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दिवाली का त्योहार माने खुशियां, रोशनी, चमक और पूजा-पाठ। पूजा-पाठ की दिवाली के समय खासतौर पर अलग ही अहमियत होती है। इस दिन सभी हिन्दू परिवारों में माता लक्ष्मी और गणेश भगवान को खास मुहूर्त में पूजा जाता है। फिर आशीर्वाद में खुशहाली मांगी जाती है और धन भी। लेकिन ये मांगे पूरी तभी होती हैं, जब पूजा में कोई कमी न रखी गई हो। ये वो कमियां हैं, जो ज्यादातर बार अंजाने में हो जाती हैं। दरअसल ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि दिवाली की पूजा में किए जाने वाले ये काम गलतियां भी हो सकते हैं। फिर जब पता ही नहीं है कि गलतियां हैं तो फिर इनको सुधारेंगे कैसे। इसलिए हम आपको बता रहे हैं दिवाली की पूजा में की जाने वाली वो गलतियां, जिनके बारे में शायद आप न जानती हों-
मूर्तियां, रखीजाएंऐसे–
मूर्तियों को बाजार से खरीद लाने के बाद पूजा में यूंहीं रख देने का असर गलत होता है। इन मूर्तियों को एक खास क्रम में ही रखा जाना चाहिए। ऐसा न करने पर फल पूरा नहीं मिलता है। इसके लिए बाएं से दाएं के क्रम में मूर्तियों को ऐसे रखें-
भगवान गणेश
लक्ष्मी जी
भगवान विष्णु
मां सरस्वती
मां काली
लक्ष्मण
श्रीराम
मां सीता
तोहफे में लेदर नहीं-
दिवाली में तोहफा देने का चलन है। अक्सर इस तोहफे को पूजा में भी रख लिया जाता है। लेकिन याद रखिए तोहफे में कभी भी लेदर न दें और मिठाई जरूर दें।
आरती में शोर-
अक्सर आरती के समय लोग खूब तेज ताली बजाते हैं। लेकिन दिवाली पूजा में ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। इस वक्त आरती भी बहुत तेज आवाज में कहना सही नहीं होता है। दरअसल माना जाता है कि देवी लक्ष्मी को शोर से घृणा होती है।
पूजा घर के आस-पास गंदगी-
दिवाली पूजा में जब लोग पूरे घर को साफ नहीं कर पाते हैं तो अक्सर सिर्फ पूजा घर की सफाई करके ही काम चला लेते हैं। लेकिन सबको याद रखना चाहिए कि पूजा स्थल के आसपास भी गंदगी बिलकुल न हो। लक्ष्मी जी वहीं रहती हैं, जहां सच्चाई, दया और साफ-सफाई हो। इसलिए सफाई का खास ध्यान रखें।
विष्णु जी की पूजा-
ज्यादातर लोग लक्ष्मी मां और गणेश भगवान की पूजा ही दिवाली पर करते हैं। जबकि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा भी जरूरी होती है।
दिशा है खास-
दिवाली पूजा के समय घर के सभी सदस्यों का मुंह उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। पूजा कक्ष भी उत्तर-पूर्व की दिशा की ओर हो तो अच्छा है।
दियों की संख्या-
दिवाली पर दिए जलाना अच्छी बात है लेकिन कितने भी दिए जला देने से अच्छा है कि इनको 11, 21 या 51 की संख्या में रखें। ये संख्या शुभ होती है।
गणेश भगवान की मूर्ति-
भगवान गणेश की मूर्ति पर भी आप लोगों को ध्यान देना होगा, तभी पूजा सफल कहलाएगी। भगवान गणेश की वही मूर्ति पूजा में रखें, जिसमें वो बैठी मुद्रा में हों और सूंड दायी तरफ हो।