Neck Hump Exercises: नेक हम्प कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह दर्द और असहजता का कारण बन सकता है। इसलिए शरीर की मुद्रा पर ध्यान दें, समय-समय पर एक्सरसाइज करें और इस ‘छोटी सी गलती’ को ‘बड़ी परेशानी’ बनने से रोकें।
आजकल की जीवनशैली, जिसमें ज्यादातर समय कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठकर बिताया जाता है, उसमें गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर गलत असर पड़ना आम बात हो गई है। अक्सर लोग गर्दन
के पिछले हिस्से में एक उभार या ‘हम्प’ देखना शुरू कर देते हैं, जिसे आम भाषा में डॉवाजर्स हंप कहा जाता है। यह नेक हंप देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन यह धीरे-धीरे दर्द, अकड़न और मुद्रा से
जुड़ी कई परेशानियों को जन्म देता है। यह उभार केवल सौंदर्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पीठ दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और लंबी अवधि की थकान जैसी परेशानियों की जड़ बन
सकता है।
नेक हम्प क्यों होता है
नेक हम्प होने के कई कारण होते हैं, जिनमें से अधिकांश हमारी जीवनशैली से जुड़े होते हैं-
गलत पॉश्चर: लगातार गर्दन झुकाकर मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखने से रीढ़ की प्राकृतिक आकृति बिगड़ जाती है।
पुराना दर्द: जिन्हें पहले से ही गर्दन में अकड़न या दर्द की शिकायत रहती है, वे अधिक जोखिम में रहते हैं।
मांसपेशियों की कमजोरी: पीठ और गर्दन की मांसपेशियां कमजोर हो जाएं तो शरीर की संतुलित मुद्रा बनाए रखना कठिन हो जाता है।
अधिक वजन या मोटापा: गर्दन और कंधे के आसपास फैट जमने से हड्डियों पर दबाव बढ़ता है और उभार बनने लगता है।
हॉर्मोनल बदलाव (विशेषकर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में): इस समय हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे शरीर की संरचना बदल सकती है।
शारीरिक गतिविधि का कम होना: शारीरिक गतिविधियों की कमी से मांसपेशियां कठोर और जकड़ी हुई हो जाती हैं।
लक्षण
1. गर्दन के पीछे असामान्य उभार दिखना।
2.लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने पर पीठ में दर्द।
3. गर्दन की गति में कमी आना।
4.थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित न कर पाना।
सिरदर्द या गर्दन से कंधे तक खिंचाव का अनुभव होना।
खराब आदतें
1. मोबाइल को गोद में रखकर या झुककर चलाना।
2. ऊंचा तकिया लगाकर सोना।
3. लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहना, बिना ब्रेक लिए।
4. ऑफिस वर्कस्टेशन का गलत सेटअप (बहुत नीचा या बहुत ऊंचा स्क्रीन)।
5. व्यायाम या स्ट्रेचिंग न करना।
6. दर्द को नजरअंदाज करना और समय पर विशेषज्ञ से सलाह न लेना।
बचाव
बिलकुल। यदि शुरुआत में ही सावधानी बरती जाए तो नेक हम्प से बचा जा
सकता है या उसे नियंत्रित किया जा सकता है।
1.सही पोस्चर अपनाएं
1. हमेशा कमर सीधी और कंधे खुले हुए रखें।
2. मोबाइल और लैपटॉप को आंखों के समक्ष रखें, ताकि गर्दन झुकानी न पड़े।
3. बैठने की कुर्सी और टेबल की ऊंचाई सही रखें।
2.वर्क ब्रेक लें
हर 30-40 मिनट पर अपनी कुर्सी से उठें, कुछ मिनट टहलें या गर्दन-कंधे की
स्ट्रेचिंग करें।
3.स्ट्रेचिंग और व्यायाम करें
1. ताष्ड़ासन, भुजंगासन, बालासन और मरजरी आसन (कैट-काउ पोज) जैसे योगासन नेक हम्प में अत्यंत लाभकारी माने गए हैं।
2. गर्दन को गोलाई में धीरे-धीरे घुमाना, कंधे ऊपर-नीचे करना, पीठ पीछे हाथ ले जाकर खींचना आदि हल्के व्यायाम रोज करने चाहिए।
4.सही तकिया चुनें
बहुत ऊंचा या सख्त तकिया गर्दन की मुद्रा को बिगाड़ता है। एक मीडियम ऊंचाई
वाला, गर्दन को सपोर्ट देने वाला तकिया बेहतर होता है।
5.वजन नियंत्रित रखें
वजन बढ़ने से गर्दन और पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे समस्या गंभीर हो सकती है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से वजन पर नियंत्रण रखें।
6.हड्डियों को मजबूत बनाएं
कैल्शियम, विटामिन क् और प्रोटीन युक्त भोजन लें ताकि हड्डियां मजबूत रहें। 40
की उम्र के बाद विशेष रूप से हड्डी स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
नेक हम्प भले ही देखने में एक छोटा बदलाव लगे, लेकिन यह भविष्य में बड़ी शारीरिक समस्याओं
का कारण बन सकता है। महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए यह चेतावनी है कि वे अपने शरीर की
मुद्रा, पोषण और शारीरिक सक्रियता को गंभीरता से लें।
उपचार के विकल्प
यदि समस्या बढ़ चुकी हो तो फिजियोथेरेपी, पोस्टुरल थैरेपी और चिकित्सकीय परामर्श जरूरी है। कुछ मामलों में गर्दन को सपोर्ट देने वाला कॉलर भी अस्थायी रूप से उपयोग में लाया जाता है, लेकिन यह डॉक्टर की सलाह से ही करें।
एक्सरसाइज

अच्छी बात ये है कि कुछ नियमित एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग से इसे ठीक किया जा सकता है। नीचे हम कुछ आसान लेकिन प्रभावशाली एक्सरसाइज बता रहे हैं जिन्हें आप रोजाना करके फर्क महसूस कर सकते हैं।
चिन टक
यह एक्सरसाइज गर्दन की हड्डियों को उनकी प्राकृतिक स्थिति में लाने में मदद
करती है।
कैसे करें
1. एक सीधी दीवार के पास खड़े हो जाएं।
2. अपने सिर को पीछे की ओर खींचे, जैसे कि ठोड़ी को अंदर दबा रहे हों।
3. यह स्थिति 5-7 सेकंड तक रखें, फिर सामान्य अवस्था में लौटें।
4. इसे दिन में 10 बार दोहराएं।
वॉल एंजेल्स
यह एक्सरसाइज आपके अपर बैक और शोल्डर ब्लेड को मजबूत बनाती है जिससे
गर्दन पर दबाव कम होता है।
कैसे करें
1. दीवार के साथ पीठ, सिर और कूल्हे टिकाकर खड़े हो जाएं।
2. दोनों हाथ ऊपर उठाकर एल शेप में ले आएं, कोहनी दीवार से लगी होनी चाहिए।
3. अब धीरे-धीरे हाथ ऊपर-नीचे मूव करें।
4. इसे 10 बार दोहराएं।
कैट-काउ स्ट्रेच
योग से प्रेरित यह स्ट्रेच रीढ़ की हड्डी को लचीला और स्वस्थ बनाए रखता है।
कैसे करें
1. घुटनों और हथेलियों के बल आ जाएं (टेबलटॉप पोज)।
2. सांस अंदर लेते हुए पीठ नीचे और सिर ऊपर करें (काउ)।
3. सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर और सिर नीचे करें (कैट)।
4. 10-15 बार दोहराएं।
“नेक हम्प ठीक करने के लिए नहाते समय गर्म पानी (जितना आप सहन कर सकें) की पतली धार डालें। इससे दर्द भी कम होगा और सूजन भी नहीं रहेगी।”
