Dream Astrology: ज्योतिष शास्त्र में, बुरे सपने या दुःस्वप्न को अक्सर मनोवैज्ञानिक या आध्यात्मिक गड़बड़ी की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाता है। ज्योतिष में मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति काल सर्प दोष से पीड़ित होता है, तो उसे बार-बार ऐसे सपने आ सकते हैं जो परेशान करने वाले होते हैं और उन्हें सपने में बार-बार मृत व्यक्ति दिखाई देते हैं। इन सपनों में आप सांप से लड़ाई भी देख सकते हैं या फिर बार-बार खुद को चोटिल अवस्था में देखते हैं।
अंधेरे की गहराइयों में, सोते हुए अवस्था में हमारा मन एक अलग ही दुनिया की सैर पर निकल जाता है, जहां अजीबोगरीब घटनाएं घटती हैं और परिचित चेहरे कभी-कभी अपरिचित रूप में सामने आते हैं। यही सपनों का संसार है, जो हमारे लिए हमेशा ही रहस्य का विषय रहा है। सपने मनोरंजन का जरिया तो हो सकते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में उन्हें हमारी भावनाओं, आशंकाओं और इच्छाओं का आईना माना जाता है। कभी-कभी तो सपने भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत भी दे जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में सपनों का गहरा महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि सपने हमारे अवचेतन मन की झलक दिखाते हैं और आने वाले भविष्य के संकेत देते हैं। यदि आपके सपनों में बार-बार मृत व्यक्ति दिखाई देते हैं, तो यह चिंता का विषय हो सकता है, खासकर यदि आप इन सपनों का अर्थ समझने में असमर्थ हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि यह काल सर्प दोष का संकेत हो सकता है।
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क्या होता है काल सर्प दोष
ज्योतिष शास्त्र में, काल सर्प दोष को एक अत्यंत अशुभ स्थिति माना जाता है। यह तब बनता है जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं, मानो एक सांप कुंडली को घेर रहा हो। ज्योतिषियों का मानना है कि यह स्थिति जीवन में अनेक बाधाओं और परेशानियों का कारण बन सकती है। काल सर्प दोष के प्रभाव में वैवाहिक जीवन में कलह, संतान प्राप्ति में बाधा, परिवार में कलह, मानसिक अशांति, चिंता, अवसाद, नौकरी में अस्थिरता, पदोन्नति में रुकावटें, व्यापार में घाटा, आर्थिक तंगी, गंभीर बीमारियां, दुर्घटनाएं, मानसिक तनाव, कमजोरी, थकान, नकारात्मक विचारों में वृद्धि, आत्मविश्वास की कमी, लक्ष्यहीनता आदि ।
कुंडली में काल सर्प दोष के होने से आते है बुरे सपने
ज्योतिष शास्त्र में, बुरे सपने या दुःस्वप्न को अक्सर मनोवैज्ञानिक या आध्यात्मिक गड़बड़ी की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाता है। यह माना जाता है कि जब किसी व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प दोष होता है, तो यह दोष उसकी मानसिक शांति और जीवन के अन्य पहलुओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
काल सर्प दोष तब होता है जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आते हैं। इस दोष के प्रभाव से व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें से एक प्रमुख समस्या बार-बार आने वाले बुरे सपने या दुःस्वप्न हैं।
सपने में मृतक और काल सर्प दोष का संबंध
ज्योतिष का मानना है कि मृत व्यक्तियों से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा सपनों में आ सकती है, खासकर यदि वे बार-बार दिखाई देते हों। यह ऊर्जा काल सर्प दोष का संकेत हो सकती है। माना जाता है कि स्वर्गवासी कभी-कभी सपनों के माध्यम से अधूरे कार्यों को पूरा करने या किसी संदेश को देने के लिए आते हैं।
यदि सपने में मृत व्यक्ति भयानक या नकारात्मक रूप में दिखाई देते हैं, तो यह आने वाली परेशानियों या खतरों का संकेत हो सकता है।
