fifty shades freed novel in Hindi
fifty shades freed novel in Hindi

fifty shades freed novel in Hindi: “जैक???” डर के मारे मेरी आवाज ही गायब हो गई।

ये जेल से कब आया। इसके पास ईया का फोन क्यों है? मैं अचानक ही बेसुध-सी होने लगी।

“मेरी याद है या नहीं?”

“हां बेशक”

“तुम सोच रही होगी कि मैंने तुम्हें याद क्यों किया?”

“हां”

“फोन मत काटना। तुम्हारी प्यारी ननद से बात कर रहा हूं।”

“क्या ईया! नहीं! तुमने उसे क्या किया”

“ओह कमीनी, पैसे की भूखी औरत। तूने मेरी जिंदगी तबाह कर दी। तुम्हारी ईया मेरे पास है और पूरे ग्रे परिवार को इसकी कीमत चुकानी होगी। उस हरामी ग्रे को इसकी कीमत चुकानी होगी।”

“तुम चाहते क्या हो?”

“मैं उसका पैसा चाहता हूं। अगर उस दौर में मुझे लिया गया होता तो आज उसकी जगह मैं होता। तुम मुझे उसका पैसा लाकर दोगी। मैं आज ही पांच मिलियन डॉलर चाहता हूं।”

“इतना पैसा मैं कहां से ला सकती हूं।”

“तुझे लाना होगा। पुलिस को, सिक्योरिटी को या अपने पति को इस बारे में बताया तो तेरी ननद की जान खतरे में होगी। समझी”

मेरे मुंह से डर के मारे आवाज तक नहीं निकली।

“अपना फोन अपने पास रख। किसी को बताया तो ये लड़की जान से जाएगी।”

“जैक। मुझे कम से कम तीन घंटे चाहिए। मैं कैसे मान लूं कि ईया तेरे साथ है?”

तभी लाइन कट गई। सिर चकरा गया। किसे बता दूं, किससे छिपा लूं, उसने पहले ही कह दिया था कि अगर कुछ कहा तो वह उसे जान से मार देगा। हारकर यही तय किया कि तबीयत का बहाना बनाकर निकलना होगा। मैंने हैना को बुला कर कहा कि एलिजाबेथ से कह दे कि मैं किसी जरूरी काम से जा रही हूं। पता नहीं, कितना समय लगेगा।

“हां एना! सब ठीक है न?” उसने पूछा

“हां।”

स्वेयर! तबीयत ठीक नहीं है। घर ले चलो।”

“जी मैम! आप यहीं इंतजार करो। मैं गाड़ी लेकर आया।”

“नहीं। मैं साथ चलती हूं। घर जाने की जल्दी हो रही है।”

मैं कार में बैठकर यही सोचती रही कि पांच मिलियन कितने होते होंगे। वे कितने बड़े बैगों में आएंगे। क्या मुझे बैंक में पहले से फोन करना चाहिए। ईया??? ईया उसके साथ है या नहीं, मैं कैसे पता लगा सकती हूं। क्या मुझे ग्रेस को फोन करके पूछना चाहिए पर उसने किसी से भी बात करने को मना किया है।

“ओह स्वेयर! गाड़ी जल्दी चलाओ। समय बहुत कम है।”

“मैं आपको बताना चाहता हूं कि मिसेज ग्रे मेरे साथ हैं। वे घर जा रही हैं। जी सर।” उसने एक फोन किया।

“टेलर मि. ग्रे के साथ है?”

“जी मैम”

“क्या वे पोर्टलैंड में हैं?”

“जी मैम! ”

अच्छा! कम से कम वह सुरक्षित तो है। मैंने अपने पेट पर हाथ फेरा। मुझे दोनों को सुरक्षित रखना है।

घर में मिसेज जोंस नहीं दिखी। शायद रेयान के साथ घर का सामान लेने गई होंगी। मैंने खुद को क्रिस्टियन की स्टडी में बंद कर लिया। वहां से चैकबुक निकालने लगी तो लीला की गन पर नजर गई। उसे भी अपनी जींस के हवाले कर लिया। शायद जरूरत पड़ जाए।

मैंने देखा कि उसका एक एकांउट हम दोनों के नाम था और उसमें से मैं भी पैसे निकाल सकती थी। पता नहीं कि उसमें कितना पैसा था पर उम्मीद थी कि उसके पास अवश्य होगा। काश तिजोरी में पैसे होते पर मुझे उसका कोड नहीं पता। मुझे बैंक ही जाना होगा।

मैं बेडरूम में गई तो पिछले दिन की यादें कौंध गईं। वह मुझसे नाराज हो कर गया है। वह मुझसे बात नहीं कर रहा। उसे मेरी परवाह नहीं है। खैर! अभी तो मुझे ईया के बारे में सोचना है। अपने बारे में तो बाद में भी सोच सकते हैं।

मैंने अपने बैग में उसका जिम बैग ठूंस लिया। क्या मुझे बैंक के लिए अपना लाइसेंस रखना चाहिए।

आधा घंटा हो गया है। मुझे जल्दी करनी होगी।

मैंने बहाने से स्वेयर को ऊपर बुलाया और जब वह नीचे से चला तो मैं नीचे की ओर चल दी। मुझे उससे अलग होने के लिए केवल कुछ ही मिनट मिलेंगे। वह मुझे नदारद पा कर चिल्लाया। मैं जानती थी कि वह मुझे अकेला नहीं छोड़ेगा।

जब तक वह नीचे उतरा। मैं अपनी कार में आगे बढ़ चुकी थी और वह हैरान-परेशान खड़ा था कि मैंने ऐसा क्यों किया। शायद उसे काम से हाथ धोना पड़े पर इस समय तो ईया से बढ़कर कुछ नहीं है। मुझे बैंक से पांच मिलियन लाने हैं।

बैंक में मेरे पति का नाम सुनते ही उनका बर्ताव बदल गया। वे जानते हैं कि ग्रे की क्या कीमत है। वे मुझे एक कमरे में ले गए और मैंने वहां के एक मैनेजर को बताया कि मुझे कितनी बड़ी रकम चाहिए। मि. वीलन ने बताया कि वे लोग नोटिस के बिना इतनी बड़ी रकम नहीं देते।

“मि. वीलन मैं जल्दी में हूं। मेरे पास चैकबुक और लाईसेंस है। क्या मैं चैक लिखूं”

“पहले अपनी पहचान दिखाएं।”

“मिसेज ग्रे! पर आपके लाइसेंस पर तो एनेस्टेसिया स्टील लिखा है।”

“ओह शिट! ”

“मैं मि. ग्रे से बात करता हूं।”

अरे नहीं। इसकी जरूरत नहीं है। मैंने पर्स खोला तो फोटो मिली पर उसे दिखाया नहीं जा सकता था। फिर सबूत मिल ही गया। वह फिर भी नहीं माना तो मैंने दांव खेला।

“क्या मुझे अपने पति को बताना होगा कि उनके बैंक की ओर से मुझे सहयोग नहीं मिला?”

“नहीं मिसेज ग्रे! आप चैक लिख दें।”

मैंने अपने धड़कते दिल को काबू में करते हुए चैकबुक निकाली।

“मैं ज़रा कागजी कारवाई के लिए समय चाहता हूं।”

ओह! ये काम भी आसान नहीं है। मैंने कांपते हाथों से चैक तैयार किया।

“हे भगवान! कहीं मैं कुछ गलत तो नहीं कर रही । ईया उसके पास है भी या नहीं?”

मुझे जैक की धमकी याद आ गई । उसने कहा था कि अगर मैंने किसी को बताया तो वह ईया को मारने से पहले उसकी इज्जत लूटने से भी बाज़ नहीं आएगा।

“मिसेज ग्रे! आपके पति आपसे बात करना चाहते हैं। आप बात करें। मैं बाहर खड़ा हूं।” वीलन ने कहा

ओह! अब मैं अपने पति से क्या कहूंगी। मुझे इतना पैसा किसलिए चाहिए। अचानक क्या जरूरत आन पड़ी।

“हाय।”

“क्या तुम मुझे छोड़ कर जा रही हो।”

क्या?

“नहीं!!! ” उसने ये कैसे सोचा। उसे लग रहा है कि मैं उसका पैसा लेकर उसे छोड़ना चाहती हूं। मुझे उसे और उसकी बहन को सलामत रखने के लिए झूठ बोलना ही होगा। मैंने कहा

“हां! ”

उसने सुबकी सी भरी, “एना!!!! ”

नहीं क्रिस्टियन! ऐसा मत करो। मैंने किसी तरह अपने भावों को काबू किया।

“तुम जा रही हो?”

“हां”

“पर क्या तुम हमेशा से पैसे के पीछे थीं?” उसकी आवाज भर्रा रही है।

“नहीं। ”मेरे आंसू बहने लगे। नहीं।

“क्या पांच मिलियन काफी हैं।”

ओह प्लीज! ऐसी बातें मत करो

“हां।”

“और बेबी।” उसने उसांस भरी।

“क्या?” मेरा हाथ पेट तक आ गया। मैं उसे संभाल सकती हूं। मेरा नन्हा ब्लिप! मेरा प्यारा सा बेबी!!!

“तुम यही चाहती थीं।”

नहीं।

“हां”

उसने गहरी सांस ली। “सब कुछ ले जाओ”

क्रिस्टियन! मैंने सुबकी भरी। ये तुम्हारे लिए है। तुम्हारे परिवार, तुम्हारी बहन के लिए है। मैं तुम्हें छोड़ कर नहीं जा रही। मेरा भरोसा करो। मैंने मन ही मन कहा।

क्रिस्टियन!! अचानक ही मन किया कि उसे सब बता दूं कि मैं किन हालात में हूं। उसकी बहन की जान खतरे में है। मुझे फिरौती के लिए पैसा चाहिए।

“मैं तुमसे हमेशा प्यार करता रहूंगा।”

“मैं भी करती हूं। क्रिस्टियन”

तभी दरवाजे पर आहट हुई । वीलन अंदर आया। वह बहुत डरा हुआ दिखा।

“मि. ग्रे। आपके पति ने आपको पैसा देने के लिए कह दिया है। उन्होंने कहा है कि हमें कहीं से भी आपको प्रबंध करके देना होगा। ऐसा होता नहीं है पर उन्होंने बहुत जोर देकर कहा है।”

वह परेशान है कि ऑफिस में रो रही महिला से कैसे बात की जाए। उसने मुझे पानी का गिलास दिया।

मेरे पति को लग रहा है कि मैं उसे छोड़ रही हूं।

मैंने चैक पर साइन किए तो उसने कहा कि वह आधे घंटे में पैसे का इंतजाम कर देगा

जैक ने दो घंटे दिए हैं। इतने में सारा प्रबंध हो जाना चाहिए।

मैं अपने पति को तो बाद में देख लूंगी। अभी मुझे ईया की जान बचानी है। वैसे अगर ये मान लें कि वह झूठ बोल रहा हो। ईया उसके पास न हो। क्या मुझे पुलिस को बुलाना चाहिए?

किसी से मत कहना वरना उसे जान से मार दिया जाएगा। नहीं, मैं ऐसा नहीं कर सकती। मुझे अपनी कमर पर लीला की पिस्तौल का स्पर्श याद आ गया। फिर मैंने रे को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने मुझे पिस्तौल चलाना सिखा दिया था। मैं उसका प्रयोग कर सकती हूं।

कुछ ही देर में पैसा आ गया और मैंने खुद को मन ही मन आगे आने वाले हालात के लिए तैयार किया।

स्वेयर की आंखों में शक के साए हैं। वह फोन पर है। बेशक क्रिस्टियन से बात कर रहा होगा। मैंने उसे देख कर इशारा किया कि अभी आ रही हूं। मैं नहीं चाहती कि वह सारी योजना धूल में मिला दे।

मैंने अपने पीछे आ रहे वीलन को ऑफिस में ले जाकर कहा

“मुझे शक है कि कोई मेरा पीछा कर रहा है।।”

“क्या आप चाहती हैं कि मैं पुलिस को बुला दूं?”

ओह नहीं! ये मैं क्या करने जा रही हूं।

घड़ी देखी। जैक का फोन कभी भी आ सकता था।

“मुझे एक फोन करना है। क्या मैं अकेले में बात कर सकती हूं?”

“हां क्यों नहीं।” वह बाहर चला गया। मैंने कांपते हाथों से ईया का नंबर लगाया।

“हां! जानता हूं कि तेरी सिक्योरिटी बैंक तक आ गई है।”

शिट! ये कैसे जानता है?

“तुम्हें उसे धोखा देना होगा। बैंक के पीछे काली एसयूवी इंतजार कर रही है। तुम्हें तीन मिनट में वहां आना है।”

“मैं तीन मिनट में नहीं आ सकती।”

“जल्दी से जल्दी पहुंचो और कार में बैठते ही अपना फोन फेंक देना। समझी कमीनी औरत! ”

अभी उसे जवाब देने का वक्त नहीं था।

मैंने फोन काटा और बाहर आकर वीलन को बताया कि मेरी कार बैंक के पीछे खड़ी है। मुझे किसी की जरूरत होगी जो सूटकेस वहां तक पहुंचा दे। मैंने उससे यह भी पूछा कि क्या वहां तक जाने के लिए कोई पीछे का रास्ता था।

“जी मैम! हमारे स्टाफ के लिए है।”

“मैं आपके साथ दो क्लर्क और सिक्योरिट गार्ड भेज देता हूं।”

“आपसे एक और काम था।”

“जी आप बताएं। मैं मदद के लिए तैयार हूं।”

कार में एलिजाबेथ दिखी। हैं! वह जैक के साथ मिली हुई है।

उसने बड़े ही सलीके से कार का दरवाजा खोला मानो मुझे ही लेने आई थी।

मैंने वीलन को धन्यवाद देने की औपचारिकता निभाई।

उसने फोन लिया और कार चालू करते ही उसे कचरे में फेंक दिया।

यह समझ नहीं आ रहा कि उसे यह सब करने की क्या पड़ी थी। उसने कार चला दी और स्वेयर कहीं दिखाई नहीं दे रहा। मैं उसे चकमा देने में कामयाब रही।

“तुम ऐसा क्यों कर रही हो?” मुझे उसकी आंखों एक दर्द दिखाई दिया।

“एना! चुप रहने में ही हम दोनों की भलाई है।”

“क्या उसने तुम्हें भी किसी तरह से बस में कर रखा है?”

“मैंने कहा न कि तुम चुप रहो।”

मैं तभी जान गई कि एलिजाबेथ को भी इस काम के लिए जबरदस्ती राजी किया गया होगा। क्या हो सकता है। कंपनी में चोरी? यौन शोषण या उसकी निजी जिंदगी में दखल। क्रिस्टियन ने बताया था कि जैक की कोई पीए कुछ नहीं बोलेगी। उसने इसी तरह सबको अपने बस में कर रखा है। लगता है कि यहां भी यही कहानी है।

उसने एक सुनसान इलाके में ईंटों से बनी इमारत के पास गाड़ी रोक दी और मैं खुद को हिम्मत देने लगी कि मैं ईया के लिए यह सब कर रही थी।

“बाहर आओ।” उसने दरवाजा खोल कर कहा।

तभी एक कोने से जैक बाहर आ गया। उसकी आंखों से नफरत झलक रही थी।

“ले आई पैसा?”

“पहले ईया को लाओ।”

“पहले पैसा दे।”

एलिाजबेथ ने उसे बैग देखकर बताया कि उनमें नोट भरे थे।

“इसका सैल कहां है?”

“कचरे में डाल दिया था।” एलिजाबेथ बोली

जैक ने अचानक ही मेरे मुंह पर एक जोर का घूंसा दिया और मैं जमीन पर चारों खाने चित्त गिरी। मेरे सिर में दर्द होने लगा। आंखें आंसुओं से भर गईं। खोपड़ी पर ऐसी चोट आई कि मेरी नजर धुंधला गई।

मैंने एक चीख मारी। मेरा बच्चा! जैक ने इसके बाद जोर से पसलियों में ठोकर मारी और मेरी जान ही निकाल दी। मैंने अपनी मतली और दर्द से लड़ने का फैसला लिया। मेरा बच्चा! मेरा नन्हा सा बच्चा!

“कमीनी औरत!! ये एसआईपी के नाम है।” वह गुर्राया

मैंने अपनी टांगें समेट लीं और अगले वार को झेलने के लिए तैयार हो गई।

“जैक! यहां नहीं। खुलेआम ये सब मत करो।” एलिजाबेथ चिल्लाई।

वह वहीं थम गया।

“ये कमीनी इसी लायक है।” उसने कहा और मुझे उसी पल में अपनी जेब से गन निकालने का मौका मिल गया। मैंने उस पर निशाना साधा और ट्रिगर दबा दिया। गोली ठीक घुटने के ऊपर लगी। एलिजाबेथ चिल्लाई और अपने हाथ खड़े कर दिए। मैंने उसे देखा तो ऐसा लगा मानो वह किसी गहरी सुरंग में दूर होती जा रही है। उसे और मुझे अंधेरा निगल रहा है।। ये क्या कारों के स्वर, ब्रेक के स्वर….दरवाजे….उसकी टांग से बहता खून

तभी क्रिस्टियन का स्वर सुनाई दिया। “एना! तुम ठीक तो हो? एना????”

“ईया…….ईया को बचा लो।” मैं केवल यही कह सकी और बेसुध हो गई।