टीनेज में शरीर के बदलाव को कैसे करें स्‍वीकार: Changes in Puberty
Changes in Puberty

Changes in Puberty: टीनेज हर बच्‍चे की जिंदगी का अहम पड़ाव होता है। ये किसी के लिए जीवन का एक कठिन पहलू होता है तो कोई इस फेज को इंज्‍वाय करता है। टीनेज के दौरान हमारा शरीर महत्‍वपूर्ण परिवर्तनों से गुजरता है जिसमें असुरक्षा और आत्‍म-सम्‍मान की कमी होना स्‍वभाविक है। इस उम्र में मुंहासे, शरीर में बदलाव, आवाज में परिवर्तन, वजन, दाढ़ी-मूंछ निकलना सामान्‍य लक्षण हैं। लेकिन कई बार टीनेजर्स शरीर में होने वाले बदलावों को अधिक गंभीरता से लेने लगते हैं। जिस वजह से उनमें शर्मिंदगी, झिझक, डिप्रेशन, ईटिंग डिसऑर्डर और कई तरह की मानसिक परेशानियां उत्‍पन्‍न होने लगती हैं। ऐसी स्थिति में बच्‍चे को संभालना और उन्‍हें समझाना बेहद जरूरी होता है। खासकर टीनेटर्स को आगे बढ़कर इस समस्‍या का समाधान निकालना होगा। तो चलिए जानते हैं कि टीनेजर्स शरीर में होने वाले बदलावों को कैसे एक्‍सेप्‍ट करें और उससे निपटें।

नॉलेज बढ़ाएं

Changes in Puberty
Increase knowledge

टीनेजर्स सबसे कमजोर वर्ग है। वे अपने शरीर के संबंध में कम आत्‍म-सम्‍मान विकसित करते हैं। ऐसे में बच्‍चों को पूरे आत्‍मविश्‍वास के साथ चीजों को एक्‍सेप्‍ट करने की आवश्‍यकता है। यदि छोटी-छोटी चीजों पर ध्‍यान दिया जाए तो टीनेजर्स चीजों को आसान बना सकते हैं। शरीर में होने वाले बदलावों को एक्‍सेप्‍ट करने के लिए है जरूरी है कि अपनी नॉलेज को अपडेट करें। नॉलेज बढ़ाने से शरीर में होने वाले बदलावों को समझने और उसे सहज बनाने में आसानी होगी। सही जानकारी प्राप्‍त करने के लिए पेरेंट्स और टीचर्स की भी मदद ले सकते हैं। कई बार गूगल और इंटरनेट ने प्राप्‍त की गई जानकारी आधी अधूरी होती है जिससे मानसिक समस्‍याएं भी उत्‍पन्‍न हो सकती है। सोशल मीडिया में दिखाई गई जानकारी पर अधिक भरोसा न करें।

रियलिटी को एक्‍सेप्‍ट करें

शरीर में होने वाले परिवर्तन प्राकृतिक और स्‍वभाविक होते हैं, जिसे चाह कर भी बदला नहीं जा सकता। इसलिए रियलिटी को जितनी जल्‍दी एक्‍सेप्‍ट किया जाए उतना बेहतर होगा। टीनेजर्स को इस बात पर ध्‍यान देना चाहिए कि शरीर में जो बदलाव होते हैं वे सकारात्‍मक होते हैं, जो उम्र के साथ होने जरूरी है। इसलिए अपने शरीर को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति न पालें बल्कि टीनेजरहुड को इंज्‍वॉय करें।

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दूसरों से तुलना न करें

टीनेज की समस्‍याएं
Don’t compare with others

हर टीनेजर एक समान बदलाव और फेज से गुजरता है, बस बदलाव का समय और तरीका अलग हो सकता है। शरीर में होने वाले बदलाव में जेनेटिक और पोषक तत्‍वों अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए बच्‍चों को एक-दूसरे से तुलना करने से बचना चाहिए। बच्‍चे इस विषय में अपने बराबर के दोस्‍तों से बात कर सकते हैं ताकि दूसरे को होने वाली समस्‍याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्‍त हो सके। इन बदलावों को हमेशा सकारात्‍मक रूप से लेना चाहिए।

खुद के साथ सहज बनें

शारीरिक बदलाव बॉडी इमेज और सेल्‍स एस्‍टीम बनाने में महत्‍वपूर्ण योगदान देता है। टीनेजर कई बार खुद को सेलिब्रिटी और अपने दोस्‍तों से कंपेयर करने लगते हैं। जिसकी वजह से वे खुद को कमतर महसूस कराते हैं और गिल्‍ट में जीने लगते हैं। इसलिए टीनेज में जरूरी है कि बच्‍चे हेल्‍दी रहें और अपने सकारात्‍मक गुणों पर ध्‍यान केंद्रित करें।

रिस्‍पेक्‍ट करें

टीनेज की समस्‍याएं
Please respect

बदलावों को सकारात्‍मक रूप से लेते हुए अपनी हाईजीन और एक्टिविटी पर फोकस करें। इस उम्र में हाईजीन का ध्‍यान रखना जरूरी है। इसके अलावा फिजिकल सेल्‍फ कॉन्‍फीडेंस को बढ़ाने के लिए फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ाएं। ये आपको हेल्‍दी रखने और स्‍ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है। बॉडी की रिस्‍पेक्‍ट करने से चीजों को एक्‍सेप्‍अ करना आसान हो जाएगा।

सही खाएं

टीनेज में बच्‍चे खाने को लेकर काफी चूजी हो जाते हैं। इस उम्र में बैलेंस्‍ड डाइट जिसमें साबुत अनाज, सब्जियों और फलों को शामिल करना जरूरी है। इससे ब्‍लड वॉल्‍यूम और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। पेरेंट्स चाहें तो किसी डाय‍टीशियन से डाइट चार्ट बनवा सकते हैं।