Dhruv Rathee accuses 'Dhurandhar' of spreading dangerous propaganda
Dhruv Rathee accuses 'Dhurandhar' of spreading dangerous propaganda

Summary: रणवीर सिंह की फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता और पॉलिटिकल बहस

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ इस समय सिर्फ़ अपनी रिकॉर्डतोड़ कमाई के लिए ही नहीं, बल्कि अपने पॉलिटिकल कंटेंट के कारण भी चर्चा में है। फिल्म में भारत का एक जासूस पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क में घुसकर उसे अंदर से खत्म करने की कोशिश करता है। इसमें भारत की तीन बड़ी आतंकी घटनाओं 1999 का IC 814 हाईजैक, 2001 का संसद हमला और 26/11 मुंबई हमले को करीब से दिखाया गया है।

Dhruv Rathee vs Dhurandhar Controversy: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ इन दिनों सिर्फ़ अपनी रिकॉर्डतोड़ कमाई की वजह से नहीं, बल्कि अपने पॉलिटिकल कंटेंट को लेकर भी लगातार चर्चा में बनी हुई है। जहां एक ओर धुरंधर फिल्म को उसके टाइट स्क्रीनप्ले, दमदार एक्शन और शानदार परफॉर्मेंस के लिए सराहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने इसे लेकर तीखी आलोचना की है। अपने वीडियो में राठी ने आरोप लगाया कि डायरेक्टर आदित्य धर ने फिल्म के ज़रिए “झूठा और खतरनाक प्रोपेगेंडा” फैलाने की कोशिश की है। हालांकि, इस आलोचना के बीच फिल्म से जुड़े कलाकार अंकित सागर और दानिश पंडोर सामने आए और उन्होंने फिल्म के पॉलिटिकल मैसेजिंग का बचाव करते हुए इसे रिसर्च पर आधारित और अपने-अपने नज़रिए से सही ठहराया।

Ankit Sagar
Ankit Sagar clarified about the dialogues in the film.

दरअसल, फिल्म में जावेद खानानी का रोल निभाने वाले एक्टर अंकित सागर से जब आर. माधवन के किरदार अजय सान्याल को लेकर सवाल किया गया, जिसे फिल्म में मोटे तौर पर भारत के नासा अजीत डोभाल से जोड़ा जा रहा है, तो उनसे यह भी पूछा गया कि फिल्म में कहा गया डायलॉग “एक हिंदुस्तानी ही दूसरे हिंदुस्तानी का सबसे बड़ा दुश्मन है” क्या डायरेक्टर आदित्य धर के किसी एजेंडे को आगे बढ़ाता है। इस पर अंकित सागर ने साफ कहा कि वह खुद राजनीति से दूरी बनाकर रखते हैं। उन्होंने समझाते हुए कहा कि जिस समय की घटनाओं पर फिल्म बनी है, उस दौर में देश के हालात ऐसे ही थे। उनके मुताबिक, फिल्म में दिखाए गए पहलुओं पर ज़रूर रिसर्च की गई होगी और डायरेक्टर ने उसी के आधार पर कहानी को पर्दे पर उतारा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि एक एक्टर होने के नाते वह इन राजनीतिक फैसलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन उनका मानना है कि फिल्म में जो दिखाया गया है, वह उस समय की परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है।

Statement by Danish Pandor
Statement by Danish Pandor

फिल्म में रहमान डकैत के रिश्तेदार का किरदार निभाने वाले दानिश पंडोर ने कहा कि यह पूरा मुद्दा बहुत सब्जेक्टिव है। उनके अनुसार, 26/11 जैसी घटनाओं को नकारा नहीं जा सकता। फिल्म में दिखाई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग और हालात दर्शकों को यह महसूस कराते हैं कि उस समय बंधकों और आम लोगों पर क्या बीती होगी।उन्होंने ज़ोर दिया कि फिल्म का मकसद सहानुभूति जगाना है, न कि सिर्फ़ राजनीति करना।

YouTube video

ध्रुव राठी ने फिल्म पर सीधा हमला बोला है। अपने नए वीडियो में उन्होंने कहा कि डायरेक्टर आदित्य धर ने फिल्म के ज़रिए “झूठा और खतरनाक प्रोपेगेंडा” फैलाने की कोशिश की है। राठी का कहना है कि कमजोर फिल्में ज़्यादा नुकसान नहीं करतीं, लेकिन जब कोई फिल्म अच्छी तरह बनी हो और साथ में एकतरफा नैरेटिव दिखाए, तो उसका असर कहीं ज़्यादा गहरा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म सिर्फ़ “एक कहानी” नहीं है, क्योंकि इसमें 26/11 के असली फुटेज, आतंकियों और उनके हैंडलर्स की ऑडियो रिकॉर्डिंग और असली जगहों के रेफरेंस दिखाए गए हैं।

अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो जारी करने से पहले, राठी ने X पर पोस्ट किया था, “एक यूट्यूब वीडियो 300 करोड़ रुपये की प्रचार फिल्म को बर्बाद करने के लिए काफी है और मैं आपको गारंटी देता हूं कि इस वीडियो के बाद जो हंगामा होगा वह बहुत भयानक होगा। वे इसके लिए तैयार नहीं हैं। आज रात जारी कर रहा हूं।”

आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ ने रिलीज़ होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। दमदार एक्शन, टाइट स्क्रीनप्ले और बड़ी स्टारकास्ट की वजह से फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। महज़ 16 दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में 800 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई कर ली है, लेकिन जितनी तेज़ इसकी कमाई है, उतनी ही तेज़ इसके पॉलिटिकल मैसेज को लेकर बहस भी छिड़ गई है।

मेरा नाम नमिता दीक्षित है। मैं एक पत्रकार हूँ और मुझे कंटेंट राइटिंग में 3 साल का अनुभव है। मुझे एंकरिंग का भी कुछ अनुभव है। वैसे तो मैं हर विषय पर कंटेंट लिख सकती हूँ लेकिन मुझे बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल के बारे में लिखना ज़्यादा पसंद...