Worst Habits For Health : नाखूनों को दांत से काटना बचपन में मामूली और सामान्य जान पड़ता है लेकिन समय के साथ यह कहना मुश्किल हो जाता है की कब ये आदत एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है। हाथ पैरों की स्किन को उखाड़ना, नाक साफ करना, बाल उखाड़ना और यहां तक की बालों को खा लेना भी आजकल आम हो गया है। मेडिकल की भाषा में इसे बॉडी फोकस्ड रिपेटिटिव बिहेवियर डिसऑर्डर (बीएफआरबी) कहा जाता है।
बचपन में साधारण दिखने वाली ये आदतें जीवन भर के लिए एक बीमारी बन सकती हैं। जरूरी है कि इन बीमारियों की जड़ को समझ कर इनसे निपटने के उपाय अपनाए जाएं। बीएफआरबी डिसऑर्डर ना केवल बुरी आदतें हैं बल्कि यह बॉडी हेल्थ को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए जानते हैं, पांच ऐसी बुरी आदतें जो हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं।
हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित करती हैं ये पांच आदतें
स्किन छिलना या उखाड़ना

नाखूनों के आसपास की खाल उखड़ना आम बात है, लेकिन समस्या तब होती है जब इसे मुंह से काटने या उखाड़ने की आदत बन जाती है। कई बार लोग अपनी स्किन को बार-बार इस तरीके से उखाड़ते हैं की वो सेल्स और टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकता है। महिलाओं पर डर्मेटिलोमेनिया नामक इस बीमारी का असर ज्यादा दिखाई देता है। एक्स्कोरिएशन एक गंभीर समस्या है, जो आज दुनिया भर की करीब 2-5% आबादी को प्रभावित करती है।
नाखून काटना

अक्सर ही छोटे बच्चे एक दूसरे की देखादेखी नाखून काटने की आदत विकसित कर लेते हैं। कई बार ये आदत बड़े होने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ती है। इस आदत के कारण लोगों के नाखून डैमेज हो जाते हैं और इससे संबंधित दूसरी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। ओनिकोफैगिया नामक इस बीमारी को जानना और इसपर कंट्रोल लाना बहुत जरूरी हो गया है। रिसर्च में ये बात भी सामने आती है कि दुनिया भर की 20-30% आबादी नाखून काटने की समस्या से ग्रसित है।
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बाल उखाड़ना

कुछ लोगों को बाल उखाड़ने की बड़ी बुरी आदत होती है। ऐसे लोग स्कैल्प, आईब्रो, पलकों और हाथ पैरों से भी बाल उखाड़ते दिखते हैं। यह समस्या अपने आप में बीएफआरबी डिसऑर्डर का बिगड़ा हुआ रूप दिखाती है। इस समस्या को ट्रिकोटिलमैनिया के नाम से जाना जाता है। बाल उखाड़ने की बुरी आदत हेयर लॉस के साथ-साथ दूसरी स्किन प्रॉब्लम्स और इंफेक्शन का कारण बन सकती है।
बाल खाना

सुनने में ये जरूर अटपटा लगता है, लेकिन ट्राइकोफैगिया नामक इस डिसऑर्डर से ग्रसित लोगों को अपने बाल खाने की आदत होती है। ये बाल ना तो पेट में डाइजेस्ट होते हैं और ना ही बाहर निकल पाते हैं। इस डिसऑर्डर के चलते कई बार स्थिति सर्जरी तक भी पहुंच जाती है। ये एक तरीके का ऑब्सेशन बन जाता है जो बॉडी को नुकसान पहुंचाने के अलावा किसी काम नहीं आता है। बाल खाने की आदत कई बार लत का रूप भी ले सकती है, जब बॉडी को बिना बाल खाए बेचैनी होने लगती है।
नाक छिलना

नाक की नियमित सफाई करना जरूरी है, लेकिन नाक को बार-बार अंगुलियों से साफ करना सही बात नहीं है। विगत वर्षों में हुई स्टडीज की मानें तो लगभग 90% लोग नाक छिलने के आदि हो चुके हैं। कई लोग इसे नियमित रूप से करते हैं, तो कुछ जुखाम या साइनस की समस्या होने पर नाक को अंगुलियों से साफ करते हैं। नाक छिलना या रिनोटिलमैनिया सुनने में जितनी आम बात लगती है असलियत में उतनी ही घातक हो सकती है। रिनोटिलमैनिया तरह-तरह की एलर्जी और इन्फेक्शन का कारण भी बन सकता है।
