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टीनेज में बच्चों को हो रही है वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या। बढ़ती उम्र के साथ टीनेजर्स को रखना चाहिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान।
Vaginal Dryness: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में बदलाव आना सामान्य है लेकिन बदलते क्लाइमेट और लाइफस्टाइल की वजह से टीनऐज में ही लड़कियों को पीरियड से संबंधित समस्या और वेजाइनल ड्राइनेस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। वेजाइनल ड्रायनेस यानी योनि में सूखापन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें योनि में पर्याप्त नमी की कमी होती है। यह समस्या युवाओं को भी हो सकती है और इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि इस विषय पर टीनेजर्स के लिए खुलकर बात करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसके कारणों और लक्षणों को समझना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। तो चलिए जानते हैं इसके कारण और उपचार के बारे में।
टीनेज में क्यों हो रहा है वेजाइनल ड्राइनेस

वेजाइनल ड्रायनेस यानी योनि में सूखापन हार्मोनल बदलाव, दवाइयों, तनाव या अपर्याप्त उत्तेजना के कारण हो सकता है। युवा महिलाओं में हार्मोनल उतार-चढ़ाव, जैसे कि मासिक धर्म में अनियमितता, गर्भनिरोधक दवाओं का उपयोग या कुछ दवाइयां, नमी के संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा कैमिकलयुक्त साबुन से बार-बार धोना या डूशिंग योनि के प्राकृतिक पीएच संतुलन को बिगाड़ सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार योनि अपनी सफाई स्वयं करती है इसे अतिरिक्त साबुन की जरूरत नहीं होती।
वेजाइनल ड्रायनेस के लक्षण
योनि में सूखापन का सबसे बड़ा लक्षण है नमी की कमी। टीनेज में पानी का कम सेवन इस स्थिति को बढ़ावा दे सकता है। यह संभोग के दौरान असुविधा या दर्द का कारण बन सकता है। इसके अलावा, खुजली और जलन जैसे लक्षण भी हो सकते हैं, जो परेशानी को और बढ़ाते हैं। टीनेज में बार-बार होने वाली ये समस्याएं मामूली जलन नहीं, बल्कि किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकती हैं। योनि में सूखापन संक्रमण की संभावना को भी बढ़ाता है।
वेजाइनल ड्रायनेस से बचने के उपाय

– पर्याप्त पानी पीना भी योनि के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। यह न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि योनि में नमी बनाए रखने में भी मदद करता है।
– जीवनशैली में बदलाव कर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
– हार्ष साबुन, डूशिंग या सुगंधित उत्पादों का उपयोग पूरी तरह से बंद कर दें। इससे योनी के नाजुक ऊतकों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बजाय, हल्के, बिना सुगंध वाले क्लींजर का उपयोग करें।
– लंबे समय तक राहत के लिए, ओवर-द-काउंटर वेजाइनल मॉइस्चराइजर का उपयोग किया जा सकता है। ये उत्पाद योनि के ऊतकों को हाइड्रेट रखते हैं।
– इसके अलावा, सोयाबीन, अलसी, छोले और बेरी जैसे एस्ट्रोजन युक्त खाद्य पदार्थ हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
– टीनेज में किसी भी प्रकार की हार्मोनल मेडिसिन का सेवन न करें इससे समस्याएं आ सकती हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
– यदि लक्षण बार-बार या गंभीर हों, तो चिकित्सक से संपर्क करें
– खुलकर बात करने से सही निदान और उपचार में मदद मिलती है।
– चिकित्सक हार्मोन थेरेपी या अन्य उपचार सुझा दे सकता है। इसलिए पूरा डोज कंपलीट करें।
– वेजाइनल ड्रायनेस की स्थिति में योनी को रगड़ने या खुजलाने से बचें।
– नियमित रूप से अपनी अंडरगारमेंट्स बदलें।
– हाइजीन का ध्यान रखें।
