A cinematic shot of a Manoj bajpayee with a mustache, wearing a black button-down shirt with rolled-up sleeves. He has an intense, gritty expression and a small bruise on his cheek.
Ghooskhor Pandat

‘Summary: मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के नाम पर क्यों भड़का विवाद?मनोज बाजपेयी की फिल्म?

मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म अपने कंटेंट से पहले ही अपने नाम को लेकर विवादों में घिरती नजर आ रही है। फिल्म का टाइटल ‘घूसखोर पंडित’ सामने आते ही कुछ संगठनों और लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है, इसे एक समुदाय विशेष की छवि से जोड़कर देखा जा रहा है।

Ghooskhor Pandat Controversy: आजकल किसी भी फिल्म या वेब सीरीज़ की रिलीज़ से पहले विवाद होना जैसे आम बात हो गई है, और ऐसा ही मामला मनोज बाजपेयी की नई फिल्म को लेकर सामने आया है, जिसमें जुड़े घुसखोर पंडत के साथ विवाद खड़ा हो गया। उनके खिलाफ लीगल नोटिस भेजा गया और एफआईआर तक दर्ज हो गई। मामला बढ़ने पर केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और सख्ती दिखाते हुए टीज़र व प्रमोशनल कंटेंट हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। अब सवाल उठता है कि आखिर इस सीरीज़ में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से सरकार को बीच में आकर यह कदम उठाना पड़ा। चलिए इसे सरल भाषा में समझते हैं।

‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर विवाद टीज़र रिलीज़ होते ही शुरू हो गया। 3 फरवरी को जारी किए गए इस टीज़र में मनोज बाजपेयी अजय दीक्षित नाम के एक भ्रष्ट पुलिस अफसर की भूमिका निभाते नजर आते हैं, जो रिश्वत लेता है। फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है। टीज़र सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया और कुछ लोगों ने इसे बायकॉट करने की मांग उठाई। आरोप लगाया गया कि फिल्म का टाइटल ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से पेश करता है और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। बढ़ते विवाद के बीच मुंबई के एक वकील ने फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजकर टाइटल बदलने की चेतावनी भी दी।

वहीं मामला यहीं शांत नहीं हुआ। भोपाल में ब्राह्मण समुदाय के कई लोग सड़कों पर उतर आए और फिल्म के मेकर्स के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फिल्म का टाइटल उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और मेकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर नाम नहीं बदला गया तो देशभर में और तेज विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

विवाद बढ़ने के बीच केंद्र सरकार ने भी हस्तक्षेप करते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को फिल्म से जुड़े सभी प्रमोशनल वीडियो और टीज़र हटाने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद प्लेटफॉर्म से यह कंटेंट हटा लिया गया। बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की डीटेल शेयर की और बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है।

फिल्म कीलगातार हो रही आलोचना और दर्ज एफआईआर के बीच ‘घूसखोर पंडत’ के राइटर-प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने लोगों से पहले फिल्म देखने की अपील की। उनका कहना था कि कहानी किसी भी समुदाय को निशाना बनाकर नहीं बनाई गई है। मनोज बाजपेयी ने भी सामने आकर अपनी तरफ से सफाई दी, लेकिन इन बयानों के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आया और विरोध जारी

इस मूवी में मनोज एक ऐसे पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, जो ईमानदारी से कोसों दूर है। उनका किरदार नैतिक रूप से कमजोर और भ्रष्ट दिखाया गया है, जिसे लोग एक उपनाम से जानते हैं। कहानी एक ही रात की घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक घायल लड़की से सामना होने के बाद यह किरदार एक बड़े षड्यंत्र में उलझ जाता है। सीरीज में नुसरत भरुचा और साकिब सलीम भी अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...