Kaal Sarp Dosh nivaran upay

Kalsarpa Dosh Upay: हमारे जीवन में ग्रह नक्षत्रों की स्थिति बड़ा महत्व रखती है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति शुभ परिणाम देती है तो वहीं, कमजोर ग्रहों की स्थिति और दोषों के कारण जीवन में अनेक कष्ट भोगने पड़ते हैं। ज्योतिष शास्त्र में ग्रह व दोष संबंधित कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। जब भी भविष्य देखने की बात आती है तो सबसे कुंडली की चर्चा की जाती है। कुंडली से व्यक्ति के अच्छे व बुरे दिनों का पता कर सकते हैं। ज्योतिषी व्यक्ति की कुंडली देखकर उसका आने वाला कल बताते हैं। कुंडली में कई प्रकार के योग व दोष बनते हैं।

अक्सर आपने भी काल सर्प दोष के बारे में सुना होगा। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि काल सर्प दोष के कारण मनुष्य को आर्थिक, शारीरिक व मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। काल सर्प दोष को सबसे शापित दोषों में से एक माना गया है। ऐसे में काल सर्प दोष का निवारण जरूरी है। तो चलिए जानते हैं कुंडली में काल सर्प दोष कब बनता है और इसके निवारण के ज्योतिष उपाय क्या है।

कुंडली में कब बनता है कालसर्प दोष?

Kaal Sarp Dosh nivaran upay
कुंडली में कब बनता है कालसर्प दोष? इसका जीवन पर कैसे पड़ता है प्रभाव, जानें उपाय: Kalsarpa Dosh Upay 4

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में कालसर्प दोष तब बनता है जब राहु और केतु एक तरफ मौजूद हो और अन्य सभी ग्रह इनके बीच हों। ऐसी स्थिति में कालसर्प योग उत्पन्न होता है। जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष बनता है, उनके जीवन में अनेक तरह की परेशानियां आती है। ज्योतिषी बताते हैं कि काल सर्प योग भी 12 प्रकार के होते हैं और सबका अलग अलग प्रभाव होता है। काल सर्प दोष से संतान प्राप्ति में बाधा आती है। इसके अलावा नौकरी, व्यापार में भी आर्थिक रूप से नुकसान होता है। वहीं, घर में नकारात्मकता बनी रहती है, जिससे दंपती के बीच भी संबंध खराब रहते हैं। तो चलिए जानते हैं काल सर्प दोष दूर करने के उपाय।

कालसर्प दोष निवारण उपाय

Kaal Sarp Dosh nivaran upay
कुंडली में कब बनता है कालसर्प दोष? इसका जीवन पर कैसे पड़ता है प्रभाव, जानें उपाय: Kalsarpa Dosh Upay 5

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए मोरपंख वाली श्रीकृष्ण जी की मूर्ति घर के मंदिर में विधिवत रूप से स्थापित करनी चाहिए। साथ में रोज सुबह—शाम श्री कृष्ण की पूजा करते हुए ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।

इसके अलावा सोमवार को भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए। महादेव का रुद्राभिषेक करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, नागों की पूजा करने से भी काल सर्प दोष से छुटकारा मिलता है। आप अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक, पद्म, महापद्म, शंख और कुलिक की पूजा करके काल सर्प दोष से बच सकते हैं।

काल सर्प दोष को दूर करने के लिए जातक को काल सर्प दोष निवारण यंत्र की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा सर्प मंत्र व सर्प गायत्री मंत्र का विधिवत जाप करना चाहिए। भैरव देव की उपासना करना भी कालसर्प दोष को दूर करता है।

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