Posted inसामाजिक कहानियाँ (Social Stories in Hindi), हिंदी कहानियाँ

अपने पराए—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: “तुम आ गई मुझे तो लगा नहीं आओगी।” बड़ी उम्मीद भरी नजरों से देख सुहानी की बड़ी बहन मालती उससे बोली थी जो उसे कुछ सालों से हिकारत भरी नजरों से देखा करती थी। गले में सोने की चेन और कान में हीरे के टॉप्स से ज्यादा उसके चेहरे पर चमक थी […]

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गंतव्य-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story: बाहर से चीखने चिल्लाने की आवाज आ नहीं है रही है दिल कर रहा है कहीं पाताल में जा चुप जाऊं पर जो निर्णय आज उसने लिया है पूर्वाभासित तो था ही ना उसका यह परिणाम ,आखिर निर्णय था भी तो बहुत विचित्र और इसी विचित्रता को पापा जी पागलपन ने संज्ञा  दे […]

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कम्मो—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: मिसेज़ वर्मा का दिमाग़ आज सातवें आसमान पर था, गुस्से में बड़बड़ाए जा रही थीं —“आज तीन दिन हो गए और इस कम्मो का कोई पता नहीं, जाने कहाँ गायब हो गईl आने दो अब तो मैं इसको भगा ही दूंगी l इसके कारण मैं न तो पार्लर जा पाई, न शॉपिंग करने जा पाई […]

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अगर तुम न होते-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: मीना एक मध्यम वर्ग के परिवार की लड़की जो छह भाई बहनों में दूसरे नंबर की संतान थी।मीना का मन पढ़ने में खूब लगता था ।अपने भाई-बहनों में सबसे होशियार,अपनी क्लास में हरदम अव्वल आती।पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल की सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती।पिता सेना में थे।दादाजी बुजुर्ग होने के कारण उनकी सेवा करने के […]

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स्मृतियां-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: पल्लवी रोज की तरह सुबह आफिस जाने के लिए निकल रही थी , और सासु मां के पैर छू उनसे विदा लेकर सीढियां उतरने वाली ही थी कि मां ने आवाज दी,”पल्लो बेटा भाजी लानी है बाजार से पैसे देती जाती कुछ”। पल्लवी,”हां मां सही याद दिलाया आपने, आप परेशान न होना […]

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फिरोजी रंग की बॉर्डर वाली साड़ी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: अलमारी खोलकर जैसे ही अतुल्या ने फिरोजी रंग की बॉर्डर वाली साड़ी निकाली…. देखते ही तुरंत अंश ने कहा…अरे …आज ये वाली साड़ी पहनोगी अतुल्या…..? मां की साड़ी …?आज उनकी पहली बरसी है ….सारे रिश्तेदार , मेहमान आएंगे।हां अंश, आज मां जी की बरसी पर उनकी ही ये साड़ी पहनूंगी, वो बहुत खुश […]

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मुझे माफ कर दो-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: रात के दो बजे थे। कमरे में अँधेरा और खामोशी पसरी थी। सुदीप की नींद टूटी तो उसने हाथ बढ़ाकर बगल में टटोला, बिस्तर खाली था। उसका दिल जैसे अचानक तेज़ धड़कने लगा।“कहाँ गई होगी इस वक्त?”वह बाथरूम तक गया, खाली। किचन, खाली। ड्राइंग रूम, सिर्फ सन्नाटा।कदम अब सीढ़ियों की ओर बढ़े। […]

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क्या रहस्य था 7 बजे का-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: 7 बज गए क्या,नीना बेटा। जी पापा बस 5 मिनिट ही है, आपकी चाय तैयार है, क्या हुआ? आप बार बार समय क्यों पूछ रहे है। वो कुछ नही बेटा मुझे सुबह की सैर करनी होती है ना तो 7 बजे निकलना होता है,अच्छा मैं आता हूँ, तुम दरवाजा बंद कर लोपापा आपजी चाय ,2 […]

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‘साली साहिबा जी’ बुलाने लगे-हाय मैं शर्म से लाल हुई

Hindi Funny Story: बात 4 अप्रैल 2009 की है  जब  लड़के के माता पिता मुझे देखने आने वाले थे। शादी की बात पक्की हो गई,3मई सगाई और 7 जून को शादी तय हो गई। किसी वजह से यह नहीं आ सके। कुछ दिनों के बाद 10 अप्रैल को ही इनकी बहन का फोन आया,  उसने […]

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प्यार का प्याला-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: वैष्णवी बहुत ही शांत और खुश दिखने की कोशिश कर रही है पर उसका मन बहुत अशांत चल रहा है। उसके मन की  बातें न तो रोज फोन पर बातें करने वाले उसके मम्मी पापा समझ सकते हैं और न छह महीनों से सदा साथ रहने वाला उसका पति साकेत ही समझ […]

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