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पत्थ​रदिल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: कभी-कभी जीवन ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करता है जहाँ हर रास्ता किसी अपने की ओर जाता है पर मंज़िल सिर्फ एक होती है — न्याय की लखनऊ के रेजीडेंसी रोड पर रात के साढ़े दस बजे भी हल्की रौनक छाई हुई थी पर आईपीएस आस्था सहाय  के मन में अंधेरा उतर आया […]

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बचपन में मेरी दुनिया बेहद रंगीन थी—जब मैं छोटा बच्चा था

छोटी बच्ची थी, तब मेरी दुनिया बहुत प्यारी और रंगीन थी। मैं गुड़ियों से खेलती, पेड़ पर झूला झूलती और हर बात पर हँस पड़ती थी। पर एक दिन ऐसा आया, जब मुझे बहुत डाँट पड़ी और मैं रो पड़ी — लेकिन वही दिन मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख बन गया। मैं उस समय चौथी कक्षा में पढ़ती थी। मुझे चित्रकला बहुत […]

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बूढ़ा पिता कोई मोहताज नहीं-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: जया सुबह- सुबह ससुर रामचरन जी को किचन में देखकर बोली -बाबू जी मुझे अभी टिफिन बनाना है, आप बाद में गरम पानी करना। वे बोले अच्छा बेटा तू अपने बाथरूम से ही गरम पानी लाकर दे दे। तब जया बोली- बाबू जी अभी बच्चों और आपके बेटे को गरम पानी चाहिए […]

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    घर की छत-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: अपने पिता के कांपते हाथ देखकर ना जाने क्यों आशी का विश्वास भी कांप रहा था. आशी ने अपने पापा दीपक को सदा एक चट्टान की तरह देखा था, अडिग और मजबूत. अपने पापा के सहारे ही तो आशी अपने झूठे और मक्कार पति मनुज को छोड़ कर इस घर  मे  आ  […]

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नन्हा दोस्त-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story in Hindi: घर जल्दी पहुँच चुके राजेश ने अपनी पत्नी सुनीता को फोन लगाया.“सुनीता, कहाँ हो? अभी तक ऑफिस से घर नहीं आईं?”.“मैं लेडी डॉक्टर के पास रूटीन चेकअप के लिए आई हूँ. तुम घर पहुँच गए क्या?”“हाँ, आज थोड़ा जल्दी आ गया.”“बस, …निकल ही रही हूँ.” कहकर सुनीता ने फोन रख दिया.नोएडा […]

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इस बार मेरी बारी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: आगरा सदर थाना में इंचार्ज इंस्पेक्टर मधुसुधन जब पूरे दिन के बाद घर लौटते हैं,तो दरवाजा खोलते ही उनके 8 साल की जुड़वा बच्चे राहुल और राधिका पापा—पापा कहते हुए उनके गले लग गए। मारे खुशी के रोज की तरह अपने सर की टोपी निकालकर अपने बेटे राहुल को पहना दी।राहुल एक पुलिस […]

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जिंदगी के साथ जिंदगी के बाद भी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: अरे, सुबह-सुबह यह क्या लेकर बैठ गए हैं? चाय नाश्ता कर लीजिए देर हो रही है। मुझे खाना बनाने में देर हो रही है।सुनो,यह मेरी कुछ पॉलिसीयों के कागज हैं यह पांच साल बाद पूरी होने वाली है। ये एफ.डी अगले साल पूरी होने वाली है और यह कुछ इन्वेस्टमेंट है जो […]

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नन्हा दोस्त—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: घर जल्दी पहुँच चुके राजेश ने अपनी पत्नी सुनीता को फोन लगाया.“सुनीता, कहाँ हो? अभी तक ऑफिस से घर नहीं आईं?”.“मैं लेडी डॉक्टर के पास रूटीन चेकअप के लिए आई हूँ. तुम घर पहुँच गए क्या?”“हाँ, आज थोड़ा जल्दी आ गया.”“बस, …निकल ही रही हूँ.” कहकर सुनीता ने फोन रख दिया.नोएडा के […]

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मैडम जी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: ऑफिस का दरवाज़ा खुलते ही सबकी आवाज़ें धीमी हो जाती थीं।“मैडम जी आ गईं,” किसी ने धीरे से कहा। हर फ़ाइल करीने से सजी रहती, हर कर्मचारी सीधा बैठा होता। वजह थी – मानिनि। वरिष्ठ अफ़सर, तेज़ दिमाग़, सख़्त मिज़ाज। कम बोलतीं, पर उनके शब्द आदेश जैसे होते। लोग उन्हें पीछे से “मैडम […]

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निवेश—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “अरे!” गाड़ी रुकते ही ज्यों दुकान की ओर निगाह डाली  तो आँखों पर विश्वास न कर पाई ।गद्दी पर  बड़े भैया को बैठे देखकर मधुरा की आँखों में  ख़ुशी मिश्रित आश्चर्य तैर गया।बरसों से बढ़ाई गई दाढ़ी नदारद थी ,साफ सुथरा कुर्ता पायजामा पहने ,बचपन वाले भैया के चेहरे में उसे वो लापरवाह अजय […]

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