Ingredients
Method
- चरण 1: आंवले को तैयार करना

- सबसे पहले, आंवले को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। सुनिश्चित करें कि उन पर कोई गंदगी या धूल न हो। अब, सबसे महत्वपूर्ण कदम आता है: आंवले को फोर्क से छेदना। एक कांटे (fork) का उपयोग करके हर आंवले में गहराई तक छेद करें। जितने ज़्यादा छेद होंगे, गुड़ की चाशनी उतनी ही अच्छी तरह से अंदर तक जाएगी और कसैलापन भी कम होगा।

चरण 2: कसैलापन दूर करना
- एक बड़े बर्तन में पर्याप्त पानी लें ताकि आंवले उसमें पूरी तरह डूब जाएं। इसमें फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा डाल दें और पानी को उबाल लें। जब पानी उबलने लगे, तो इसमें छेद किए हुए आंवले डाल दें। इन्हें 5-7 मिनट तक उबालें। आप देखेंगे कि पानी का रंग थोड़ा बदल जाएगा। यह कसैलेपन के बाहर निकलने का संकेत है। इस पानी को सावधानी से निकाल दें और आंवले को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें।

चरण 3: आंवले को सुखाना
- आंवले को पानी से निकालने के बाद, उन्हें एक साफ कपड़े पर फैला दें और लगभग 3-4 घंटे या रात भर के लिए पूरी तरह सूखने दें। सुनिश्चित करें कि उनमें बिल्कुल भी नमी न रहे। नमी मुरब्बे को खराब कर सकती है।

चरण 4: गुड़ की चाशनी तैयार करना
- एक भारी तले की कड़ाही या पैन लें। इसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें और लगभग 1/4 कप पानी (बहुत ज़्यादा नहीं, गुड़ अपना पानी छोड़ता है) डालकर मध्यम आंच पर रखें। गुड़ को लगातार चलाते रहें ताकि वह जले नहीं।

- जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए और एक गाढ़ी चाशनी बनने लगे, तो आंच धीमी कर दें। अब इस चाशनी में सूखे हुए आंवले डालें।
चरण 5: आंवले को चाशनी में पकाना
- आंवले डालने के बाद, उन्हें धीरे-धीरे चाशनी में डुबो दें। अब आंच धीमी कर दें और इसे धीरे-धीरे पकने दें। बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें ताकि आंवले चारों तरफ से समान रूप से पकें और चाशनी को सोख लें। यह प्रक्रिया लगभग 1 से 1.5 घंटे तक चल सकती है। आप देखेंगे कि आंवले का रंग गहरा होता जाएगा और चाशनी गाढ़ी होती जाएगी।

- जब आंवले पारदर्शी दिखने लगें और चाशनी शहद जैसी गाढ़ी हो जाए, तो समझ लें कि वे पक गए हैं।
चरण 6: मसालों का जादू
- जब आंवले अच्छी तरह पक जाएं और चाशनी गाढ़ी हो जाए, तो गैस बंद कर दें। अब इसमें इलायची पाउडर, काली मिर्च पाउडर, काला नमक और सेंधा नमक (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। यदि आप केसर का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे भी इसी समय डाल दें। सभी मसालों को अच्छी तरह मिलाएं।

चरण 7: ठंडा करना और सेट होने देना
- मुरब्बे को कड़ाही में ही पूरी तरह ठंडा होने दें। जब यह ठंडा हो जाए, तो इसे एक साफ, सूखे और एयरटाइट कांच के जार में भर दें। इसे कम से कम 24 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें ताकि आंवले चाशनी को अच्छी तरह सोख लें और स्वाद एक-दूसरे में मिल जाएं।

चरण 8: परोसने और स्टोरेज का तरीका
- आपका स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक आंवला मुराब्बा अब तैयार है! आप इसे तुरंत खा सकते हैं, लेकिन एक-दो दिन बाद इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा। इसे फ्रिज में स्टोर करें, और यह कई महीनों तक खराब नहीं होगा।
Notes
टिप्स और ट्रिक्स
- सही आंवले का चुनाव: हमेशा बड़े, ताजे, हरे और बिना दाग वाले आंवले चुनें। छोटे या सूखे आंवले से बचें क्योंकि उनमें कसैलापन ज़्यादा हो सकता है और वे चाशनी को ठीक से सोख नहीं पाते। सर्दियों के मौसम में सबसे अच्छे आंवले मिलते हैं।
- छेद करने की कला: आंवले में जितने ज़्यादा और गहरे छेद होंगे, उतना ही बेहतर मुरब्बा बनेगा। यह सुनिश्चित करता है कि आंवला चाशनी को अच्छी तरह सोखे और अंदर तक मीठा हो जाए, साथ ही कसैलापन भी पूरी तरह निकल जाए। धैर्य रखें, यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है!
- फिटकरी का उपयोग: फिटकरी कसैलेपन को दूर करने और आंवले को थोड़ा सख्त रखने में मदद करती है, जिससे वे पकते समय ज़्यादा गलते नहीं हैं। यदि आप फिटकरी का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो आप आंवले को 15-20 मिनट के लिए सिर्फ पानी में उबाल सकते हैं, जब तक कि वे हल्के नरम न हो जाएं, फिर उन्हें 2-3 बार ठंडे पानी से धो लें।
- पूरी तरह सुखाना: आंवले को उबालने के बाद उन्हें अच्छी तरह से सुखाना बहुत ज़रूरी है। नमी मुरब्बे को खराब कर सकती है। आप उन्हें धूप में या पंखे के नीचे फैलाकर सूखने दे सकते हैं।
- गुड़ की गुणवत्ता: गहरे रंग का, ऑर्गेनिक या देसी गुड़ चुनें। यह मुरब्बे को एक समृद्ध स्वाद और रंग देता है। गुड़ को पिघलते समय बहुत ज़्यादा पानी न डालें, क्योंकि गुड़ अपना पानी छोड़ता है।
