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जीतू से जीतेंद्र तक का सफर-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: सोलह वर्षीय आदित्य स्कूल से घर में घुसते ही दादाजी के कमरे में गया, “ दादू! आज मैं अपने दोस्त अरनव को आपसे मिलवाने लाया हूं। यह आपके शहर मेरठ का रहने वाला है। अब यह लोग कुछ सालों से देहरादून में रह रहे हैं। दादू अपनी ऐनक आंखों पर चढ़ाते हैं […]

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15 दिन की दूरी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Short Story: पहले ही दिन, सास विनीता खड़ी थीं, हाथ में कपड़ा थामे और बहू नीरु की ओर कड़ी नज़र से देख रही थीं। “नीरु, फिर ये कपड़े ऐसे ही पड़े हैं? क्या तुम्हें घर संभालना आता है या सिर्फ़ मेरी नजरें चुभाना?” नीरु ने पलकों के पीछे आँसू छुपाते हुए कहा, “सासू माँ, […]

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हमेशा मुस्कुराने वाली निशा की चुप्पी- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Sad Story in Hindi: निशा को लोग उसकी मुस्कान से पहचानते थे। वह मुस्कान जो सामने वाले को यह भरोसा दिला देती थी कि सब ठीक हो जाएगा। ऑफिस में कोई तनाव में हो, घर में कोई चिड़चिड़ा हो, दोस्तों के बीच कोई टूट रहा हो…निशा हर जगह वही लड़की थी जो हल्के मज़ाक, गर्म […]

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अनुभवों की संपदा-गृहलक्ष्मी की ​कहानियां

Hindi Kahani: टेबल पर रखे हुए चाय के बर्तन से निकलती हुई भाप और आस – पास गर्म कपड़े पहनकर ठिठुरते हुए लोग। अलाव के पास एकत्रित होकर अपने शरीर को गर्म करते हुए राजनीति और दुनियादारी पर चर्चाओं के शोर के बीच भागते हुए कुली और इन सभी के बीच में यात्रीगण कृपया ध्यान […]

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माधवी का जन्मदिन-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: दीपावली के अगले दिन शिवानी के पापा की ट्रेनिंग का मेल आ गया जो भोपाल में होनी थी। यह देखकर शिवानी थोड़ी उदास हो गई क्योंकि 2 दिन बाद ही उसकी बहन माधवी का पहला जन्मदिन था जो अब उसे अपने पापा के बिना मानना पड़ता। लेकिन इस बात से उसके पापा भी थोड़े उदास हो गए […]

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रिटायरमेंट—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “रमा पिताजी कहां हैं?” सुहास ने ऑफिस से आते ही अपनी पत्नी से पूछा।“सुबह से अपने कमरे से बाहर निकले ही नहीं हैं। मैंने नाश्ता और खाना समय पर दे दिया था। मैं तो बोल बोल कर थक गई कि थोड़ा घर के काम में भी मदद करवा दिया करें और बाजार से […]

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बड़े फख्र से कहता हूं—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Prem Kahani: “आओ जी, फिर से स्वागत है आपका। इस बार बड़ी जल्दी आ गए।”“अरे-अरे, इतनी उखड़ी-उखड़ी सी क्यों बोल रही हो? ऐसे तो कोई किसी का स्वागत नहीं करता।” “हूंह…” “अच्छा, अब देख भी लो मेरी तरफ।” “क्यों चले आते हो बार-बार? क्या है मुझ में इतना खास कि तुम मुझे छोड़ नहीं […]

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आरती—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Short Story: आरती बहुत खुश थी, आज कॉलेज में उसका पहला दिन था। उसका सपना था एक अच्छे से कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करे और फिर अच्छी सी जॉब करे, ताकि वो अपने परिवार की मदद कर सके। उसके परिवार में बस माँ और एक छोटा भाई था, उसके पिता की […]

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मुंह दिखाई—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Short Story: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना पूजा […]

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लास्ट कैंडिडेट-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: “मिस्टर दीपक आपने सभी सवालों का जवाब बिल्कुल सही दिया है। हमें खुशी होगी आप जैसा काबिल व्यक्ति हमारे स्टाफ में शामिल हो। हम आपको कॉल करके बताएंगे कि कब से ज्वाइन करना है।”राजेन्द्र ने संगीत शिक्षक के लिए अंतिम अभ्यर्थी दीपक से कहा जिसके चेहरे पर शुन्य भाव उसने भी महसूस […]

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