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अब वो जमाना नहीं रहा जब सोलो ट्रैवल पर महिलाओं को टोका जाता था। आज की महिलाएं बिना डरे, पूरे आत्मविश्वास के साथ अकेले सफर पर निकल रही हैं। नए अनुभवों को खुलकर जी रही हैं। यह ट्रेंड भारत सहित दुनियाभर में छा रहा है।
Solo Female Travel: पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक अधेड़ उम्र की महिला सोलो ट्रैवलर का वीडियो जमकर वायरल हुआ। यह महिला अपने पुराने टू व्हीलर पर अकेले ट्रैवल पर निकलती हैं। इस वीडियो ने कई अन्य महिलाओं को भी प्रेेरित किया। बात साफ है अब वो जमाना नहीं रहा जब सोलो ट्रैवल पर महिलाओं को टोका जाता था। आज की महिलाएं बिना डरे, पूरे आत्मविश्वास के साथ अकेले सफर पर निकल रही हैं। नए अनुभवों को खुलकर जी रही हैं। यह ट्रेंड भारत सहित दुनियाभर में छा रहा है।
हैरान कर देंगे आजादी के आंकड़े

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साल 2023 से 2025 के बीच सोलो ट्रैवल करने वाली महिलाओं की संख्या में 135% की बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं, दुनिया भर में अब आधे से ज्यादा सोलो ट्रैवल से जुड़ी ऑनलाइन सर्च महिलाएं ही कर रही हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ टूरिज्म रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार आजादी और साहस करने की अंदरूनी इच्छा शक्ति ही महिलाओं को सोलो ट्रैवल के लिए प्रेरित करती है। सोलो ट्रैवल स्टैटिस्टिक्स 2023 के अनुसार ट्रैवल बाजार में अकेले ट्रैवल करने वालों की संख्या करीब 11% है। इसमें से 84% सोलो ट्रैवलर महिलाएं हैं।
अकेलापन नहीं, बस आजादी
यह बात सच है कि परिवार के साथ घूमने का मजा अलग है। लेकिन इस दौरान महिलाओं को कहीं न कहीं छुट्टियों के बीच भी लंबा समय परिवार की देखभाल और पैकिंग में ही बिताना पड़ता है। ऐसे में अकेले घूमने का मतलब महिलाओं के लिए आजादी का दूसरा नाम बन गया है। महिलाएं अब अपनी मर्जी से ट्रैवल डेस्टिनेशन चुन रही हैं। अपना बजट तय कर रही हैं और बिना किसी झंझट के सब कुछ पसंद से तय कर रही हैं। इस दौरान उन्हें न किसी की जरूरतों का ध्यान पड़ता है और न ही किसी की सहमति का इंतजार।
नई जगहें और नए रिश्ते
महिलाओं के लिए सोलो ट्रैवल अब सिर्फ घूमना-फिरना नहीं रह गया है। बल्कि यह नए रिश्तों और अनुभवों का रास्ता बन गया है। डेटिंग ऐप हैपन के अनुसार 43% सिंगल भारतीय मानते हैं कि सबसे अच्छे रिश्ते दोस्ती से शुरू होते हैं। यात्राएं ऐसे रिश्ते बनाने के लिए एक बेहतरीन मौका है। लोगों का मानना है कि कई बार सफर में ऐसे लोग मिल जाते हैं जो सफर को यादगार बना देते हैं। अकेले सफर कर रही महिलाएं भी इन छोटे-छोटे, मगर दिल छू लेने वाले पलों को भरपूर एंजॉय कर रही हैं।
सुरक्षित और स्मार्ट ट्रैवल
महिलाओं के लिए सोलो ट्रैवल करना पहले से ज्यादा सुरक्षित हो गया है। रियल-टाइम नेविगेशन, भरोसेमंद होटलों की रेटिंग और यात्रा से जुड़ी कम्युनिटी की मदद से महिलाएं आसानी से सुरक्षित फैसले ले पा रही हैं। सिर्फ महिलाओं के लिए ट्रिप, छोटे ग्रुप टूर और बिना एक्स्ट्रा चार्ज के सिंगल स्टे जैसी सुविधाएं भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रही हैं।
खुद को पहचानने की कोशिश
ट्रेंड्स बताते हैं कि सोलो ट्रैवल करने वाली महिलाएं अपने सफर से जुड़ा 70 से 80% खर्च खुद तय करती हैं। उन्हें किसी राय की जरूरत नहीं। ट्रैवल ऑपरेटर भी अब महिलाओं के हिसाब से टूर प्लान बना रहे हैं। जिसमें आसान भुगतान, पारदर्शी दाम और फ्लेक्सिबल प्लान शामिल हैं।
सोशल मीडिया बना साथी
इंस्टाग्राम, यूट्यूब और ट्रैवल ब्लॉग्स ने भी सोलो ट्रैवल को पहले से आसान बना दिया है। महिलाएं पहले से जान सकती हैं कि कहां जाना है, क्या पैक करना है, किस चीज से बचना है और क्या खास करना है। साथ ही ऑनलाइन सोलो ट्रैवल कम्युनिटी से उन्हें सुझाव, हिम्मत और जवाब भी मिल जाते हैं। महिलाओं के लिए यह खुद को समझने का एक नया तरीका है। सोलो ट्रैवल उनके लिए मजबूरी नहीं, बल्कि जिंदगी खुलकर जीने का तरीका बन रहा है।
