मंडला से करीब तीन किलोमीटर दूर पुरवागांव में श्रद्धा और भक्ति का एक प्राचीन केन्द्र है, जिसे सूरजकुंड कहा जाता है। यहां पर हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर है। मंदिर में प्रतिष्ठित हनुमान जी की इस दुर्लभ मूर्ति की खासियत यह है कि ये चौबीस घंटो में प्राकृतिक तरीके से तीन बार अपना रूप बदलती है।
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बुद्घि व पराक्रम के देवता हनुमान
हनुमान सबसे बलवान और बुद्घिमान माने जाते हैं। हनुमान जी के पराक्रम की अनेकों गाथाएं प्रचलित हैं। आइए लेख से भगवान हनुमान की
महिमा जानें।
करें मंगलवार का व्रत तो रखें याद
मंगलवार का व्रत करती हैं तो कहीं कुछ गलतियां तो नहीं हो जाती हैं। कहीं आप भी कम तो नहीं करती, जिनसे आपको पूरा आशीर्वाद नहीं मिल पाता है।
भगवान राम का नाम उनके अस्तित्व से भी बड़ा है
सच में दोस्तों भगवान राम का नाम उनके अस्तित्व से भी बड़ा है।
श्रीराम का स्वर्गारोहण, हनुमान होते तो नहीं होता
क्या आप जानते हैं कि अंगूठी के बहाने श्रीराम ने हनुमान जी को अपने से दूर किया था। यह कथा भाग श्री राम और हनुमान जी से जुड़ी हुई है ।
हनुमान जयंती : प्रोफेशनल लाइफ में लाना चाहते हैं बदलाव तो हनुमान जी को अर्पित करें ये 5 चीजें
19 अप्रैल को हनुमान जयंती है और इसे पूरे देश में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
रोज नहीं तो सिर्फ मंगलवार को पढ़ें हनुमान चालीसा का पाठ, मिलेंगे ये अचूक फायदे
मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है और इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जाता है।
हनुमान जी के दुर्लभ रुपों का दर्शन कराती हैं ये मूर्तियां
कहते हैं कि संसार का सबसे बड़ा सुख हनुमान जी की कृपा से ही पाया जा सकता है। क्योंकि वह भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त है। हनुमानजी की कृपा प्राप्त होते ही भक्तों के सभी दु:ख दूर हो जाते हैं। भक्तों की सेवा से शीघ्र प्रसन्न होने वाले बजरंग बलि उनकी विपदा को दूर करने में तनिक भी देर नहीं लगाते। वह विलक्षण व्यक्तित्व के धनी हैं, अतुल्यनीय बली हैं। बुद्धिमान हैं, विद्वानों के शिरोमणि हैं। शौर्य के महासागर हैं। उनके दर्शन मात्र से ही मन को असीम शांति मिलती है। आज हम यहाँ आपको तस्वीरों के माध्यम से पवनसुत हनुमान के ऐसे ही विभिन्न और अद्भुत रूपों के दर्शन कराने जा रहे हैं –
