Living in Bliss: संसार के त्याग अथवा भौतिक जीवन में डूबने की दोनों पराकाष्ठïाओं से बचने के लिए, मानव को अपने मन को निरन्तर ध्यान के द्वारा इस प्रकार प्रशिक्षित करना चाहिए कि अपने दैनिक जीवन के आवश्यक कर्तव्य-कार्यों को कर सके और साथ ही अन्तर में ईश्वर की चेतना को भी बनाए रख सके। […]
Author Archives: परमहंस योगानंद
सर्वोत्तम सुरक्षा है ज्ञान: Spritual Thoughts
Spritual Thoughts: ईश्वरीय आनन्द शाश्वत होता है। स्वयं को तर्क और ईश्वर-संपर्क के द्वारा प्रलोभन एवं दुख से सुरक्षित करें। आप जान जाएंगे कि वास्तव में आप कौन हैं? आप क्या चाहते हैं ईश्वर का शाश्वत आनन्द, जो अभी थोड़े से सांसारिक सुखों को त्यागने सेआपका हो सकता है, या वर्तमान सांसारिक सुख, जो हमेशा […]
विचार के साथ अटक जाना ही चिन्ता है: Anxiety Stuck
Anxiety Stuck: तुम इस संसार के सर्कस में एक ‘जोकर’ मात्र हो। जैसे ‘जोकर’ को एक खास तरह की पोशाक पहना कर भेजा जाता है, वैसे ही तुम इस शरीर की पोशाक पहन कर ‘अभिनय’ करने के लिएआए हो। यदि तुम ‘अधिक कुछ’ करने लगो तो फिर सर्कस का रिंगमास्टर आकर तुम्हेंबाहर निकाल देता है। […]
सच्चा धर्म ही मानवता का रक्षक है Spiritual Lessons
Spiritual Lessons: जो सच्चे धर्म का उदाहरण बनते हैं वे संसार के उत्थान का स्रोत हैं, और वे सदैव के लिए दुख से मुक्ति प्राप्त कर लेते हैं। सच्चा धर्म उन नियमों में निहित है जिनके द्वारा शरीर, मन एवं आत्मा को परमात्मा में मिलाया जा सकता है। Also read: धर्म उधार नहीं, उदार है […]
विवेकशील ज्ञान को विकसित करें: Rational Knowledge
Rational Knowledge: रामराज्य लाने के लिए आज संसार में प्रत्येक आवश्यक वस्तु हमारे पास है। केवल मनुष्य का स्वार्थ इसे असंभव बनाता है। मनुष्य के अदूरदर्शी निजी स्वार्थ ने अनावश्यक अपार दुख को जन्म दिया है। दुख ईश्वर का काम नहीं है, बल्कि शैतान की माया की शक्ति अर्थात् भ्रम का कार्य है। यह शक्ति […]
ध्यान का अभ्यास
Meditation Practice: एक चन्द्रमा आकाश के अन्धकार को दूर कर देता है। इसी प्रकार, एक आत्मा जो ईश्वर को जानने में प्रशिक्षित हुई है, वह आत्मा जिसमें सच्ची भक्ति और सच्ची खोज एवं तीव्रता है, वह जहां भी जाएगी दूसरों का आध्यात्मिक अन्धकार दूर करेगी। Also read: मन, मस्तिष्क और आत्मा के लिए बेहतरीन स्थान […]
पूर्ण संतुलन इश्वर की वेदी है: Spiritual Thoughts
Spiritual Thoughts: जब आप किसी कपड़े की दुकान पर जाते हैं, तो आप वह वस्त्र लेने का प्रयास करते हैं जो आपके अनुकूल हो जो आपके व्यक्तित्व को निखारता हो। आपको अपनी आत्मा के लिए भी ऐसा ही करना चाहिए। यह जो वेश चाहती है वही धारण कर सकती है। Also read: जानें आखिर क्यों […]
जीवन और मृत्यु का रहस्य
Mystery of life and death जो व्यक्ति अपने मन को विकास-रहित रखते हैं वे वस्तुत: मृत हैं। जीवन के रहस्य को सुलझाने के लिए आपको प्रतिदिन एक नया जन्म लेना चाहिए। इसका अर्थ है कि आपको किसी न किसी रूप में अपना सुधार करने के लिए प्रतिदिन अवश्य प्रयास करना चाहिए। जीवन और मृत्यु के […]
मानव की प्रकृति – परमहंस योगानंद
भौतिक शरीर सोलह तत्त्वों से बना है। ईश्वर ने जिस प्रकार भौतिक पदार्थों के रसायनिक तत्त्वों को बुद्धि प्रकट करने के लिए मिलाया है वह एक चमत्कार है। फिर भी, यह शरीर कुछ भी हो, परन्तु पिरपूर्ण नहीं है। हम इससे ज्यादा अच्छे शरीर की कल्पना कर सकते हैं।
महापुरुष की पहचान – परमहंस योगानंद
ईश्वर ने महान पुरुषों को विशेष रूप से निर्मित नहीं किया है। वे अपने ही प्रयासों द्वारा दक्ष बने हैं। जिस प्रकार बाकी सारी मानव जाति आत्म-स्वतंत्रता के प्रकाश के लिए संघर्ष करती है, उसी प्रकार उनको भी परिश्रम और संघर्ष करना पड़ा।
