इंटरनेशनल योग डे, 60 प्लस के लोगों के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार हैं ये योगासन: Yoga for 60 Plus Age
Yoga for 60 Plus Age

Overview:

अगर आपकी उम्र 60 प्लस है तो भी ऐसे कई योगसन हैं, जो आपको उम्र के कारण होने वाली बीमारियों से बचाएंगे। यह आपके शरीर के दर्द को दूर करने के साथ ही आपको एक्टिव रखेंगे।

Yoga for 60 Plus Age: भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति ‘योग’ को आज दुनियाभर में पहचान मिल चुकी है। हर साल 21 जून को पूरा विश्व योग दिवस मनाता है। योग एक चिकित्सा पद्धति है जो बिना किसी नुकसान के आपके जीवन को स्वस्थ और सेहतमंद बनाती है। खास बात ये है कि हर उम्र में योग किया जा सकता है। अगर आपकी उम्र 60 प्लस है तो भी ऐसे कई योगसन हैं, जो आपको उम्र के कारण होने वाली बीमारियों से बचाएंगे। यह आपके शरीर के दर्द को दूर करने के साथ ही आपको एक्टिव रखेंगे। योग आपको सिर्फ शारीरिक ही नहीं मानसिक तंदुरुस्ती भी देता है। ऐसे में बढ़ती उम्र में कुछ योगासन आपको जरूर करने चाहिए।

Yoga for 60 Plus Age
With increasing age the body becomes home to many diseases.

उम्र बढ़ने के साथ ​ही शरीर कई बीमारियों का घर बन जाता है। आप शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी कमजोरी महसूस करने लगते हैं। जोड़ों में दर्द रहने लगता है, चलने में परेशानी होने लगती है, बैलेंस नहीं बन पाता, बातें जल्दी समझ नहीं आतीं, सांस फूलने लगता है। ऐसे में इन सभी परेशानियों का एकमात्र इलाज है योग।  

बढ़ती उम्र में ज्यादा कठिन एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। ऐसे में प्राणायाम आपके लिए बेस्ट है। इससे आपकी श्वसन प्रणाली मजबूत होती है। यह एक सुरक्षित योगासन है, जो आपके शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाती है। इससे आप फ्रेश फील करते हैं। साथ ही नियमित रूप से प्राणायाम करने से आपका तनाव कम होता है और आपको मानसिक शांति भी मिलेगी।  

सिद्धा वॉक का मतलब है इंफिनिटी पैटर्न पर चलना यानी इसमें आपको सीधा नहीं बल्कि 8 के आकार में चलना होता है। इस वॉक के कई लाभ हैं। यह आपके शरीर के निचले अंगों, खासतौर पर पैरों, पेल्विस, पेट आदि को मजबूती देती है। इससे शरीर का बैलेंस भी बनता है। इस वॉक को हमेशा नंगे पैर घास पर करना चाहिए। कम से कम 21 मिनट तक इसे रोज करने से आपको बेहद फायदा होगा। बुजुर्गों के लिए यह बेस्ट वॉक है।  

हीलिंक वॉक सच में आपके शरीर और मस्तिष्क को हील कर देती है। यह आम वॉक की ही तरह है, बस इसमें आपको अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाकर चलना होता है। यह वॉक आपको अंदर से स्टॉन्ग बनाती है। इससे आपकी गर्दन की मांसपेशियां लचीली होती हैं। इतना ही नहीं यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करती है। बढ़ती उम्र में कई लोगों को ऊंचा सुनाई देने लगता है, उस समस्या को भी यह वॉक दूर करती है। यह वॉक भी आपको नंगे पैर करनी होती है, इससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।  

माइंडफुल मेडिटेशन आपको बढ़ती उम्र में शारीरिक और मानसिक शक्ति देता है। अक्सर लोगों की याददाश्त और फोकस पर उम्र का असर पड़ता है, लेकिन जब आप नियमित रूप से माइंडफुल मेडिटेशन करते हैं तो ये दोनों ही समस्याएं काफी हद तक कम हो जाती हैं। इससे मानसिक स्पष्टता आती है। साथ ही टेंशन और डिप्रेशन दूर होते हैं। मेडिटेशन के साथ ही गहरी सांस लेने के भी कई फायदे हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है, जिससे आप रिलैक्स महसूस करते हैं।  

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...