Overview: बच्चे के अटेंटिव बिहेवियर को करना है कम, तो डाइट में शामिल करें ये सप्लीमेंट
आयरन बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए महत्वपूर्ण है। आयरन की कमी संज्ञानात्मक कठिनाइयों और चिड़चिड़ापन का कारण बन सकती है।
Iron Supplement For Kids: क्या आपका बच्चा बात-बात पर गुस्सा करता है, आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए जिद्द करता है या टेंट्रम दिखाता है… बच्चे का ऐसा व्यवहार दर्शाता है कि उसके शरीर में पोषक तत्वों की कमी है जिसकी वजह से वह चिड़चिड़ा और अटेंटिव बिहेवियर का शिकार हो रहा है। आयरन एक ऐसा पोषक तत्व है जो बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयरन कैसे बच्चे के बिहेवियर को नियंत्रित करता है और इसकी पूर्ति कैसे की जा सकती है चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या कहता है सर्वे

राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में 5 वर्ष से कम उम्र के 30.4 प्रतिशत बच्चे आयरन की कमी से ग्रस्त हैं और 49.7 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं। यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या है।
बच्चों के शरीर में आयरन की भूमिका
प्रतिरक्षा को मजबूत करना: आयरन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे बच्चे संक्रमणों से बेहतर लड़ सकते हैं।
ऊर्जा स्तर में सुधार: आयरन की कमी से बच्चे कमजोर और थका हुआ महसूस करते हैं।
हीमोग्लोबिन: आयरन हीमोग्लोबिन के उत्पादन के लिए जरूरी है, जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाता है।
मस्तिष्क विकास में आयरन के लाभ
आयरन बच्चों के मस्तिष्क विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सीखने की क्षमता, बुद्धि, ध्यान अवधि और एकाग्रता को बढ़ावा देता है। आयरन व्यवहारिक विकास और सामाजिक-भावनात्मक वृद्धि को भी प्रभावित करता है। यह मौखिक संचार और शैक्षिक उपलब्धियों को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, आयरन बच्चों के विकास, ऊर्जा स्तर और मोटर कौशल जैसे खड़े होने, बैठने और चलने में सहायता करता है।
बच्चों के लिए आयरन युक्त डाइट

रागी: रागी भारत में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ आयरन युक्त अनाजों में से एक है। इसमें कैल्शियम और फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होता है। यह बच्चों के लिए स्वस्थ विकल्प है।
पालक: पालक आयरन, फाइबर, विटामिन ए और सी से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जी है। नींबू या टमाटर जैसे विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों के साथ इसका सेवन आयरन अवशोषण को बढ़ाता है।
खजूर: खजूर स्वाभाविक रूप से मीठे और आयरन से भरपूर होते हैं, जो मिठास पसंद करने वाले बच्चों के लिए आदर्श हैं।
अंडे: अंडे प्रोटीन और आयरन का अच्छा स्रोत हैं, विशेष रूप से जर्दी। इन्हें उबालकर, स्क्रैम्बल्ड या ऑमलेट के रूप में परोसा जा सकता है। आयरन की कमी से बच्चों में थकान और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
कद्दू के बीज: ये बीज आयरन, मैग्नीशियम और स्वस्थ वसा से भरपूर हैं।
ग्रोइंग-अप मिल्क (जीयूएम): यह विशेष रूप से बच्चों के लिए तैयार किया जाता है और इसमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, सी और डी जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं।
अटेंटिव बिहेवियर के लिए क्यों जरूरी है आयरन
आयरन मस्तिष्क में उन कनेक्शनों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो सीखने और स्मृति के लिए आवश्यक हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि तेजी से विकास के दौरान पर्याप्त आयरन का सेवन न्यूरोकॉग्निटिव स्किल, कॉन्सनट्रेशन और बाद के बेहतर शैक्षिक उपलब्धियों को समर्थन देता है। आयरन की कमी से पीड़ित बच्चों की तुलना में, जिन बच्चों को पर्याप्त आयरन मिलता है, वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। आयरन की कमी से बच्चों में चिड़चिड़ापन, पिका और संज्ञानात्मक कठिनाइयां हो सकती हैं।
रोकथाम और सुझाव
– बच्चों में आयरन की कमी को रोकने के लिए पेरेंट्स को उनके आहार पर ध्यान देना चाहिए।
– आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से आहार में शामिल करें।
– विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है।
– यदि आपको लगता है कि आपके बच्चे को पर्याप्त आयरन नहीं मिल रहा है, तो आयरन सप्लीमेंट्स दें।
– गर्भावस्था के दौरान मां को भी पर्याप्त आयरन लेना चाहिए, क्योंकि यह भ्रूण के मस्तिष्क विकास को प्रभावित करता है।
