जब डेबी ने आंखें खोलीं, तो उस समय मैं उसके सामने खड़ा था। उसके होंठों पर हल्की-सी मुस्कान थी और मैंने अपना हाथ उसके हाथ पर रखा और उसने मेरे हाथ को कस कर पकड़ लिया था। उसकी आंखें-फिर बन्द हो गयी थीं।
नर्स ने मुझे बताया था कि डेबी को अभी अर्धचेतना के दौरे पड़ते हैं, पर शनैः-शनैः कम होते जायेंगे। साथ ही उसने मुझसे कहा था कि डेबी अब शॉक से बाहर आती जा रही है।
मौत के दीवाने नॉवेल भाग एक से बढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- भाग-1
डेबी एक बार फिर होश में आई थी और कमजोर आवाज में चीखने लगी थी‒‘वे…वे…।’
‘मैं हूं डार्लिंग और कोई नहीं है। तुम डरो मत।’
डेबी मुझे अपने सामने देखकर कुछ शान्त-सी हो गई थी। साथ ही उसने मेरे हाथ को और कस कर पकड़ लिया था और सो गई थी।
काफी देर बाद जब उसे फिर होश आया तो उसकी हालत काफी बेहतर थी। उसने बातें करनी चाहीं तो मैंने प्यार से उसके चेहरे को थपकते हुए कहा‒‘अभी नहीं। बाद में जब तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगी, तो ढेरों बातें करेंगे।’
‘तुम्हें समय ही नहीं मिलेगा।’ डेबी ने धीमे लहजे में कहा।
‘तुम्हें पूरा समय मिलेगा। मैं हर समय तुम्हारे पास रहूंगा, या तुम्हें अपने साथ रखूंगा। तुम जी भरकर बातें करना।’
डेबी यह सुनकर सन्तुष्ट हो गई और फिर सो गई।
दोपहर को जब डॉक्टर राउन्ड पर आया, तो मैंने उससे पूछा‒‘क्या मेरी पत्नी फिर से गर्भवती हो सकेगी?’
डॉक्टर ने मेरे प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा‒‘मिस्टर मेगन, शारीरिक रूप से तो यह दो-तीन दिन में बिल्कुल ठीक हो जायेंगी, इनकी कमजोरी भी शनैः-शनैः चली जाएगी, किन्तु इनकी मानसिक स्थिति को सुधरने में बहुत समय लगेगा और वह केवल आपके प्यार से सुधर सकती है। आपकी पत्नी बहुत ही संवेदनशील हैं। इनके मन पर छोटी से छोटी बात का भी असर होता है। आप इनको जितना ज्यादा प्यार देंगे यह उतनी ही जल्दी ठीक हो जायेंगी। इनका गर्भवती होना इनकी मानसिक अवस्था पर निर्भर है तथा इनकी मानसिक अवस्था में सुधार आपके प्यार पर।’
इस समय डॉक्टर ने मुझसे वही कहा था…जो शेरी लू ने।
मैंने मन ही मन सोचा कि यदि डेबी का स्वास्थ्य मेरे प्यार पर निर्भर है, तो मैं उसे यह कमी कभी महसूस नहीं होने दूंगा। मैं उसे हर समय अपने साथ रखूंगा ताकि उसके दिल से यह भावना ही मिट जाए कि मैं उसकी ओर पूरा ध्यान नहीं देता।
एक सप्ताह पश्चात डेबी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। दस दिन तक वह अपने कमरे में बिस्तरे पर आरराम करती रही। इस दौरान मैंने उसे क्षण-भर के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा। जब वह चलने-फिरने योग्य हो गई, तो मैं उसे अपने साथ रखने लगा। इस दौरान मैंने अनुभव किया कि डेबी प्यार की बहुत भूखी है और जब उसे निश्चय हो गया कि मैं जी भरकर प्यार दे सकता हूं तो वह प्रसन्न रहने लगी और उसकी प्रसन्नता का प्रभाव उसकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ने लगा।
उधर पुलिस वाले मेरे पीछे पड़े थे, क्योंकि अर्ल और टर्की की हत्या मैंने अपने मुंह से स्वीकार की थी। पहले तो मैंने डेबी को कुछ नहीं बताया किन्तु जब वह जिद्द पकड़ बैठी तो मैंने समूचा-वृत्तांत सम्मुख कर दिया। डेबी चुपचाप सुनती रही। उसने मेरे सामने कोई टिप्पणी नहीं की थी। लेकिन उस रात उसने अपने पिता जैक चार्ल्स को न जाने क्या चाबी भरी थी कि अगले दिन उन्होंने अपने भाई बिली सीनियर, बेटे फ्रेंक, भतीजे बिली जूनियर को वह फटकार सुनाई थी कि उनका मुंह देखते ही बनता था।
मुझे या किसी अन्य को कोई ज्ञान नहीं था कि जैक चार्ल्स ने इन लोगों को अपने कमरे बुलाकर किस ढंग से फटकारा है। फटकार सुनते ही बिली तुरन्त वाशिंगटन के लिए रवाना हो गया था और किसी से मैंने यह पूछना उचित नहीं समझा था।
बिली को वाशिंगटन गये चार-पांच दिन हो गये थे। इधर पुलिस वालों ने चक्कर काटने बन्द कर दिए थे। एक दिन मैं और डेबी यों ही गप्पे हांक रहे थे कि मैंने डेबी से कहा‒‘यहां की पुलिस भी क्या अजीब पुलिस है।’
‘क्यों, क्या हुआ? तुम्हें किसी ने कुछ कहा है?’ डेबी ने क्रोध और चिन्ता से पूछा।
‘मुझसे किसी ने कुछ कहा तो नहीं, पर कहां तो वे पुलिस वाले मेरे पीछे इतने चक्कर लगा रहे थे‒दिन में दो-दो…तीन-तीन चक्कर लगते थे उनके…और कहां पिछले पांच दिन से वे एक बार भी नहीं आए।’
‘अब पुलिस तुम्हारे पीछे नहीं आएगी‒।’ डेबी ने मुझसे कहा।
‘तुम्हें कैसे पता है?’
‘मैंने डैडी से कह दिया था।’
मैं यह सुनकर आश्चर्यचकित रह गया कि चार्ल्स परिवार के कहने पर…पुलिस ने एक हत्या के अपराधी का पीछा छोड़ दिया था।
मैंने डेबी से पूछा‒‘तो क्या तुम्हारे डैडी ने इसीलिए…तुम्हारे चाचा और बिली एवं फ्रेंक को फटकारा था?’
‘डैडी ने उन्हें फटकारा थोड़े ही था, उन्होंने तो उनसे कहा था।’
‘अगर यह कहना था, तो तुम्हारे डैडी की फटकार न जाने कैसी होती होगी?’ मैंने हंसते हुए डेबी से पूछा।
‘फटकार तो वह थी, जो डैडी ने पुलिस आयुक्त को फोन पर सुनाई थी, या उनकी फटकार के बारे में फ्रेंक ही बता सकता है। उसे डैडी की फटकार का काफी अनुभव है।’
‘तुम्हें कोई अनुभव नहीं?’
‘डैडी की मजाल है जो मुझे कुछ कह भी दें। मैं उनकी बेटी हूं….।’ डेबी ने बड़े गौरव से कहा‒‘लो देखो, वह बिली भी आ गया।’
‘यार, तुम तो बड़े अजीब हो।’ बिली ने कुर्सी पर बैठते हुए मुझसे कहा।
‘मैंने क्या किया है, भई? न दुआ न सलाम और आते ही मुझ पर बिगड़ने लगे हो।’
‘टॉम, तुमने मुझे बताया होता कि पुलिस तुम्हें परेशान कर रही है….तो मैं अपने आप उनसे सुलट लिया होता। तुमने जैक चाचा से शिकायत क्यों की?’
‘देखो बिली, मैंने किसी से शिकायत नहीं की। पुलिस वाले दो-दो, तीन-तीन बार मेरे पीछे क्यों आते हैं मैंने इसे बता दिया। मुझे क्या पता था कि यह हाई कमाण्ड तक रिपोर्ट पहुंचाएगी।’
‘ओह…तो यह बात है।’
‘अच्छा…अब तुम बताओ कि तुम वाशिंगटन क्या करने गये थे?’
‘यह तुम अपनी श्रीमती जी से पूछो।’
मैंने डेबी के चेहरे की ओर देखते हुए कहा‒‘तुम्हें ज्ञात था तो तुमने मुझे बताया क्यों नहीं?’
‘कोई खास बात होती तो बताती भी।’
‘मुझे तो अभी भी नहीं पता।’ मैंने बिली से कहा।
‘टॉम, बात यह है कि जैक चाचा ने अपनी बेटी के निर्देश पर मेरे लिए यह आदेश जारी किये थे कि तुरन्त वाशिंगटन जाऊं और होस्टन टेक्सास के संसद सदस्य को यह कहूं कि अर्ल टर्की की हत्या का मामला एफ. बी. आई. के पास पहुंचते ही ठप्प हो जाना चाहिए और जैक चाचा को इसकी सूचना…मिल जानी चाहिए।’
संसद महोदय ने जैक चाचा का सन्देश मिलते ही एफ. बी. आई. से सम्पर्क स्थापित किया था। उन्होंने विमान द्वारा अर्ल एवं टर्की की हत्या का रिकार्ड यहां की पुलिस से मंगवाया था और संसद महोदय को सौंप दिया था। संसद महोदय ने यह रिकार्ड मुझे सौंप दिया…अब मैं इसे जैक चाचा को सौंपने जा रहा हूं।’
‘पर बिली, एक संसद सदस्य ऐसा गैर कानूनी काम कैसे कर सकता है?’
‘टॉम, होस्टन में कानून वह है जो जैक चार्ल्स चलाए। बाकी सब चीजें गैर कानूनी हैं और जैक चार्ल्स की कानून मंत्री उनकी लाड़ली यानी आपकी श्रीमती डेबी हैं। टॉम, यह मेरी बहन है न यह आफत की परकाली है। तुम इसे बाहामा ले जाओ। कम से कम जैक चाचा की फटकार से तो बचेंगे।’
‘बाहामा तो मैं जाऊंगी ही।’ डेबी ने कहा‒‘पर मीटिंग के बाद जाऊंगी।’
‘अब कौन-सी मीटिंग है?’
‘वह तुम बिली चाचा से पूछना। डैडी की चूंकि तबियत ठीक नहीं, इस प्रकार बिली चाचा ही मीटिंग आयोजित कर रहे हैं।’
‘अच्छा टॉम, मैं चलता हूं। अब इस मीटिंग में न जाने और क्या होने वाला है।’
अगले दिन चार्ल्स परिवार की एक विशेष मीटिंग बुलाई गई थी। मीटिंग में भाग लेने के लिए मुझे भी आमंत्रित किया गया था। मीटिंग में जाने से पहले डेबी ने मुझसे कहा था‒‘तुम मेरे भाई फ्रेंक की किसी बात का बुरा मत मानना और न ही उसे कोई महत्व देना। वह बिल्कुल बेवकूफ है।’
तत्पश्चात डेबी मुझे कान्फ्रेंस रूम के बाहर तक छोड़ने आई थी। जैक चार्ल्स के अस्वस्थ होने के कारण मीटिंग की अध्यक्षता बिली सीनियर कर रहे थे। मुझे मीटिंग में देखते ही फ्रेक ने आपत्ति की‒‘टॉम मीटिंग में क्यों आया है?
‘क्योंकि यह चार्ल्स परिवार का एक सदस्य है।’ बिली ने फ्रेंक को टका-सा उत्तर देते हुए कहा-‘इसके अलावा मैंने इसे यहां आमन्त्रित किया है।’
तब बिली सीनियर ने मुझसे पूछा‒‘डेबी अब कैसी है?’
‘पहले से तो बहुत अच्छी है पर अब भी कभी-कभार आतंकित हो जाती है। बहरहाल, अब आप डेबी को मेरे भरोसे छोड़ दीजिए….वह बिल्कुल ठीक हो जाएगी।’
बिली सीनियर ने सबकी ओर देखते हुए कहा‒‘मैंने आज तुम लोगों को चार्ल्स परिवार के वंश का इतिहास बताने के लिए यहां बुलाया है-
‘हमारे बुजुर्ग स्काटलैण्ड के रहने वाले थे।
‘कई साल पहले की बात है कि दो भाई मेल्कम और डोनाल्ड स्काटलैंड से चल करके अमरीका चले आए थे तथा यहां टेक्सास में आकर बस गए थे। उन दिनों टेक्सास मेक्सिको का एक भाग हुआ करता था। मेल्कम एवं डोनाल्ड दोनों भाई इस कदर गरीब थे कि उनको दो समय का भोजन भी मुश्किल से नसीब होता था, किन्तु वे वापस स्काटलैण्ड नहीं गए।
शनैः शनैः वे उन्नति करते गए और फलने-फूलने लगे। फिर ऐसा भी समय आया कि जब सैम होस्टन, जिसके नाम पर यह शहर आबाद है, ने टेक्सास को मेक्सिको से अलग करना चाहा, तो उन्होंने बाद में इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में उन्होंने इस प्रांत को अमरीका में संयुक्त करवाया था और शनैः शनैः हमारे पूर्वज धनवान हो गए‒लक्ष्मी हमारे घर की दासी बन गई और आज न केवल टेक्सास प्रांत में बल्कि समूचे अमरीका में हमारा लोहा माना जाता है और तुम जानते हो हम इस योग्य कैसे हुए, सिर्फ इस सिद्धान्त पर कि परिवार सदा इकट्ठा रहेगा और हम सब एकजुट होकर काम करेंगे।
‘यह तो हम सब भी जानते हैं, बिली चाचा।’ फ्रेंक ने बोर होते हुए कहा।
‘तुम तो जानते हो किन्तु टॉम तो नहीं जानता। उसी को बताने के लिए मैंने यह किस्सा सुनाया है। जब बिली जूनियर ने टॉम से साझेदारी करने का प्रस्ताव रखा था तो मैंने उस प्रस्ताव का न कोई समर्थन किया था और न ही कोई विरोध।’
तत्पश्चात जब डेबी ने टॉम से विवाह करने का निश्चय किया था, तो मैं उस समय भी तटस्थ रहा था, किन्तु बाद में जब साझेदारी को अन्तिम रूप देने के समय टॉम ने शर्त रखी थी कि वह नई कारपोरेशन का नियन्त्रण अपने हाथ में रखेगा, तो उस समय इनकी इज्जत मेरी दृष्टि में बहुत बढ़ गई थी। तब मुझे ज्ञात हुआ था कि टॉम बिजनेस करना जानता है और जो आदमी बिजनेस करना जानता हो, मैं उसकी बहुत इज्जत करता हूं।’
फिर बिली सीनियर ने गौर से मेरी ओर देखते हुए कहा‒‘आज मैं तुमसे यह पूछूंगा कि तुमने यह शर्त क्यों रखी थी?’
‘क्योंकि मैं स्वाधीन रहना चाहता हूं….मैं किसी के अधीन काम करना नहीं चाहता।’
‘स्वाधीन रहना बहुत ही अच्छा होता है टॉम, लेकिन एकता स्वाधीनता से भी अच्छी होती है। चार्ल्स कारपोरेशन में शामिल होने के बारे में तुम्हारा क्या विचार है?’
‘किस पद पर?’ मैंने पूछा।
‘चार्ल्स कारपोरेशन के बोर्ड में एक नीति नियोजक सदस्य के रूप में।’
‘नीति नियोजक सदस्य ही नहीं कुछ और भी।’ फ्रेंक ने क्रोध से कहा‒‘टॉम से हमारा कोई खून का रिश्ता है जो आज आप इसे बोर्ड का सदस्य बनाने की पेशकश कर रहे हैं….? आज तक तो ऐसा कभी नहीं हुआ….परिवार का सदस्य चार्ल्स कारपोरेशन के बोर्ड का सदस्य बनता है। टॉम हमारे परिवार का सदस्य नहीं है।’
बिली सीनियर ने फ्रेंक को डांटते हुए कहा‒‘जैक चार्ल्स की बेटी यानी तुम्हारी बहन टॉम के कारण ही जीवित है। इसने हमारे परिवार की इज्जत बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाई, अपना खून बहाया, दो आदमियों की हत्या की और तुम कहते हो इससे हमारा खून का रिश्ता ही नहीं, यह हमारे परिवार का सदस्य नहीं। यदि टॉम परिवार का सदस्य न होता तो वह हमारे परिवार के लिए खून न बहाता। मेरी दृष्टि में तुम सब में से यदि कोई सही मायनों में चार्ल्स परिवार का सदस्य कहलाने का हकदार है, तो वह टॉम है।’
फिर बिली सीनियर ने मुझे सम्बोधित करते हुए कहा‒‘खैर, टॉम तुम बताओ कि चार्ल्स कारपोरेशन में शामिल होने के बारे में तुम्हारी क्या राय है? इससे पहले मैं तुम्हें बता दूं कि चार्ल्स कारपोरेशन के बोर्ड का सदस्य बनने से पहले तुम्हें अपनी योग्यता का प्रमाण देना होगा।’
‘वह क्या?’ मैंने पूछा।
‘टॉम, हम लोग स्काट मूल के है। हमारा खून स्काटिश है। हम किसी का अपमान नहीं करते किन्तु यदि कोई पहल करके हमारा अपमान करे, तो हम लोग जीवन पर्यन्त उसको क्षमा नहीं करते। उस हरामजादे के कारण मेरा भाई मरते-मरते बचा, मेरी भतीजी यानी तुम्हारी पत्नी जिसको आज तक किसी ने मैली नजर से नहीं देखा, उसको अपना बन्दी बना कर इस कदर उत्पीड़ित किया कि उसका गर्भपात हो गया….हमें रॉबिन्सन चाहिए टॉम-जीवित या मुर्दा….हम उसके खून के प्यासे हैं….यही तुम्हारी योग्यता का प्रमाण होगा। रॉबिन्सन को खोज निकालने के लिए तुम्हें जिस चीज, जिस साधन की आवश्यकता होगी….वह हम उपलब्ध करेंगे और यह तुम जानते ही हो कि हमारे साधन किस कदर विस्तृत हैं। सारांश में यह कि समूचा….चार्ल्स परिवार तुम्हारे पीछे होगा।’
मैंने उत्तर देते हुए कहा‒‘जहां तक साधनों का सम्बन्ध है मैं स्वयं साधन सम्पन्न हूं। मेरे पास किसी चीज की कमी नहीं और जहां तक रॉबिन्सन का सम्बन्ध है, मैं खुद उससे बदला लिए बिना उसे नहीं छोडूंगा, पर तात्कालिक समस्या यह है कि हम उसके बारे में कुछ नहीं जानते।’
जो ने हस्तक्षेप करते हुए कहा‒‘हमारी कम्पनी का गुप्तचर विभाग बहुत ही कार्यकुशल है। हमारे पास सब ऐसे यन्त्र या साधन हैं जो किसी भी अच्छी गुप्तचर संस्था के पास हो सकते हैं। हम आज ही से अपने गुप्तचर विभाग को रॉबिन्सन के पीछे लगा देते हैं। वह तुम्हें उसके बारे में हर सूचना एकत्र कर देंगे।’
‘यदि जो और बिली इस काम में तुम्हारी सहायता कर सकते हैं, तो ठीक है….मुझे कोई आपत्ति नहीं।’ बिली सीनियर ने मुझसे कहा।
‘और मैं?’ फ्रेंक ने अपने चाचा से पूछा।
‘तुम मेरे साथ कारपोरेशन का काम देखोगे।’
मैंने बिली सीनियर से कहा‒‘हमारी इस समस्या का समाधान बाहामा में हो सकता है। मेरे विचार से रॉबिन्सन न तो टेक्सास में है और न ही अमरीका के किसी अन्य प्रांत में। वह होगा तो बाहामा में ही और वहीं मैं उसे खोजने का प्रयत्न करूंगा। मैं कल डेबी को लेकर बाहामा रवाना हो जाऊंगा और वहीं से इसकी शुरुआत करूंगा।’
‘डेबी को साथ लेकर?’ फ्रेंक ने आपत्ति करते हुए कहा‒‘मेरे विचार में तो बेहतर यह होगा कि डेबी को….यहीं रहने दो।’
‘मैं और डेबी एक-दूसरे से काफी अलग रह चुके हैं, फ्रेंक। अब हम दोनों का इकट्ठे रहना ही हम दोनों के हित में है। डेबी मेरे साथ ही जाएगी।’
फिर मैंने जो को सम्बोधित करते हुए कहा‒‘जब तक यह रॉबिन्सन का मामला निपट नहीं जाता, मुझे चौबीस बांडीगार्डों की जरूरत पड़ेगी…। तुम बताओ कि तुम यह प्रबन्ध कर सकते हो।’
‘इसमें क्या मुश्किल है।’ जो ने उत्तर देते हुए कहा‒‘मेरे पास ट्रेंड कमांडो हैं। उनको मैं तुम्हारे साथ कर दूंगा।’

जो ने कुछ सोचते हुए मुझसे कहां‒‘तुम मेरा एक कहना मानो।’
‘क्या?’
तुमने और रॉबिन्सन ने आमने-सामने बैठकर बात की थी। अतः तुम्हें उसका नाक-नक्शा और आम हुलिया तो स्मरण होगा ही। हमारी एक बहन है‒‘केसी’ वह अपने किस्म की एक ही है….लेकिन बहुत ही सक्षम चित्रकार है। तुम उसे किसी का भी हुलिया बता दो तो वह उसका चित्र तैयार कर देगी।
‘तुम ऐसा करो टॉम कि उसे रॉबिन्सन का हुलिया बता दो। वह उसका चित्र बना देगी। तुम्हें जहां और जो भी कमी दिखाई दे, केसी को बता देना। वह उस कमी को दूर कर देगी। इससे यह होगा कि एक दो चित्रों के बाद हमें उसका बिल्कुल सही फोटो मिल जाएगा। उसकी हम कापियां निकलवा लेंगे और बांट देंगे। ऐसा करने से रॉबिन्सन को खोजने में बहुत सहायता मिलेगी।’
तत्पश्चात केसी से मेरा परिचय करवाया गया था। केसी ने रॉबिन्सन का खाका खींचने के पश्चात मुझसे रॉबिन्सन के हुलिए की इस बारीकी से पूछताछ की थी कि कोई पुलिस अधिकारी भी क्या करुंगा। तब उसने रॉबिन्सन का चित्र उभारा था…..बिल्कुल ऐसा मानो कैमरे से उसकी फोटो खींची गई हो। मैंने केसी से उस डॉक्टर का भी चित्र बनाने को कहा था जो मुझे लिफ्ट से उठा कर बाहर कार में ले गया था और फिर कार में मुझे इन्जेक्शन लगा कर बेहोश कर दिया था। केसी ने उस डॉक्टर का चित्र भी वैसा ही बनाया था जैसी उसकी शक्ल थी।
अगले दिन मैं एवं डेबी चौबीस बॉडीगार्डो के साथ चार्ल्स कारपोरेशन के जेट में फ्रीपोर्ट चले आये थे। घर पहुंचते ही डेबी की हर समय की देखभाल के लिए मैंने अपने होटलों की चीफ नर्स किटी को उसके लिए नियुक्त कर दिया। एक-दो दिन पश्चात मैंने अपनी लड़की कैरीन को भी उसकी बुआ के पास से वापस बुलवा लिया और थीटा कारपोरेशन के काम-काज की समीक्षा में लग गया। इस दौरान मैंने डेबी को क्षण भर के लिए अकेले नहीं छोड़ा। मैं अपने दफ्तर आता, तो उसको अपने साथ ले आता….डेबी का खोया हुआ विश्वास वापस लौटने लगा था और उसके चेहरे की रौनक वापस आने लगी थी।

