Breastfeeding Tips: मां बनना किसी भी स्त्री के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। मां बनने के बाद महिला की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। उसे अपने नवजात शिशु का पूरा ख्याल रखना होता है। यहां तक कि शिशु की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना और उसकी सेहत का ख्याल रखना एक मां की जिम्मेदारी होती है। कहते हैं कि मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान होता है। इसलिए बच्चे के जन्म के बाद कम से कम छह महीने तक तो उसे केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि मां बनने के बाद स्त्री को दूध सही तरह से नहीं बन पाता है, जिसके कारण शिशु का पेट सही तरह से नहीं भर पाता है। हो सकता है कि आपके साथ भी ऐसा ही होता हो। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन करके नई-नवेली मां ब्रेस्टमिल्क को आसानी से बढ़ा सकती है-
Breastfeeding Tips: नई मां दूध बनाने के लिए मेथीदाने का करे सेवन

मेथीदाना एक ऐसा इंग्रीडिएंट है, जो हर भारतीय किचन में हमेशा ही मौजूद होता है। अमूमन लोग डायबिटीज को कन्ट्रोल करने या फिर वेट लॉस के लिए मेथी दाने का सेवन करते हैं। लेकिन इसे ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। मेथीदाने में हेल्दी विटामिन्स व ओमेगा-3 फैट्स पाए जाते हैं। यह नई मां के लिए काफी अच्छे माने गए हैं। वहीं मेथी के पत्ते बीटा-कैरोटीन, विटामिन बी, आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं। आप मेथी का सेवन चाय के रूप में कर सकती हैं। मेथी की चाय बनाने के लिए आप एक कप पानी में एक चम्मच मेथीदाना डालकर उसे उबालें। अब इसे छानें और इसका सेवन कर लें। इसके अलावा आप कई तरह-तरह की डिशेज में भी इसे शामिल कर सकती हैं।
नई मां दूध बनाने के लिए सौंफ का करें सेवन

सौंफ भी एक ऐसा इंग्रीडिएंट है, जिसे दूध की आपूर्ति बढ़ाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। सौंफ को नई मांओं को इसलिए भी दिया जाता है ताकि उनके बच्चे में गैस आदि की समस्या ना हो। हालांकि, अब तक किसी भी शोध से यह साबित नहीं हुआ है कि सौंफ का सेवन करने से ब्रेस्ट मिल्क में इजाफा हुआ हो। लेकिन पारंपरिक रूप से इसका सेवन हमेशा से किया जाता रहा है और इससे नई मां को बेहतर पाचन में भी मदद मिलती है। आप सौंफ के पानी का सेवन कर सकती हैं या फिर खाने के बाद भी सौंफ का सेवन एक मुखवास के रूप में किया जा सकता है। अगर आप चाहें तो अपनी अलग-अलग डिशेज में भी सौंफ को शामिल कर सकती हैं।
नई मां दूध बनाने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों का करें सेवन

अगर आप इस मौसम यानी ठंड के दिनों में मां बनी हैं तो ऐसे में हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, मेथी के पत्ते, सरसों का साग व बथुआ आदि का सेवन अवश्य करें। इसमें आयरन, कैल्शियम और फोलेट जैसे खनिजों और बीटा-कैरोटीन (ए) जैसे विटामिन्स का बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। यही कारण है कि उन्हें ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। अगर आप अभी-अभी मां बनी हैं तो ऐसे में आप प्रतिदिन एक या दो भाग हरी पत्तेदार सब्जियों को अवश्य खाएं। आप इन सब्जियों को मसालों के साथ पकाकर खा सकती हैं या फिर थेपला, वेजिटेबल पोहा या इडली जैसे स्नैक्स बनाकर खा सकती हैं।
नई मां दूध बनाने के लिए तिल का करें सेवन

ठंड के मौसम में एक नई मां के लिए तिल का सेवन करना काफी अच्छा माना जाता है। तिल के बीज कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं। स्तनपान कराने वाली मांओं के लिए कैल्शियम एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यह आपके बच्चे के विकास के साथ-साथ आपके स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। शायद यही कारण है कि स्तनपान कराने वाली माताओं के आहार में इसे सदियों से शामिल किया जाता रहा है। ब्रेस्टमिल्क बढ़ाने के लिए आप तिल के लड्डू ट्राई कर सकती हैं या फिर काले तिल का इस्तेमाल पूरी, खिचड़ी, बिरयानी और दाल आदि में शामिल कर सकती हैं। तिल को स्वभाव में काफी गर्म माना जाता है। यही कारण है कि ठंड के मौसम में तिल का सेवन करना नई मां के लिए काफी अच्छा होता है। यह ब्रेस्टमिल्क बढ़ाने के साथ-साथ उनके शरीर को भी गर्म रखने में मदद करता है।
नई मां दूध बनाने के लिए मेवे का करे सेवन

मां बनने के बाद हर स्त्री को मेवे खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि कई अलग-अलग तरीकों के मेवे जैसे मखाना, बादाम और काजू आदि ब्रेस्टमिल्क को बढ़ाने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, वे कैलोरी, विटामिन और खनिजों में उच्च हैं। जो आपको ऊर्जा और पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इन मेवों का सेवन कई अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। मसलन, आप बादाम को भिगोकर उसका सेवन कर सकती हैं या फिर इन्हें दूध में मिलाकर स्वादिष्ट बादाम दूध या काजू दूध बना सकती हैं। वहीं, ब्रेस्टफीड कराने वाली मांओं के लिए मेवों से बने पंजीरी, लड्डू और हलवा जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।
