gun licence rules in india
gun licence rules in india

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लाइसेंसी गन या पिस्टल रखने के दौरान लाइसेंसधारी को कई सावधानियां रखनी चाहिए। खासतौर पर अगर घर में महिलाएं और बच्चे हैं तो जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती हैं।

Gun Licence Rules in India: लाइसेंसी पिस्टल रखना जहां कुछ लोगों के लिए जरूरत है तो वहीं कुछ लोग इसे टशन के लिए भी काम में लेते हैं। लेकिन सच्चाई तो ये है कि लाइसेंसी पिस्टल या गन रखना कोई बच्चों का खेल नहीं है। इसे रखने के कई सारे नियम और कायदे हैं, जिन्हें पिस्टलधारी को फॉलो करना होता है। वहीं अगर आपके घर में बच्चे हैं तो यह जिम्मेदारी कई गुणा बढ़ जाती है। क्योंकि लाइसेंसी पिस्टल या गन से हादसे होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। अगर आपके पास एक लाइसेंसी गन या पिस्टल है तो आपको कई सावधानियां रखनी चाहिए।

भारत में बिना लाइसेंस के फायर आर्म्स रखना कानूनी अपराध है।
In India, it is a legal offense to possess firearms without a license.

भारत में बिना लाइसेंस के फायर आर्म्स रखना कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस या कानून प्रवर्तन एजेंसियां शस्त्र अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकती हैं। भारत में आर्म्स एक्ट साल 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद बना। हालांकि साल 1878 में तत्कालीन ब्रिटिश अधिकारियों ने शस्त्र अधिनियम लागू किया। देश के आजाद होने के बाद इस अधिनियम को भी हटा दिया गया और पूरे देश में ‘भारतीय शस्त्र अधिनियम’ लागू हुआ। भारत में गन या पिस्टल रखने के लिए सख्त नियम हैं और एक लंबी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही लाइसेंसी हथियार रखा जा सकता है।

लाइसेंसी गन या पिस्टल रखने के दौरान लाइसेंसधारी को कई सावधानियां रखनी चाहिए।
While keeping a licensed gun or pistol, the license holder must take many precautions.

लाइसेंसी गन या पिस्टल रखने के दौरान लाइसेंसधारी को कई सावधानियां रखनी चाहिए। खासतौर पर अगर घर में महिलाएं और बच्चे हैं तो जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती हैं।

आजकल लाइसेंसी पिस्टल या गन रखना सुरक्षा से कहीं ज्यादा स्टेटस और टशन की बात मानी जाने लगी है। लोग इसे रुतबे से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप अपने बच्चों को बचपन से ही इसकी जरूरत के विषय में साफ बताएं। कोशिश करें कि जब तक जरूरत न हो, तब तक बच्चे को घर में पिस्टल रखी होने की जानकारी न दें। अगर बच्चे को पता है कि आपके पास गन है तो उसे ये न बताएं कि यह कहां रखी है।

अपनी पिस्टल या गन को सुरक्षित स्थान पर रखना सबसे महत्वपूर्ण है। कोशिश करें कि आप इसे लॉकर में रखें और चाबी सेफ जगह पर रखें। यह लॉकर हमेशा बंद रखें। इसका पासवर्ड बच्चों को कभी न बताएं। जिससे बच्चे इसका गलत उपयोग नहीं कर पाएंगे। दरअसल, गन और पिस्टल बच्चों के लिए खिलौने जैसे हैं, वे इसकी गंभीरता को नहीं समझ पाते। वहीं हथियारों को लेकर बच्चे काफी उत्साहित भी होते हैं और ऐसे में हादसे का शिकार हो सकते हैं। इसलिए हथियारों को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखें।  

घर में कभी भी लोडेड पिस्टल या गन न रखें। क्योंकि यह बेहद खतरनाक हो सकता है। इसलिए पिस्टल के मैगजीन को हमेशा अलग रखें और गोलियों को अलग से सुरक्षित स्थान पर रखें। इससे एक्सीडेंटल हादसे होने की आशंका कम होती है। क्योंकि महिलाओं और बच्चों के लिए पिस्टल को असेंबल करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यह सुरक्षा की दृष्टि से अहम कदम साबित हो सकता है। यह छोटी सी आदत आपको कई बड़ी परेशानियों से बचा सकती है। वहीं कई बड़े हादसे रोकने में भी मददगार साबित हो सकती है।

पिस्टल और गन दोनों में ऐसे कई सिस्टम होते हैं, जिनसे अनावश्यक हादसे रोके जा सकते हैं। इन्हीं में से एक है पिस्टल का ट्रिगर लॉक। इसी के साथ कई अन्य सुरक्षा टूल भी होते हैं। आप हमेशा इनका उपयोग करें, जिससे आपकी पिस्टल का गलत उपयोग रोका जा सके। आप इसमें किसी प्रोफेशनल की मदद भी ले सकते हैं। यह सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी है। आप लाइसेंसी गन या पिस्टल लेते समय ही इन फीचर्स के विषय में पूरी जानकारी हासिल करना न भूलें।

पिस्टल और गन को रखने के साथ ही समय-समय पर उनकी मेंटेनेंस करना भी बहुत जरूरी है। हालांकि इस दौरान आपको पूरी सावधानी रखनी चाहिए। आप नियमित रूप से अपनी लाइसेंसी पिस्टल की जांच करें और इसकी सफाई करें। अगर आप इसमें माहिर नहीं हैं तो प्रोफेशनल लोगों से अपनी गन की मेंटेनेंस करवाएं। अगर आप घर पर पिस्टल साफ करवा रहे हैं तो इस दौरान बच्चों को दूर रखें। यह काम बच्चों के सामने नहीं करना चाहिए।  

ये वो जरूरी काम है, जिसपर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते हैं। पिस्टल लेने से पहले आप उसे उपयोग में लेने का प्रशिक्षण जरूर लें। यह आपकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि कई बार हथियार के साथ की गई छोटी सी लापरवाही भी बड़ी हो सकती है।

भारत में लाइसेंसी पिस्टल, गन और अन्य हथियार रखने के सख्त नियम हैं। आपको इनका पालन जरूर करना चाहिए। समय समय पर आपको अपने हथियार का लाइसेंस रिन्यू करवाना चाहिए। साथ ही इसके रजिस्ट्रेशन पर भी ध्यान देना चाहिए।  ध्यान रखें यह बहुत ही जरूरी है। ऐसा न करने पर आप पर कार्यवाही भी हो सकती है।

परिवार के सभी सदस्यों को पिस्टल की सुरक्षा और उपयोग के बारे में उचित शिक्षा दें।
Provide proper education to all family members about pistol safety and use.

अगर आपके परिवार में हथियार रखने का चलन है तो परिवार के सभी सदस्यों को पिस्टल की सुरक्षा और उपयोग के बारे में उचित शिक्षा दें। विशेष रूप से बच्चों को यह सिखाएं कि पिस्टल को छूने या खेलने का प्रयास न करें। अगर आप पिस्टल रखते हैं तो यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप उसे लेकर बच्चों को उत्साहित या प्रोत्साहित न करें। जैसे किसी के परेशान करने पर या गुस्सा आने पर कभी बच्चे के सामने न कहें कि ‘मैं उसे गोली मार दूंगा।’ या फिर परेशान या दुखी होने पर कभी न कहें कि ‘मैं खुद को गोली मार लूंगा।’ ऐसी बातें बच्चों के मन में घर कर सकती हैं, जो आगे जाकर घातक साबित हो सकती हैं। साथ ही ये बातें बच्चों को हथियार के प्रति आकर्षित भी करती हैं। 

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...