महिलाएं अपने घर परिवार में इस कदर व्यस्त हो जाती है कि उन्हें न तो खुद की सेहत का ध्यान रखने की सुध होती है और न ही चेहरे पर दिखने वाली झुर्रियों को कम करने के लिए उपाय करने का समय। यही वजह होती है कि बढ़ती उम्र के साथ उन्हें एजिंग साइन्स के अलावा तरह तरह की समस्याएं अपनी चपेट में लेने लगती हैं। 35 की उम्र के बाद जोड़ों का दर्द, कमर दर्द होना बहुत सामान्य बात है लेकिन समस्या की बात यह है कि शरीर में हो रही इन समस्याओं को महिलाएं नजरअंदाज करती जाती हैं जो कि आगे चलकर किसी बड़ी बीमारी का रूप ले लेती हैं लेकिन यदि आप चाहती हैं कि 35 के बाद भी आप एकदम फीट रहें और बुढ़ापे को आने से रोक सकें, तो बहुत जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली में योग को शामिल कर लें।

 

सूर्य नमस्कार

महिलाएं यदि अपने लिए समय नहीं निकाल पाती और योगासन को भी कम से कम समय देना चाहती हैं तो उन्हें सूर्य नमस्कार की 12 विधियों को करना चाहिए। इससे ना सिर्फ पूरे शरीर की एक्सरसाइज हो जाती हैं बल्कि आप तरोताजा भी महसूस करेंगे।महिलाओं के लिए योगा के बहुत फायदे हैं। महिलाओं को घर और बाहर के साथ साथ और भी कई तरह की जिम्मेदारियां निभानी होती हैं जिसके कारण वे अपने आपको बिल्कुल समय नहीं दे सकती लेकिन जो महिलाएं योगा करती हैं वे योग के जरिए भी स्वस्थ रह सकती हैं।महिलाओं को पुरूषों के मुकाबले बढ़ती उम्र में अधिक बीमारियां हो जाती हैं यदि महिलाएं रोजाना योग करेंगी तो बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों से आसानी से बच सकती हैं।

सिंहासन

सिंहासन को करने के लिए गरजते सिंह की मुद्राए वज्रासन में बैठ जाएं। दोनों घुटनों में दूरी हो। दोनों हथेलियों को घुटनों के बीच में रखें। अपने मुंह को ज्यादा से ज्यादा खोलें और जीभ बाहर निकाल लें। अपनी भौं की तरफ देखते हुए एक मिनट तक सामान्य तरीके से सांस लें और छोड़ें। इस योग क्रिया से न केवल ढीली पड़ रही गर्दन में कसाव आएगाए बल्कि समय से पहले आ रही झुर्रियां भी गायब हो जाएंगी।

 

भस्त्रिका

इस प्राणायाम को रोजाना करने से हाइपरटेंशन, अस्थमा, हार्ट संबंधी बीमारी, टीवी, ट्यूमर, बीपी,  लिवर सिरोसिस, साइनस, किसी भी तरह की एनर्जी और फेफड़ों के लिए अच्छा माना जाता है। भस्त्रिका करने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ जाता है। जिसके कारण कैंसर की कोशिकाएं मर जाती हैं। 

आंखों का व्यायाम

सिर को सीधा रखें और बिना गर्दन हिलाएं आंखों से पहले अपनी दाईं ओर देखें और फिर बाईं ओर देखने की कोशिश करें। शुरू में आपको तकलीफ होगी पर नियमित रूप से यह व्यायाम करने पर आपको आदत हो जाएगी।

गालों के लिए व्यायाम

पहले गहरी सांस लें और फिर मुंह को जितना फुला सकते हैं फुलाएं। इस अवस्था में 30 से 60 सेकंड तक रहें। फिर नाक से सांस बाहर छोड़ें। इससे गालों की त्वचा में कसाव रहेगा और हंसते वक्त झुर्रियां नहीं पड़ेंगी।

 

 

गर्दन के लिए व्यायाम

सबसे पहले अपने सिर को दाईं ओर झुकाएं जिससे आपके कान आपके कंधों को छुएं। कंधें न उठाएं। अब अपने बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और धीरेण्दीरे फर्श की ओर रखें। इससे गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में खिंचाव होगा और ये सुडौल होंगे।

 

अधो मुख व्रकासन के फायदे

 

इस आसन से मस्तिष्क और गर्दन की ओर रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। सांस लेने में दिक्कत को दूर करता है और कब्ज से राहत दिलाता है। ये आसन बौद्धिक क्षमता और स्टैमिना को बढ़ाता है।

कपालभाति

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह कपाल को चमकाने की तकनीक है। इसे करने के लिए आराम से साधना मुद्रा में बैठ जाएं। तेजी से सांस लें और छोड़ें। 20ण्30 बार यह क्रिया दोहराने के बाद शरीर को ढीला छोड़ दें। इस अभ्यास से ऑक्सीजन का झोंका मस्तिष्क तक जाता है और नसें मजबूत होती हैं। मस्तिष्क तरोताजा रहता है। इससे चेहरे पर भी कांति आती है और शरीर का तनाव खत्म होता है।

 

अर्ध हलासन

 

पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों हाथ छाती की बगल में हथेली के बल जमीन पर रखें। अब पैरों को आपस में मिलाकर  ऊपर उठाएं। इन्हें 90 डिग्री के कोण पर रखें। कोशिश करें कि पैर ना मुड़ें। सांस सामान्य रूप से लें। कुछ देर इसी स्थिति में रूकें और फिर धीरे धीरे पैर जमीन पर लाएं। यह क्रिया 3 से 4 बाद दोहराएं। इससे पैर में सूजन और झनझनाहट कम होती है, कमर की अतिरिक्त चर्बी को कम करता है तथा वज़न घटाने में सहायक है। यह रक्तसंचार बढ़ाता है। साथ ही भूख बढ़ाने में भी सहायक है।

 

धनुरासन

 

पेट के बल लेट जाएं। अपने दोनों पैरों को मोड़कर ऊपर की ओर लाएं। अब दोनों हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ें। फिर सांस लेते हुए पैरों को ऊपर की ओर खींचें। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। मेरूदंड को लचीला एवं स्वस्थ बनाता है। सर्वाइकलए स्पोंडोलाइटिसए कमर दर्द एवं उदर रोगों में लाभदायक आसन है।

बुढ़ापा रोकने के अन्य तरीके

अगर आप अंदर से खुश रहते हैं तो वह बाहर भी दिखता है। इससे आप जवान बने रहते हैं।

नीम और तुलसी के पत्ते डालकर पानी पिएंण् इससे रक्त शुद्ध रहता है और त्वचा साफ रहती है।

अपने भोजन में ताजा सब्जियों और फलों की मात्रा बढ़ाएं। इससे बॉडी की इम्यूनिटी और स्फूर्ति बढ़ती है। 

शरीर को पूरा आराम दें। अच्छी नींद लें ताकि शरीर स्वयं ताजा हो जाए।

 

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