fresh amla, cooking in jaggery syrup with spices, and finished preserve in a jar
fresh amla, cooking in jaggery syrup with spices, and finished preserve in a jar

Summary: चीनी नहीं, गुड़ का कमाल: सर्दियों के लिए परफेक्ट आंवला मुरब्बा

गुड़ वाला आंवला मुरब्बा स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है। यह इम्युनिटी बढ़ाने के साथ सर्दियों में शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।

Amla Murabba with Jaggery: आज हम आपके लिए एक ऐसी रेसिपी लेकर आए हैं, जो न केवल आपके मुंह का स्वाद बढ़ा देगी बल्कि आपके शरीर को भी ढेर सारे पोषण से भर देगी। हम बात कर रहे हैं गुड़ वाले आंवले के मुरब्बे की। क्या आपको याद है बचपन में दादी या नानी के हाथ का बना आंवले का मुरब्बा? वह खट्टा-मीठा स्वाद, जो सर्दियों की ठंडी सुबह में धूप सेंकते हुए कितना लाजवाब लगता था! आज हम उसी याद को ताज़ा करेंगे, लेकिन एक स्वस्थ ट्विस्ट के साथ चीनी की बजाय गुड़ का उपयोग करके।

आंवला, जिसे भारतीय करौदा भी कहा जाता है, विटामिन सी का एक पावरहाउस है। यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, त्वचा और बालों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है। और जब इसे गुड़ के साथ मिलाया जाता है, तो इसकी पौष्टिकता और भी बढ़ जाती है। गुड़, चीनी का एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है, जो आयरन और अन्य खनिजों से भरपूर होता है। यह हमारे शरीर को गर्म रखने में मदद करता है और सर्दियों में विशेष रूप से फायदेमंद होता है।

Amla Murabba with Jaggery

Amla Murabba with Jaggery

आंवला मुरब्बा विद गुड़ एक हेल्दी और पारंपरिक भारतीय प्रिज़र्व है, जिसे ताज़े आंवले और प्राकृतिक गुड़ से तैयार किया जाता है। इसमें चीनी की जगह गुड़ का उपयोग होने से यह ज्यादा पौष्टिक और पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। आंवला विटामिन C से भरपूर होता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। यह मुरब्बा स्वाद में मीठा-खट्टा होता है और सर्दियों में खासतौर पर खाया जाता है, साथ ही इसे आयुर्वेदिक टॉनिक भी माना जाता है।
Prep Time 40 minutes
Cook Time 2 hours
Course: Dessert / Sweet Preserve (Ayurvedic Tonic)
Cuisine: Indian Cuisine (Traditional / Ayurvedic)
Calories: 200

Ingredients
  

  • 1 किलो आंवला बड़े आकार के, ताजे और दाग रहित
  •  1 किलो गुड़ कद्दूकस किया हुआ या छोटे टुकड़ों में कटा हुआ, गहरे रंग का ऑर्गेनिक गुड़ सबसे अच्छा होता है
  •  1 चम्मच इलायची पाउडर ताजी कूटी हुई इलायची का स्वाद ही कुछ और होता है!
  • 1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर मुरब्बे को एक हल्का तीखापन देने के लिए
  • 1/2 चम्मच काला नमक स्वाद को संतुलित करने के लिए
  • 1/4 चम्मच सेंधा नमक आयुर्वेदिक गुणों के लिए
  • केसर के धागे  कुछ धागे रंग और खुशबू के लिए
  • पानी आंवले को उबालने के लिए और चाशनी बनाने के लिए।
  •  1 छोटा टुकड़ा फिटकरी आंवले की कसैलापन दूर करने के लिए, वैकल्पिक लेकिन बहुत प्रभावी

Method
 

  1. चरण 1: आंवले को तैयार करना
    Fresh Indian gooseberries (amla) in a bowl
  2. सबसे पहले, आंवले को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। सुनिश्चित करें कि उन पर कोई गंदगी या धूल न हो। अब, सबसे महत्वपूर्ण कदम आता है: आंवले को फोर्क से छेदना। एक कांटे (fork) का उपयोग करके हर आंवले में गहराई तक छेद करें। जितने ज़्यादा छेद होंगे, गुड़ की चाशनी उतनी ही अच्छी तरह से अंदर तक जाएगी और कसैलापन भी कम होगा।
    Piercing amla with fork
चरण 2: कसैलापन दूर करना
  1. एक बड़े बर्तन में पर्याप्त पानी लें ताकि आंवले उसमें पूरी तरह डूब जाएं। इसमें फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा डाल दें और पानी को उबाल लें। जब पानी उबलने लगे, तो इसमें छेद किए हुए आंवले डाल दें। इन्हें 5-7 मिनट तक उबालें। आप देखेंगे कि पानी का रंग थोड़ा बदल जाएगा। यह कसैलेपन के बाहर निकलने का संकेत है। इस पानी को सावधानी से निकाल दें और आंवले को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें।
    Boiling amla in pot
चरण 3: आंवले को सुखाना
  1. आंवले को पानी से निकालने के बाद, उन्हें एक साफ कपड़े पर फैला दें और लगभग 3-4 घंटे या रात भर के लिए पूरी तरह सूखने दें। सुनिश्चित करें कि उनमें बिल्कुल भी नमी न रहे। नमी मुरब्बे को खराब कर सकती है।
    Amla drying on cloth
चरण 4: गुड़ की चाशनी तैयार करना
  1. एक भारी तले की कड़ाही या पैन लें। इसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें और लगभग 1/4 कप पानी (बहुत ज़्यादा नहीं, गुड़ अपना पानी छोड़ता है) डालकर मध्यम आंच पर रखें। गुड़ को लगातार चलाते रहें ताकि वह जले नहीं।
    Amla in jaggery syrup
  2. जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए और एक गाढ़ी चाशनी बनने लगे, तो आंच धीमी कर दें। अब इस चाशनी में सूखे हुए आंवले डालें।
चरण 5: आंवले को चाशनी में पकाना
  1. आंवले डालने के बाद, उन्हें धीरे-धीरे चाशनी में डुबो दें। अब आंच धीमी कर दें और इसे धीरे-धीरे पकने दें। बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें ताकि आंवले चारों तरफ से समान रूप से पकें और चाशनी को सोख लें। यह प्रक्रिया लगभग 1 से 1.5 घंटे तक चल सकती है। आप देखेंगे कि आंवले का रंग गहरा होता जाएगा और चाशनी गाढ़ी होती जाएगी।
    Amla cooked in jaggery syrup
  2. जब आंवले पारदर्शी दिखने लगें और चाशनी शहद जैसी गाढ़ी हो जाए, तो समझ लें कि वे पक गए हैं।
चरण 6: मसालों का जादू
  1. जब आंवले अच्छी तरह पक जाएं और चाशनी गाढ़ी हो जाए, तो गैस बंद कर दें। अब इसमें इलायची पाउडर, काली मिर्च पाउडर, काला नमक और सेंधा नमक (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। यदि आप केसर का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे भी इसी समय डाल दें। सभी मसालों को अच्छी तरह मिलाएं।
    Adding spices to amla in jaggery syrup
चरण 7: ठंडा करना और सेट होने देना
  1. मुरब्बे को कड़ाही में ही पूरी तरह ठंडा होने दें। जब यह ठंडा हो जाए, तो इसे एक साफ, सूखे और एयरटाइट कांच के जार में भर दें। इसे कम से कम 24 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें ताकि आंवले चाशनी को अच्छी तरह सोख लें और स्वाद एक-दूसरे में मिल जाएं।
    Jar of gulab jamun
चरण 8: परोसने और स्टोरेज का तरीका
  1. आपका स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक आंवला मुराब्बा अब तैयार है! आप इसे तुरंत खा सकते हैं, लेकिन एक-दो दिन बाद इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा। इसे फ्रिज में स्टोर करें, और यह कई महीनों तक खराब नहीं होगा।

Notes

टिप्स और ट्रिक्स
  • सही आंवले का चुनाव: हमेशा बड़े, ताजे, हरे और बिना दाग वाले आंवले चुनें। छोटे या सूखे आंवले से बचें क्योंकि उनमें कसैलापन ज़्यादा हो सकता है और वे चाशनी को ठीक से सोख नहीं पाते। सर्दियों के मौसम में सबसे अच्छे आंवले मिलते हैं।
  • छेद करने की कला: आंवले में जितने ज़्यादा और गहरे छेद होंगे, उतना ही बेहतर मुरब्बा बनेगा। यह सुनिश्चित करता है कि आंवला चाशनी को अच्छी तरह सोखे और अंदर तक मीठा हो जाए, साथ ही कसैलापन भी पूरी तरह निकल जाए। धैर्य रखें, यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है!
  • फिटकरी का उपयोग: फिटकरी कसैलेपन को दूर करने और आंवले को थोड़ा सख्त रखने में मदद करती है, जिससे वे पकते समय ज़्यादा गलते नहीं हैं। यदि आप फिटकरी का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो आप आंवले को 15-20 मिनट के लिए सिर्फ पानी में उबाल सकते हैं, जब तक कि वे हल्के नरम न हो जाएं, फिर उन्हें 2-3 बार ठंडे पानी से धो लें।
  • पूरी तरह सुखाना: आंवले को उबालने के बाद उन्हें अच्छी तरह से सुखाना बहुत ज़रूरी है। नमी मुरब्बे को खराब कर सकती है। आप उन्हें धूप में या पंखे के नीचे फैलाकर सूखने दे सकते हैं।
  • गुड़ की गुणवत्ता: गहरे रंग का, ऑर्गेनिक या देसी गुड़ चुनें। यह मुरब्बे को एक समृद्ध स्वाद और रंग देता है। गुड़ को पिघलते समय बहुत ज़्यादा पानी न डालें, क्योंकि गुड़ अपना पानी छोड़ता है।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...