आप कुछ ऐसे लोगों के बीच हैं, जिन्हें आपके स्टाइल की समझ नहीं है। वो नहीं समझते नाक के बीचोबीच पहनी जाने वाली नथ सेप्टम का क्लासिक लुक। उनको लड़कियों के छोटे और रंगे हुए बाल नहीं भाते और न ही भातीं ऐसी लड़कियां। ऐसे ही न जाने कितने फ़ैशन और स्टाइल हैं, जिन्हें अपनाकर आप लोगों की हंसी या कहें गॉसिप का कारण बन जाती हैं। अक्सर आपका लोगों के बीच मजाक भी बनाया जाता है और ये सब आपको परेशान किए हुए है तो अपनी सोच बदल लीजिए या ऐसे लोगों का साथ भी बदल सकती हैं। लेकिन अपना स्टाइल बिलकुल मत बदलिएगा क्योंकि इस स्टाइल में ही तो आप छिपी हैं। इसी में तो आपकी सारी सोच दिखती है। दिखता है कि आपने आगे बढ़ने के साथ खुद को भी आगे बढ़ने को प्रेरित किया है। मगर इस सोच के साथ दूसरों को इग्नोर करने का फंडा इतना भी आसान नहीं होगा। आपको कई सारे टिप्स पर ध्यान देना होगा और इन्हें अपनाना भी होगा। चलिए इन टिप्स पर नजर डालें-
आपमें हिम्मत है-
आप बहुत मामूली या कहें साधारण से स्टाइल को अपनाएंगी तो कौन सा बड़ा काम कर लेंगी। ये हर दूसरा कोई कर लेता है लेकिन आपने वो स्टाइल अपनाया है, जो हर कोई अपनाने से डरता है। आप नहीं डरीं तो मानिए कि वो आप ही हैं, जिनमें हिम्मत है। जिनमें हिम्मत है रिस्क लेने की। जो हर नया कुछ आजमा लेना चाहती हैं। इसलिए अपनी हिम्मत के लिए ही सही ऐसे मजाक उड़ाने वाले लोगों से जरा सी दूरी तो बना ही लीजिए, बस इग्नोर कर दीजिए लोगों को। 
वो समझेंगे नहीं-
एक बात आपको समझनी होगी कि जो लोग आपकी अभी बुराई कर रहे हैं, वो ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वो सिर्फ यही करना चाहते हैं। इसलिए आप अगर अपनी बात उनके सामने रखने और उन्हें समझाने की सोच रही हैं तो आप गलत हैं। इसका आपको कोई फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए अपने स्टाइल में रहिए और सब भूल जाइए। 
उनके मजाक में आप भी-
ऐसे लोगों को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप ऐसे लोगों के मजाक में खुद भी शामिल हो जाइए। जब वो आप पर हंसे तो नाराज न हों बल्कि उनके साथ थोड़ा हंस लें। यकीन मानिए उनका ध्यान ही हट जाएगा आपकी बुराई करने से। वो तो सिर्फ आपको एक इंसान के तौर पर पहचानने लगेंगे। 
टोका-टाकी बर्दाश्त नहीं-
लोगों का वयवहार बहुत ज्यादा बदलने पर जरूरी है कि सामने वाले लोगों को बता दिया जाए कि आप हद से ज्यादा टोका-टाकी बर्दाश्त नहीं करेंगी। एक सीमा के बाद आप दूसरों की बातों सुनना आपको पसंद नहीं है। ये बात आपको कड़े शब्दों में कहनी होगी ताकि सामने वाले को अपनी सीमा समझ में आ सके।