Urgam Valley Speciality: उत्तराखंड के पहाड़ों में कुछ जादू सा है शायद, क्योंकि जो एक बार यहां आता है वो इसके मोहपाश में बंध जाता है। उत्तराखंड की हर जगह खूबसूरत है। अगर बात करें यहां के अनटेप्ड डेस्टिनेशन उर्गम घाटी की उसकी तो इसके क्या ही कहने। बॉलीवुड एक्ट्रेस शहनाज गिल ने हाल ही में उर्गम घाटी को एक्सप्लोर किया और कई तस्वीरें भी शेयर की। अगर आप उत्तराखंड को पसंद करते हैं और कुछ नया देखना चाहते हैं तो अपना बैग पैक करें और कुछ नए एक्सपीरियंस का मजा लें।
मैडिटेशन, योग और ट्रेकिंग के लिए है खास
इस घाटी का नाम उर्गम गांव के नाम पर रखा गया है। उर्गम गांव चमोली जिले का हिस्सा है। यह गांव जोशीमठ से 23 किलोमीटर दूर है। उर्गम गांव की आबादी करीब 1500 है और यहां लगभग 300 घर हैं। दूसरे पहाड़ी गांवों की तरह यहां की संस्कृति में भी खेती महत्वपूर्ण है। मैडिटेशन, योग और ट्रेकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए ये जगह बेहद खास रहने वाली है। यहां की खूबसूरती और शांत वातावरण आपके मूड को रिलैक्स करने वाला साबित होगा। शहनाज़ के इंस्टाग्राम से पता चल रहा है कि यहां आकर उन्होंने बहुत मजे किए।
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पांचवे केदार कल्पेश्वर महादेव
यह घाटी अपने पांचवें केदार “कल्पेश्वर महादेव” के लिए जानी जाती है जहां भगवान शिव के बाल देखे जा सकते हैं। यह मंदिर एक विशाल पहाड़ी चट्टान के नीचे स्थित है। बद्रीनाथ राजमार्ग पर जोशीमठ हेलंग से 10 किमी पहले एक छोटा सा हेमलेट उर्गम घाटी की ओर मुड़ता है। हेलंग से देवग्राम 12 किमी दूर है। हेलंग शब्द एक तिब्बती शब्द है जो तिब्बती या भोटिया कौमिन्टी यात्रा मार्ग की उपस्थिति को भी दर्शाता है। कह सकते हैं कि जब आप यहां आएंगे तो आपको शिव की शक्ति का भी अहसास होगा। इस मंदिर के पास ही आपको बहुत से होमस्टे मिलेंगे। कल्पेश्वर महादेव के लिए कोई ट्रेक नहीं है, यह सड़क पर है, केवल 150 मीटर पैदल चलना होगा। कल्पेश्वर में पर्यटक कम हैं। यदि आपको ट्रैकिंग पसंद है तो आपको शांतिपूर्ण छोटे रास्ते और बड़े रास्ते मिलेंगे। पांच में से यह एकमात्र केदार है जो पूरे 12 महीने खुला रहता है।
लग्जरी नहीं सूकून
आप यहां आएंगे तो यहां पर लग्जरी तो नहीं मिलेगी लेकिन होम स्टे आराम और मोहब्बत मिलेगी। इस घाटी की खासियत कल्प गंगा नदी है जो विशाल पहाड़ों और हरे भरे मैदानों के बीच घाटी में बहती है। यह नदी बहुत खूबसूरत लगती है। इसे आप एकटक घंटों तक निहार सकते हैं। होम स्टे गांव के घर जैसा है जहां कम सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां के लोग टूरिस्ट से बात करना बहुत पसंद करते हैं। आप पैदल ही गांव का दौरा करें। खेतों में जाएं, यहां की जीवनशैली को जानें। यहां के लोग बहुत अच्छे हैं आप यहां अपने हाथ से चूल्हें पर खाना बना सकते हैं। एक बार चूल्हें की आग पर फूंक मार कर तो देखिए आपको लगेगा कि आपकी जिंदगी की सारी परेशानियों की राख उड़ चुकी है।
अपने साथ ले जाएं राजमा
हैश यहां के लोगों की आय का एक प्रमुख स्रोत है। लेकिन हैश के अलावा यहां के राजमा का भी कोई मुकाबला नहीं है। राजमा चावल अगर आप पसंद करते हैं तो अपने लिए और अपने अपनों के लिए इसे तोहफे के तौर पर ले जा सकते हैं। यह वो जगह है जहां आप अपनी फैमिली के साथ आएं, दोस्तों के साथ या अकेले आपको मजा ही आएगा। यहां आप कुदरत के नजारों में कुछ खो से जाएंगे। एक बार आने के बाद आपको लगेगा कि आपको यह घाटी बार- बार बुला रही है।
