिछले 10 सालों से प्राइवेट नौकरी कर रही थी। एक पीआर कंपनी में अच्छे खासे पैकेज पर थी। जब ससुराल वाले बहुत प्रेम जताते थे, तो उसे लगा कि क्यों न […]

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क्या तुम इतनी बुरी हो, देविका? – गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Sad Story: 29 साल की उम्र में देविका ब्याह कर आई थी घर में। सास ने कहा था तुम मेरी बेटी जैसी हो। तुम नौकरी करती हो, उसी पर ध्यान लगाना, घर के काम की चिंता मत करना जब तक मुझसे बन पड़ेगा मैं करूंगी। नहीं तो हम मैड लगा लेंगे। शादी के पहले […]

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ठिठुरी हुई ख़ामोशी -गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: ” शीतल हवाएं बहुत तेज चल रही थीं , रात का समय होने के कारण सभी जगह सुनसान थीं , किसी की कमरे की खिड़की खोलने की हिम्मत भी नहीं थी सब कुछ रुक गया था ऐसा अनुमान लगाया गया था कि इस बार की सर्दी बहुत खतरनाक होगी शायद यह अनुमान सही […]

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गुनगुनी धूप—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: सर्दियों की गुनगुनी धूप किसे अच्छी नहीं लगती? और मेरा तो अक्सर घंटों इस धूप में बैठने को मन होता था ।पर ढेर सारी जिम्मेदारियों और कामकाज के चलते कभी इसका ज्यादा लुत्फ उठा ही नहीं पाई।पर अकसर सामने वाली आंटी को देख कर मन में बहुत जलन होती थी। वो कितने इत्मीनान […]

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एक अनोखी रात-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: विनोद अपनी कार से सर्द रात में शहर से दूर एक सुनसान सड़क पर जा रहा था। रास्ते में एक छोटा सा कस्बा भी पड़ता था। विनोद सड़क पर गहरे कोहरे में भी कार दौड़ा रहा था। तभी ना जाने कैसे उसकी कार काटायर पंचर हो जाता है और संभालते हुए भी कार […]

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