अगर आपके बच्चे में हैं ये गंदी आदतें, तो डांटे नहीं इस तरह करें दूर: Kids Bad Habits
Kids Bad Habits

Kids Bad Habits: बच्चे जब छोटे होते हैं तो उनकी कुछ आदतें बहुत प्यारी लगती हैं। वहीं कुछ आदतों पर बतौर माता-पिता आपको गुस्सा भी आता है। जोकि लाजमी भी है, क्योंकि कोई भी आदत तब तक ही अच्छी है जब तक वो बुरी आदत में न बदले। कई बार अपने देखा होगा कि बच्चों में गंदी आदतें पड़ जाती हैं, जैसे:-खाना जमीन पर गिराना, मिट्टी खाना, नाक में उंगली डालना आदि। इस तरह की आदतें जब बच्चे बाहर जाकर करते हैं तो आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि आप बच्चों से उनकी गंदी आदतों को छुड़वाए। आज इस लेख में हम बच्चों में ऐसी ही कुछ आदतों और उनको छुड़वाने के तरीकों के बारे में बताएंगे।

नाक में उंगली डालना

Kids Bad Habits
Kids Bad Habits-Finger in Nose

अक्सर आपने देखा होगा कि कई बच्चे नाक में उंगली डालते हैं तो पैरंट्स उनको डांटते हैं। उस वक़्त की डांट के बाद बच्चे रुक तो जाते हैं पर वे यही हरकत चुपके-चुपके करने लगते हैं। नाक के बाद वही उंगली मुंह में ले जाने से बच्चे को बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में पैरंट्स के लिए जरूरी है, बच्चे की इस आदत में सुधार करना। अगर आपका भी बच्चा बार-बार नाक में उंगली डालता है तो आपको इस आदत की वजह का पता करना जरूरी है। क्योंकि कई बार बच्चे नाक में खुजली होने की वजह से भी बच्चे नाक में उंगली डालते हैं।

उपाए

नाक में उंगली डालने की आदत को छुड़वाने के लिए उसकी वजह का पता लगाएं। क्योंकि एलर्जी और सूखापन होने के कारण बच्चे को खुजली होती है जिसकी वजह से वे नाक में उंगली डालते हैं। अगर बच्चे को ऐसी कोई समस्या है तो उसका इलाज करें। इसके साथ ही अगर बच्चा खाली समय में सिर्फ नाक में उंगली डालता है तो उसको व्यस्त रखें ताकि वे इस आदत को भूल जाए।

दांत काटना

बच्चे की किसी भी आदत को आप डांटकर या मारकर नहीं छुड़वा सकते, तो जरूरी है प्यार से समझाना। कई बार होता है जब बच्चे को गुस्सा आता है या उसे कोई चीज़ पसंद नहीं आती तो वो डांट कटकटाने या काटना लगता है। उसकी ये आदत भीड़ में आपको शर्मिंदगी का एहसास कराती है। तो ऐसे में ध्यान रखा जाए कि बच्चे के सामने ऐसी कोई चीज़ न हो जिससे वो गुस्सा हो या पसंद न आए।

उपाय

माता-पिता तय करें कि बच्चे को नापसंद चीज़ के लिए उकसाया न जाए। अमूमन दांत निकलने पर बच्चा दांत काटने लगता है, ऐसे में आप बच्चे को टीथर लेकर दे सकते हैं। कई बार बच्चे आपको आकर्षित करने के लिए भी दांत काटते हैं, इसलिए आप उनके बुलाने पर प्रतिक्रिया जरूर दें।

नाखून चबाना

नाखून चबाना

नाखून चबाना एक बुरी आदत है और कई बच्चे इस गलत आदत के साथ बड़े होते हैं। उम्र के एक पड़ाव पर बच्चे की इस आदत को बदलना माता-पिता के लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। नाखून चबाना बच्चे के शारीरिक और दिमागी स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है, क्योंकि नाखूनों में फंसी गंदगी मुंह के जरिए बच्चे के पेट तक पहुंच उसको बीमार करती है। बच्चे की इस आदत को छुड़ाने के लिए आपकी डांट ज्यादा असर नहीं करती इसलिए कुछ उपाए जरूरी हैं।

उपाय

बच्चे के नाखूनों को कभी इतना बड़ा न होने दें कि वो उन्हें दांतों से काट पाए। बच्चे को ऐसी चीजों से दूर रखें जो उसे नाखून चबाने के लिए उकसाय। इसके साथ ही आप कड़वी चीज़ों की मदद ले सकते हैं। आप बच्चे के नाखूनों पर करेले या नीम का रस लगा सकते हैं, इससे बच्चा अपने नाखूनों को बार-बार मुंह में नहीं डालेगा।

अंगूठा चूसना

बच्चे अक्सर सोते-जागते मुंह में अंगूठा डालकर रहते हैं। आपकी डांट-फटकार के बावजूद उनकी इस आदत में कोई सुधार नहीं आता। एक उम्र तक अनूठा चूसना आम माना जाता हैं लेकिन अगर बच्चा 5 साल की उम्र तक भी यही आदत दोहराता है तो ये चिंताजनक है। क्योंकि अंगूठा चूसने से बच्चे को स्किन और स्पीच संबंधी समस्या के साथ टेढ़े-मेढ़े दांत आते हैं।

उपाय

सबसे पहले आप प्यार से अपने बच्चे को समझाएं। तय करें कि आपके बच्चे को कोई समस्या तो नहीं जिसकी वजह से वे इस हरकत को करता है। अगर ऐसा कुछ है तो इसका हल करें। कई बार बच्चा भूखा या दुखी होने पर अंगूठा चूसता है, ऐसे में बच्चा भूखा न रहे इस बात का जरूर ध्यान रखें।

बात-बात पर रोना

Crying baby
बात-बात पर रोना

हमने अक्सर देखा है कुछ बच्चे छोटी-छोटी बातों पर रोने लगते हैं। बच्चे की ये आदत कई बार आपको शर्मिंदगी का भी एहसास कराती है। दरअसल, बच्चे का इस तरह से बार-बार रोना इमोशन व्यक्त करने का एक तरीका होता है। बच्चे की इस आदत को बदलने के लिए आपको उसके बार-बार रोने के कारण को जानना होगा। इसके बाद उसकी उस समस्या का हल कर आप बच्चे की इस आदत को बदल सकते हैं।

उपाय

बच्चे को समझाने के साथ माता-पिता को भी समझना होगा कि बच्चे के साथ बच्चा बनकर ही बात की जाए। अगर बच्चा अकेलेपन की वजह से रो रहा है तो जरूरी है आप उन्हें इमोशनल सपॉर्ट दें। साथ ही बच्चे की देखभाल पर माता-पिता बराबर का ध्यान दें कई बार बच्चा माता-पिता के होते हुए भी उनकी कमी महसूस करता है, जिसकी वजह से वे बात-बात पर रो जाता है।

खाना बर्बाद करना

खाना बर्बाद करना एक बुरी आदत है, जो बच्चे अक्सर करते हैं। बच्चे प्लेट में मौजद खाना खाने से ज्यादा बर्बाद करते हैं। कई बार वह पूरा खाना लेने के बाद बीच में बोल देते हैं कि अब उनका खाने का मन नहीं है। खाना किसी को भी जबरदस्ती नहीं खिलाया जा सकता। ऐसे में जरूरी है बच्चे को खाने की बर्बादी करने से रोका जाए।

उपाए

खाने की बर्बादी को रोकने का सबसे अच्छा उपाए है बच्चे को खाने के महत्त्व को समझाना। इसके अलावा आप बच्चे को प्लेट में हमेशा काम खाना दें ताकि अगर उसका उतने में पेट भर जाए तो अधिक खाना बर्बाद न हो। अगर बच्चे को और भूख है तो आप बाद में उसको दोबारा खाना दें सकती हैं। अगर बच्चा अपने आप खाना प्लेट में डालता है तो उसको कम खाना लेने की आदत डालें।

वर्तमान में गृहलक्ष्मी पत्रिका में सब एडिटर और एंकर पत्रकारिता में 7 वर्ष का अनुभव. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी दैनिक अखबार में इंटर्न के तौर पर की. पंजाब केसरी की न्यूज़ वेबसाइट में बतौर न्यूज़ राइटर 5 सालों तक काम किया. किताबों की शौक़ीन...