Sex Problem: शादी होते ही जीवन की एक नई शुरुआत हो जाती है। हम एक नई सपनों की दुनिया में कदम रखते हैं। इस दौरान हनीमून फेज में हम बहुत सारे प्यार, रोमांस और सेक्स को एन्जॉय करते हैं। हम सभी ने शादी के बाद के खूबसूरत सफर को फिल्मों में देखा है और अपनी जिन्दगी में भी ऐसा ही सफर जीना चाहते हैं। लेकिन सच कहें तो यह हमेशा उतना परफेक्ट नहीं होता जितना फिल्मों में दिखाया जाता है। एक दूसरे के साथ इंटीमेट होते समय अक्सर नवविवाहित जोड़े उतना कंफर्टेबल फील नहीं करते हैं। उनकी सेक्स इच्छाएं अलग हो सकती हैं या फिर सब कुछ सही करने का दबाव नवविवाति जोड़ों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है।
हो सकता है कि आपको ऐसा लग रहा हो कि शादी के बाद आपको ही सेक्स प्रोब्लम्स का सामना क्यों करना पड़ रहा है तो यह जान लीजिए कि आप अकेले नहीं हैं। जब इंटीमेसी की बात आती है तो अधिकतर कपल्स को चैलेंजेस का सामना करना पड़ता है। शादी के बाद अभी वे दोनों एक-दूसरे की ख्वाहिशों से लेकर खामियों को जान ही रहे होते हैं और ऐसे में उनके रास्ते में कुछ अड़चनें आना बिल्कुल सामान्य है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको नई-नई शादी में होने वाली कुछ सेक्स प्रोब्लम्स और उनके समाधान के बारे में बता रहे हैं-
हो सकती है परफार्मेंस एंग्जाइटी

जब किसी व्यक्ति की नई-नई शादी होती है तो कहीं ना कहीं उसे परफार्मेंस एंग्जाइटी का सामना करना पड़ता है। वह अपने पार्टनर के सामने बेहतरीन प्रदर्शन का दबाव महसूस करते हैं। जब वे ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो उनके बीच में तनाव पैदा होने लगता है। वहीं, दूसरी ओर फ़िल्में, टीवी शो और सोशल मीडिया भी अक्सर अवास्तविक मानक निर्धारित करते हैं। हो सकता है कि परफार्मेंस एंग्जाइटी की वजह से आप इंटीमेसी के दौरान ओवरथिंकिंग करने लगे या फिर आपको अपने पार्टनर को संतुष्ट न कर पाने का डर सता रहा हो। ऐसे में कई बार पुरूषों को इंटीमेसी के दौरान इरेक्शन में भी समस्या हो सकती है।
क्या करें- शादी के बाद आप बेड पर परफार्मेंस की जगह पार्टनर के साथ कनेक्शन बनाने पर फोकस करें। जो अच्छा लगता है उसके बारे में खुलकर बातचीत करें और एक-दूसरे को आश्वस्त करें कि चीजों को धीरे-धीरे करना ठीक है। याद रखें, इंटीमेंसी एक तरह की यात्रा है, एक बार की घटना नहीं।
यौन इच्छाओं में अंतर
जब शादी के बार कपल्स एक-दूसरे के साथ शारीरिक रूप से निकट आते हैं तो वह सिर्फ अपने पार्टनर को ही नहीं, बल्कि खुद को भी एक्सप्लोर करते हैं। ऐसे में यह काफी हद तक संभव है कि एक पार्टनर की सेक्स ड्राइव दूसरे से ज्यादा हो। हालांकि, यह कोई समस्या नहीं है। लेकिन अगर इस पर बात करके समाधान नहीं किया जाता है तो इससे मन में निराशा व रिश्तों में कड़वाहट घुलने लगती है। जहां एक पार्टनर खुद को उपेक्षित महसूस कर सकता है, तो वहीं दूसरा पार्टनर सेक्स करने के लिए दबाव या दोषी महसूस कर सकता है।
क्या करें- इस समस्या का समाधान करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी इच्छाओं के बारे में खुलकर बात करें और बीच का रास्ता निकालें। ज़रूरत पड़ने पर इन पलों को शेड्यूल भी करें। हो सकता है कि यह सुनने में अच्छा ना लगता हो, लेकिन वास्तव में यह उत्साह पैदा करने में मदद कर सकता है।
अनरियलिस्टिक उम्मीदें होना

अमूमन लोग अपनी शादी व पार्टनर को लेकर बहुत अधिक उम्मीदें करते हैं। यह सिर्फ रोमांस व प्यार के बारे में नहीं है, बल्कि सेक्स लाइफ को लेकर भी उनकी उम्मीदें बहुत ज्यादा होती हैं। लेकिन सच तो यह हैं कि वास्तविकता उनसे मेल नहीं खाती। हॉलीवुड और रोमांटिक नोवल्स में ऐसा लगता है कि हर बार इंटीमेट ज़बरदस्त होना चाहिए, लेकिन असल ज़िंदगी में यह हर बार उतना शानदार नहीं हो सकता। ऐसे में जब चीज़ें योजना के अनुसार नहीं होती हैं तो निराशा होती है। खासतौर से, अगर कपल्स अपने रिश्ते की तुलना दूसरों से करते हैं तो उनके बीच की समस्या कई गुना बढ़ जाती है।
क्या करें- अपनी अपेक्षाओं के बारे में खुलकर बात करें और उन्हें रियलिस्टिक बनाने की कोशिश करें। इंटीमेसी सिर्फ एक हार्डकोर सेक्स के बारे में नहीं है, बल्कि यह कनेक्शन, विश्वास और समझ के बारे में है। आप एक-दूसरे के करीब होने के अहसास को जीएं और अजीबोगरीब पलों पर खुलकर हंसें।
कम्युनिकेशन से जुड़ी समस्याएं
शादी के बाद अक्सर यह देखने में आता है कि कपल्स एक-दूसरे से खुलकर बात नहीं कर पाते हैं और ऐसे में कम्युनिकेशन सही तरह से ना हो पाने की वजह से उनके बीच की सेक्स समस्याएं कभी दूर ही नहीं हो पाती हैं। बहुत से कपल्स शादी के बाद भी अक्सर बिस्तर पर अपनी ज़रूरतों, डर या निराशाओं के बारे में बात करने में झिझकते हैं। कई बार इसी वजह कल्चर या शर्म होती है या फिर उन्हें ऐसा भी लगता है कि कहीं उनका पार्टनर उन्हें गलत ना समझ ले। जब ये समस्या सुलझती नहीं है तो रिश्ते में तनाव व निराशा बढ़ने लगती है।
क्या करें- छोटी शुरुआत करने की कोशिश करें। जेंटल व पॉजिटिव लैंग्वेज का इस्तेमाल करें, मसलन, “जब तुमने यह किया तो मुझे बहुत मज़ा आया; क्या हम इसे फिर से आज़मा सकते हैं?” जब आप बातचीत करने के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने की कोशिश करते हैं तो इससे दोनों पार्टनर अपनी बातें खुलकर कह पाते हैं।जब कपल्स के बीच ओपन कम्युनिकेशन होता है तो इससे उनके बीच का रिश्ता काफी सुधरता है। वे सिर्फ अपनी सेक्स लाइफ को ही बेहतर तरीके से एन्जॉय नहीं करते हैं, बल्कि साथ ही साथ हर पहलू में उनका रिश्ता और भी ज्यादा खुशनुमा बनता है।
