Hindi Funny Story: बात 4 अप्रैल 2009 की है जब लड़के के माता पिता मुझे देखने आने वाले थे। शादी की बात पक्की हो गई,3मई सगाई और 7 जून को शादी तय हो गई। किसी वजह से यह नहीं आ सके। कुछ दिनों के बाद 10 अप्रैल को ही इनकी बहन का फोन आया, उसने इनकी और मेरी फोन पर बात कराने के लिए कहा समस्या यह थी वो अपने ससुराल सूरत में थीं और मेरे घर पर केवल पापा का मोबाइल ही था, तो रचना दीदी ने कहा कि आशीष को मिस्ड कॉल देना तो वह तुमसे बात कर लेगा और दोनों एक दूसरे को समझ भी लोगे।
मैंने वैसा ही किया पर आशीष जी से बात सुनीति नहीं, अपनी बहन प्रियंका बनकर सारी बात की और इनकी पसंद नापसंद सब कुछ जान गई।जब यह कुछ पूछते तो मैं कहती,”दीदी से ही पूछ लीजिएगा”!”
कुछ दिनों के बाद बात करते- करते जब इनको ये पता चला तो ये मुझे ‘साली साहिबा जी’ बुलाने लगे।
आज भी ये मुझे सुनीति की बजाय ‘प्रियंका साली साहिबा ‘ कहकर चिढ़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं, और आज भी यह सुनकर मैं शर्म से लाल हो जाती हूँ ,वो सभी बातें याद करके।
