Portrait of cabin crew member Pinky Mali alongside wreckage of a chartered aircraft after the Baramati crash.
Cabin crew member Pinky Mali, who lost her life in the Baramati chartered aircraft crash, leaving her family and hometown in deep mourning.

Summary: मुंबई से जौनपुर तक मातम, पिंकी माली की मौत से शोक में दो राज्य

बारामती हवाई अड्डे पर हुए चार्टर्ड विमान हादसे में 29 वर्षीय केबिन क्रू सदस्य पिंकी माली की मौत हो गई, जिससे मुंबई और उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में शोक की लहर है।

Who was Pinky Mali: महाराष्ट्र के बारामती हवाई अड्डे पर हुए एक भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित कुल पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इन्हीं में एक नाम था 29 वर्षीय केबिन क्रू सदस्य पिंकी माली, जिनकी असमय मौत ने न सिर्फ मुंबई बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव को भी गहरे शोक में डुबो दिया।

गांव से अटूट रिश्ता

पिंकी माली अपने परिवार के साथ मुंबई के वर्ली स्थित सेंचुरी क्वार्टर में रहती थीं। वह जिस चार्टर्ड विमान में केबिन क्रू के तौर पर तैनात थीं, वह बुधवार सुबह बारामती के लिए रवाना हुआ था। किन किसे पता था कि यह यात्रा पिंकी की ज़िंदगी की आखिरी उड़ान साबित होगी।

पिंकी का पैतृक गांव भैंसा, केराकत तहसील, उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित है। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। गांव में लोग पिंकी को एक स्नेही बेटी, जिम्मेदार बहन और अपने संस्कारों से जुड़ी युवती के रूप में याद कर रहे हैं। स्थानीय निवासी अशोक सिंह बताते हैं कि पिंकी के पिता हर साल गांव आकर दुर्गा पूजा का आयोजन करते थे, जिससे परिवार का गांव से गहरा जुड़ाव बना रहा।

एक खुशमिज़ाज बेटी, जिम्मेदार बहन

पिंकी माली ने अपनी स्कूली और उच्च शिक्षा महाराष्ट्र के ठाणे में पूरी की थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने एविएशन सेक्टर में कदम रखा और केबिन क्रू के रूप में काम शुरू किया। उनके परिवार में एक भाई करण और एक बहन प्रीति हैं। तीनों भाई-बहन की पढ़ाई महाराष्ट्र में ही हुई।

पिंकी के चचेरे भाई शीतला प्रसाद माली के अनुसार, उनके पिता शिव कुमार माली चार भाइयों में से एक हैं। परिवार पहले ही पिछले साल एक गहरे दुख से गुजर चुका था, जब पिंकी के दादा बाबू राम का निधन हो गया था। अब यह दूसरा बड़ा सदमा परिवार के लिए असहनीय साबित हो रहा है।

Ajeet pawar and Pinky Mali in the foreground with a blurred background showing wreckage and smoke from a plane crash.
An illustrative image set against the backdrop of the Baramati chartered aircraft crash that claimed multiple lives.

आखिरी बातचीत और टूटा सपना

पिंकी के पिता शिव कुमार माली, जो महाराष्ट्र में शिवसेना से जुड़े नेता हैं, ने बेटी से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए बताया कि वह बेहद खुश लग रही थी। पिंकी ने उनसे कहा था कि वह फ्लाइट पर पहुंचने के बाद अजित पवार से उनकी बात करवाने में मदद करेगी। लेकिन टेक-ऑफ के बाद फिर कभी उनकी बेटी की आवाज़ नहीं आई। पिंकी के पिता शिवकुमार माली कभी दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्यरत थे। उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह के विमान से जुड़ी एक मामूली तकनीकी चूक के बाद उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। शुरुआत में पिंकी मॉडलिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती थीं, लेकिन शिवकुमार माली के कहने पर उन्होंने यह रास्ता छोड़ दिया और एविएशन सेक्टर को चुना।

पिंकी के भाई करण ने भी बतया कि हादसे वाले दिन सुबह उनकी बहन से फोन पर बात हुई थी। उसने कहा था कि वह बारामती से नांदेड़ की यात्रा करेगी। यही उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई।

कैसे हुआ हादसा

महाराष्ट्र विमानन विभाग के अनुसार, यह दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे हुई। खराब दृश्यता के कारण पायलट ने पहली बार लैंडिंग रोक दी थी। दूसरी बार रनवे नंबर 11 पर उतरने की कोशिश के दौरान विमान फिसल गया, रनवे से बाहर चला गया और तुरंत आग की चपेट में आ गया। इस हादसे में पायलट, सुरक्षा कर्मी, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और केबिन क्रू सदस्य पिंकी माली समेत सभी सवारों की मौके पर ही मौत हो गई। कोई भी जीवित नहीं बच सका।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...