Hindi Kahani: राहुल ने बहुत मुश्किल से अपने पिता अमित को अपनी शादी प्रीति से करने के लिए मनाया था। अमित जात पात को लेकर थोड़ा बहुत दकियानूसी थे। वह अग्रवाल परिवार से है और लड़की पंजाबी परिवार की थी। अमित इसी बात पर अड़े थे कि अग्रवालों में ही शादी करेंगे। राहुल की ज़िद […]
Author Archives: शिप्रा गर्ग
झूठ या प्रतिज्ञा-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: “मुझे माफ कर दो मां, आज के बाद मैं कभी भी चोरी नहीं करूंगा।” अमर अपनी मां शकुंतला से कहता है। शकुंतला कहती है, “सिर्फ चोरी नहीं बल्कि प्रतिज्ञा कर के आज के बाद से तू कभी भी मुझसे झूठ नहीं बोलेगा। कोई ऐसी बात नहीं करेगा जिससे मुझे दुख पहुंचे और हमेशा […]
माफी का दान-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Kahani: हल्के नीले स्लेटी रंग के आसमान में जब सूरज अपनी छटा बिखेरने के लिए उदय हो रहा था तो हरिया और उसकी पत्नी गंगा खेत में बीज बी हो रहे थे।खेत में काम निपटाकर दोनों घर की ओर चले। घर पहुंच कर गंगा चूल्हा तैयार करती है और अपने इकलौते बेटे गोविंद को […]
आईने का धोखा-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: सच सामने होते भी कोई समझ नहीं पा रहा था, आईने के धोखे ने सबको माया जाल में उलझा रखा था….राहुल हमेशा की तरह शाम को अपनी बालकनी में बैठा था और साथ में था उसका पसंदीदा टेलीस्कोपिक कैमरा। उसको दूर तक देखने का और उनकी तस्वीरें खींचने का शौक था। उस दिन […]
जन्मों का कर्ज़-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Story in Hindi: कहा जाता है इंसान को उसका कर्ज़ा इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में ज़रूर उतारना पड़ता है। ऐसे ही हुआ उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में रहने वाले रघुनाथ और बृजभूषण के साथ। वह दोनों मेरठ के एक आम से मोहल्ले में रहते थे। उन दोनों की दुकान सदर बाज़ार […]
कलयुग का कर्ण-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: राकेश अपने ऑफिस से घर के लिए जा रहा था। उसके घर के रास्ते में एक पुल पड़ता था जिसके नीचे से गहरी नदी बहती थी। जब राकेश वह पुल पार कर रहा था तो देखता है कि एक आदमी पुल से नीचे कूदने वाला था। राकेश उसे जाकर रोकता है,” यह क्या […]
वन्दना—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Vandana Grehlakshmi Story: स्वाति का विवाह समारोह चल रहा था। अग्नि को साक्षी मानकर उसके भाई अमित और भाभी वन्दना ने उसका कन्यादान करा। आंखों में वन्दना के लिए आदर सम्मान के आंसू लिए अमित का छोटा भाई अंकुर सोचने लगा, “कहने को तो भाभी घर की बड़ी बहू है लेकिन हमारे लिए मां बनने […]
सिंदूर का कर्ज़-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahaniya: दिल्ली के रईसी इलाके में एक बड़ी आलीशान कोठी के बाहर एक महंगी गाड़ी खड़ी थी। कोठी से दिनेश बाहर निकलता है और गाड़ी में बैठकर ड्राइवर से कहता है,” फैक्ट्री चलो।” दिनेश की कपड़ों की फैक्ट्री है। वह अलग-अलग डिज़ाइनर से कपड़ा डिज़ाइन कराता है और उन डिजाइंस के थान बनवाकर मार्केट […]
विश्वास से भरा करवाचौथ-गृहलक्ष्मी की कहानी
Grehlakshmi Ki Kahani: मीनाक्षी की शादी के बाद आज उसका पहला करवा चौथ है। यूं तो हर सुहागन की तरह पूरे साज श्रृंगार और मेहंदी रंगे हाथों से वो उस पर्व की तैयारी कर रही थी पर उसकी आंखों में अपने पति दीपक के लिए करवाचौथ को लेकर एक अटूट ही विश्वास दिख रहा था। […]
जीवन की परछाइयां-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Kahaniya: दिल्ली के रिहायशी इलाके में अपनी बड़ी कोठी के बगीचे में रघुदयाल बैठे थे। अपना मन लगाने के लिए उनको वह सबसे अच्छी जगह लगती थी। फूल, पेड़, तितलियां और एक तालाब जिसमें कुछ कमल खिले थे। उनकी पत्नी रमा कुछ साल से “महिला कल्याण संस्थान” और कृष्णा जी के काम में व्यस्त रहने […]
